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जहरीली शराब कांड: गांव के हर कोने में मची चीख-पुकार, मरने वालों में अधिकतर की आर्थिक स्थिति खराब

Sat, 09 Feb 2019 05:00 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 09 Feb 2019 05:00 PM IST
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Poisonous liquor scandal: most of people financial condition is weak who died in saharanpur
जहरीली शराब
सहारनपुर में मौतों का सिलसिला शुरू हुआ तो रात के सन्नाटे में मच गया कोहराम। गांवों के कोने-कोने से चीखें आनी शुरू हो गईं तो हर कोई सिहर उठा। ग्राम उमाही एवं सलेमपुर समेत जिले के अलग-अलग गांवों में लगभग एक दर्जन लोगों को मौत की नींद सुला दिया। रात में ही परिजन शराब पीने वाले लोगों को अस्पताल लेकर दौड़ पड़े। रात से लेकर दूसरे दिन तक अस्पताल में मरीजों की लाइन लगी रही। 
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ग्राम उमाही में बृहस्पतिवार शाम कुछ लोगों ने आम दिनों की तरह शराब पी और सो गए, लेकिन रात में ही शराब ने असर दिखाना शुरू कर दिया। लोगों की तबियत बिगड़नी शुरू हो गई। मौसम बिगड़ा होने के कारण परिजनों ने सुबह तक का इंतजार किया, लेकिन रात में ही मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। यही हालत ग्राम सलेमपुर में हुई। सुबह तड़के से ही मौत के शिकंजे में फंसने लगे। रात में ही चीख पुकार मच गई।

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गांवों के चारों कोनों से रोने, चीखने की आवाजों ने रात के सन्नाटे को चीरना शुरू किया तो गांव में कोहराम मच गया, जबकि दर्जनों लोगों की शराब पीने से हालत बिगड़ने लगी तो रात में ही अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। दोनों गांवों के जिन लोगों ने भी शराब पी उनका अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया। वहीं, प्रशासन ने पिलखनी स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जिसमें से चार लोगों को नाजुक हालत में वेंटीलेटर पर रखा गया है। रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शरद सचान मेडिकल पहुंचे तथा डॉक्टरों  से लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। 

सहारनपुर। देहरादून चौक स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में बसपाइयों ने जहरीली शराब पीने के कारण मरे लोगों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष शशिपाल, हाजी फजलुरर्हमान, जोन कोआर्डिनेटर नरेश गौतम, जनेश्वर प्रसाद, राव बाब, पूर्व विधायक जगपाल सिंह, रविंद्र मोल्हू रहे। वहीं सपा के जिलाध्यक्ष चौधरी रूद्रसैन ने मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग की।

मरने वालों में ज्यादातर की आर्थिक स्थिति है खराब
मुजफ्फरनगर-गागलहेड़ी मार्ग पर स्थित गांव उमाही के लिए शुक्रवार का दिन मनहूस साबित हुआ। गांव में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। अवैध शराब ने चार लोगों के परिवार को उजाड़ दिया। मरने वालों से अधिकांश की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल है। इनके अलावा शराब बेचने के आरोपी की मौत का कारण कैंसर बताया जा रहा है। वहां पर शुक्रवार को पांच लोगों की मौत हुई है।

गांव उमाही के चार लोग जहरीली शराब की भेंट चढ़ गए। वहां हुई पांच मौतों की सूचना पर तमाम प्रशासनिक एवं पुलिस के अधिकारी अल सुबह ही गांव पहुंच गए। पुलिस के साथ ही पीएसी की एक गाड़ी और दो एंबुलेंस भी गांव में लगा दी गई। गांव उमाही के इमरान पुत्र गफ्फार की मौत के बाद पुलिस प्रशासन को शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। बमुश्किल परिजन इसके लिए तैयार हुए। 50 वर्षीय इमरान पांच बेटों और एक बेटी का पिता था। उनके परिजनों की इच्छा पोस्टमॉर्टम कराने की नहीं थी। बाद में पुलिस प्रशासन के मान मनौव्वल के बाद वह इसके लिए तैयार हुए। 
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32 वर्षीय कंवरपाल पुत्र बलवंत सिंह मजदूरी करता था। उसके चार बच्चों में तीन लड़के और एक लड़की है। परिजनों के अनुसार बडे़ बच्चे की उम्र 17 वर्ष और सबसे छोटे की तीन साल है। परिवार में बच्चों पत्नी के अलावा दो भाई हैं। उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी  खराब है। 

 

27 वर्षीय अरविंद पुत्र मांगेराम मजदूर था। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है। उसके बेटी की उम्र एक वर्ष और बेटी मात्र डेढ़ माह की है। परिजनों ने बताया कि रात करीब आठ बजे उसको उल्टी हुई थी। गांव से उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, बाद में बराड़ा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। 

रामसा के बेटे राजू की मौत मौत गई थी, जबकि उसका दूसरे बेटा राजेश अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। उसके घर की स्थिति बेहद खराब है। उसकी पत्नी ने पन्नी डालकर रसाई बना रखी है। बजुर्ग पिता रामसा ने बताया कि उनका परिवार मजदूरी करता है। 35 वर्षीय राजू तीन बेटों का पिता था। इनमें से सबसे बडे बेटे की आयु 17 और छोटे की उम्र छह वर्ष है। अस्पताल में भर्ती 30 वर्षीय राजेश भी दो बेटों और दो बेटियों का पिता है। 

गांव में शराब बेचने के आरोपी पिंटू की मौत भी शुक्रवार को ही हुई। परिजनों का कहना है कि वह कैँसर से पीडित था। कुछ समय पूर्व उसके पेट का ऑपरेशन हुआ था, जिसमें उसकी आंत भी काटनी पड़ गई थी। परिवार में चार भाई जितेंद्र, मांगेराम, जल सिंह और देशराज हैं। पत्नी के अलावा उसके परिवार में दो लड़के और एक लड़की है।  

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