{"_id":"617327c06c13002ebe05a6e4","slug":"police-barrier-setting-of-mafia-and-indiscriminate-recovery-city-news-mrt5618493159","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस का बैरियर, माफिया की सेटिंग और धड़ल्ले से वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस का बैरियर, माफिया की सेटिंग और धड़ल्ले से वसूली
विज्ञापन
पुलिस का बैरियर, माफिया की सेटिंग और धड़ल्ले से वसूली
मेरठ। बागपत रोड पर पुलिस का बैरियर, माफियाओं की सेटिंग व फिर धड़ल्ले से वसूली का धंधा सालों से चल रहा था। फर्जी तरीके से वसूली शुल्क सेंटर बनाया हुआ था। इसका विरोध करने पर पुलिस को बुलाकर रौब चलाते थे। इस गैंग का नेटवर्क मेरठ के अलावा, गाजियाबाद समेत कई जिलों में भी है।
पैठ से पशु खरीदकर वाहनों में लादने वालों से वसूली करने का धंधा टीपीनगर पुलिस की साठगांठ से चल रहा था। रोजाना यह गिरोह दो लाख रुपये की वसूली कर रहा था। इसका हिस्सा थाना पुलिस में जाता था। गिरोह के कई लोगों ने अपने ट्रक तक बना लिए, जोकि पशुओं को लाने का काम करने लगे थे। इनके ट्रक से कोई वसूली नहीं होती थी। आशुतोष नेताजी और अक्षय भड़ाना की पुलिस से तगड़ी साठगांठ थी। बताया जा रहा है कि सिपाही से लेकर ऊपर तक पैसा जाता था। सिपाहियों को पांच हजार रुपये देने की बात सामने आई है।
सदर बाजार प्रकरण के बाद टारगेट पर था टीपीनगर
सदर बाजार के बाद टीपीनगर थानाक्षेत्र टारगेट पर था। एसएसपी द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर भी पुलिसकर्मियों की शिकायत आ रही थी। 31 अगस्त को तत्कालीन सदर इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा व हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ था। 12 अगस्त को गंगानगर थाने में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 21 अक्तूबर को हेड कांस्टेबल मीनाक्षी चौधरी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
135 पुलिसकर्मियों पर हो चुकी कार्रवाई
चार महीने के कार्यकाल में एसएसपी ने 135 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराई है। मेरठ का चार्ज लेते ही थानों में जमे 75 पुलिसकर्मी एक साथ लाइन में भेजे थे।
विज्ञापन
मेरठ। बागपत रोड पर पुलिस का बैरियर, माफियाओं की सेटिंग व फिर धड़ल्ले से वसूली का धंधा सालों से चल रहा था। फर्जी तरीके से वसूली शुल्क सेंटर बनाया हुआ था। इसका विरोध करने पर पुलिस को बुलाकर रौब चलाते थे। इस गैंग का नेटवर्क मेरठ के अलावा, गाजियाबाद समेत कई जिलों में भी है।
पैठ से पशु खरीदकर वाहनों में लादने वालों से वसूली करने का धंधा टीपीनगर पुलिस की साठगांठ से चल रहा था। रोजाना यह गिरोह दो लाख रुपये की वसूली कर रहा था। इसका हिस्सा थाना पुलिस में जाता था। गिरोह के कई लोगों ने अपने ट्रक तक बना लिए, जोकि पशुओं को लाने का काम करने लगे थे। इनके ट्रक से कोई वसूली नहीं होती थी। आशुतोष नेताजी और अक्षय भड़ाना की पुलिस से तगड़ी साठगांठ थी। बताया जा रहा है कि सिपाही से लेकर ऊपर तक पैसा जाता था। सिपाहियों को पांच हजार रुपये देने की बात सामने आई है।
विज्ञापन
सदर बाजार प्रकरण के बाद टारगेट पर था टीपीनगर
सदर बाजार के बाद टीपीनगर थानाक्षेत्र टारगेट पर था। एसएसपी द्वारा जारी मोबाइल नंबर पर भी पुलिसकर्मियों की शिकायत आ रही थी। 31 अगस्त को तत्कालीन सदर इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा व हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ था। 12 अगस्त को गंगानगर थाने में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 21 अक्तूबर को हेड कांस्टेबल मीनाक्षी चौधरी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ था।
विज्ञापन
135 पुलिसकर्मियों पर हो चुकी कार्रवाई
चार महीने के कार्यकाल में एसएसपी ने 135 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराई है। मेरठ का चार्ज लेते ही थानों में जमे 75 पुलिसकर्मी एक साथ लाइन में भेजे थे।