फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Police broke the magic of Sotiganj in 181 days

पुलिस ने 181 दिन में तोड़ दिया सोतीगंज का तिलिस्म

Sun, 12 Dec 2021 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
Police broke the magic of Sotiganj in 181 days
पुलिस ने 181 दिन में तोड़ दिया सोतीगंज का तिलिस्म
विज्ञापन

मेरठ। कई राज्यों की पुलिस के लिये सिरदर्द बना सोतीगंज का दशकों पुराना तिल्सिम तोड़ दिया है। 181 दिन में कप्तान प्रभाकर चौधरी की कार्रवाई से कबाड़ियों की कमर टूट गई है। ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिये कप्तान ने अग्रिम आदेश तक सोतीगंज में पुराने सामान बेचने वाली दुकानों को पूरी तरह से बंद करा दिया है।
कबाड़ियों की ही नहीं, पुलिस वालों की गर्दन कार्रवाई में फंसी है। खाकी के बड़े एक्शन के बाद वाहन चोरी में कमी मेरठ और आसपास के जिलों में भी जल्द देखने को मिलेगी। सोतीगंज के कबाड़ियों के पुराने मुकदमों की पुन: विवेचना के बाद कई रहस्य भी सामने आएंगे। जिसमें शातिर कबाड़ियों और वर्दीधारी की साठगांठ की पोल खुली। सोतीगंज पर बंद करने की कार्रवाई से कबाड़ियों और कई पुलिसकर्मियों की धड़कन बढ़ रही है। 15 जनू 2021 को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मेरठ की कमान संभाली और तत्कालीन इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को चेतावनी दी कि सोतीगंज का दाग खाकी पर न लगा दें। उसी इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार का मुकदमा सदर बाजार थाने में दर्ज करा दिया। सोतीगंज से जुड़े पुलिसकर्मियों को हटाया और 12 जुलाई को सोतीगंज में वाहन काटने का पहला मुकदमा दर्ज कराया। एक के बाद 15 नये मुकदमे सोतीगंज में दर्ज कराए। पुुराने मुकदमे में शामिल सोतीगंज के बड़े माफियाओं के खिलाफ चार गैंगस्टर के मुकदमें दर्ज कराए।
विज्ञापन

सोतीगंज में चोरी-लूट के वाहन काटने और बेचने वाले 300 दुकान व गोदामों को पुलिस ने छांट लिया है। 15 मुकदमे और गैंगस्टर की विवेचना के लिये आईपीएस सूरज राय एएसपी कैंट को लगाया है। सोतीगंज के कई बड़े कबाड़ी जेल में बंद कराए है। इसके बावजूद वाहनों के कटान व पार्ट्स बेचने का धंधा सोतीगंज में चल रहा है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात समेत कई राज्यों से गाड़ियों चोरी हो रही है। मेरठ पर सोतीगंज का यह बदनुमा दाग मिटाने के लिये एसएसपी ने अब बड़ी कार्रवाई कर दी। सोतीगंज की मार्केट बंद करा दी। दावा किया है कि विवेचना में पार्ट्स बेचने वाले दुकानों के नाम सामने आए है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई जिलों में कबाड़ियों पर मुकदमे
सोतीगंज में वाहन काटने और पार्ट्स बेचने वाला शायद ही कोई कबाड़ी होगा, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज न हो। मेरठ में 216 कबाड़ियों पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, उड़ीसा और राजस्थान में भी मुकदमे कबाड़ियों पर दर्ज है। जिनका पुलिस ने पूरा रिकार्ड खंगाला है। पुलिस का दावा कि 1000 से ज्यादा मुकदमे कबाड़ियों पर है।
संसद तक गूंजा था मुद्दा
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कई बार सोतीगंज में चोरी के वाहन काटने का मामला संसद में उठाया। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही थी। सोतीगंज में पुलिस की मजबूत साठगांठ है। पुलिसवालों के फोटो कबाड़ियों के साथ मौजमस्ती के वायरल भी ह़ुए। एसएसपी ने पहले सोतीगंज से जुड़े पुलिसवालों केे गठजोड़ तोड़ा और फिर सोतीगंज पर कार्रवाई कर दी।
क्या है 91 सीआरपीसी की कार्रवाई
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना कि धारा 91 सीआरपीसी की कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास है। विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाने के लिये दुकान बंद कराई जा सकती है। पुलिस अधिकारी इस धारा के तहत एक समन लिखित में दुकानदार या कबाड़ी को भेजते है। जिसमें उनके द्वारा बेचे जा रहे सामान का विवरण मांगा जाता है। विवरण उपलब्ध न कराने तक अधिकारी दुकान या गोदाम बंद करा सकते है। इसके लिये समय भी निर्धारित है।

नये सामान और सर्विस की दुकानें खुलेंगी
एएसपी कैंट सूरज राय के मुताबिक, सोतीगंज में जीएसटी देकर नए सामान की खरीद-फरोख्त और वाहनों की सर्विस करने वाली सब दुकानें खुलेंगी। वहीं, पुराने पार्ट्स बेचने वाली सभी दुकानें अग्रिम आदेश तक बंद कराई गई हैं। इन कबाड़ियों को अपनी दुकान में रखे हर सामान की जानकारी देनी होगी, जिसकी पुलिस और जीएसटी सत्यापन कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed