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‘मेंढक’ ने मुंगेर से लिया प्रशिक्षण, मेरठ में बनाए हथियार, दिल्ली-एनसीआर में करता था सप्लाई

Sun, 31 Mar 2019 10:52 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 31 Mar 2019 10:52 AM IST
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Police arrested illegal weapons trader in Meerut, supplied in Delhi NCR
एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मेरठ में गोलकुआं इस्लामाबाद निवासी असलहा सप्लायर समीर उर्फ मेंढक पुत्र यूसुफ ने मुंगेर (बिहार) के असलहा माफिया शादुल से पिस्टल बनाना सीखा था। वहां से ट्रेनिंग लेने के बाद मेरठ आए मेंढक ने जहां लिसाड़ी गेट में पिस्टल और तमंचे की फैक्टरी खोलकर हथियार सप्लाई किए तो कई लोगों को पिस्टल का कारीगर बनाया। कई बार जेल गए मेंढक की गैर मौजूदगी में उसके गुर्गे पिस्टल और तमंचे बनाकर दिल्ली-एनसीआर और मेरठ जोन के जनपदों में सप्लाई करते थे। 
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यह खुलासा एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने लिसाड़ी गेट में पिस्टल फैक्टरी पकडे़ जाने के बाद प्रेस वार्ता में किया। एसएसपी के अनुसार मेंढक की तमंचा-पिस्टल बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ होने के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आईं। मेंढक के साथ उसका साथी सलीम भी दबोचा गया। दोनों शातिर हैं। 
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मेंढक लंबे समय से पिस्टल बनाता आ रहा था। करीब चार माह पूर्व ही दिल्ली और मेरठ पुलिस ने मेंढक को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। उसके पैर में गोली लगी थी। उसके कब्जे से 84 पिस्टलें बरामद हुईं थीं। पुलिस ने उसे हथियार सप्लायर समझा। लेकिन वह इससे कई आगे निकला। पुलिस ने उसका पुराना रिकार्ड खंगाला तो उस पर दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज मिले।

शादुल का चेला हूं...
इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट नजीर अली खां के मुताबिक मेंढक ने पूछताछ में बताया कि मैं मुंगेर निवासी शादुल का चेला हूं। शादुल ने ही उसे पिस्टल बनाना सिखाया। शादुल फिलहाल जेल में है। शादुल को साजिश रचने का मुल्जिम बनाया जा रहा है। जहीरुद्दीन निवासी सराय बहलीम कोतवाली और नवेद निवासी ऊंचा पीर किदवईनगर ने उसे पिस्टलों का ऑर्डर दिया था। उनके लिए पिस्टल तैयार की जा रही थीं। 

तीन में तमंचा, 25 हजार में पिस्टल  
एसएसपी ने बताया कि आरोपी तीन हजार में तमंचा और 25 हजार में पिस्टल बेचते थे। एक पिस्टल तैयार करने में चार हजार रुपये खर्च होते हैं। वह सैकड़ों पिस्टल बेच चुके हैं। हथियार सप्लाई करने के लिए उनके साथी अलग-अलग जिलों में फैले हैं। 

देसी अंदाज में तैयार करते पिस्टल 
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के मुताबिक मेंढक से एक डाई बरामद हुई है, जिससे पिस्टल का ढांचा तैयार करते हैं। मेंढक ने बताया कि डाई को मिट्टी में दबाकर एल्युमीनियम को उसमें पिघलाकर डालते हैं। कुछ देर बार डाई में पिस्टल का ढांचा तैयार हो जाता है।

उसके बाद चाप, मैगजीन, हैमर, ट्रिगर, सेफ्टी लॉक लगाकर पिस्टल तैयार करते हैं। चेकिंग के दौरान उससे पिस्टल का ढांचा मिला था। जिसके बाद सख्ती से पूछताछ के बाद पता चला कि उसकी पिस्टल बनाने की फैक्टरी समर गार्डन लिसाड़ी गेट में चल रही है। पुलिस ने वहां छापा मारकर दो पिस्टल व एक रिवाल्वर, 47 तमंचे, बने और अधबने पिस्टल आदि बरामद की गईं।

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