{"_id":"5ff8b1cd176c50517b4c5c41","slug":"poisonous-liquor-gang-busted-distillery-and-excise-departments-role-suspected-five-arrested-in-meerut","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जहरीली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, डिस्टलरी और आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध, मेरठ में पांच दबोचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जहरीली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, डिस्टलरी और आबकारी विभाग की भूमिका संदिग्ध, मेरठ में पांच दबोचे
Sat, 09 Jan 2021 12:56 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 09 Jan 2021 12:56 AM IST
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जहरीली शराब बनाने वाले गिरोह का मेरठ और मुजफ्फरनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में डिस्टलरी और आबकारी विभाग की भूमिका भी संदिग्ध है। बताया गया कि सरकारी ठेके पर भी यह शराब सप्लाई होती थी। मेरठ पुलिस ने शुक्रवार को पांच आरोपी गिरफ्तार किए। इनका नेटवर्क पश्चिमी उप्र के कई जिलों में फैला है।
एसएसपी मेरठ अजय साहनी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में इस गिरोह का खुलासा किया। पांच आरोपियों पिंटू उर्फ कन्हैयालाल निवासी कंकरखेड़ा, बृजपाल उर्फ टुंडा लाला निवासी दौराला खेड़ी (हाल पता देवलोक देवतापुरम टीपी नगर), वरदान उर्फ विक्रांत निवासी यमुना विहार खतौली, अनुज निवासी गालिबपुर खतौली और राजवीर निवासी मूलचंद विहार खतौली को मीडिया के सामने पेश किया।
एसएसपी ने बताया कि 28 दिसंबर को कंकरखेड़ा और जानी पुलिस ने पेपला गांव में बंद पड़े टीसीई महेंद्र प्रताप सिंह मेमोरियल बीएड कॉलेज में छापा मारा था। यहां जहरीली शराब की फैक्टरी चलती मिली थी। मामले में कंकरखेड़ा व जानी पुलिस छह आरोपियों चौकीदार जाकिर, अमित, विकास, रेखा, सचिन व नीलम को जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरनगर: मंसूरपुर में अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़, सरकारी ठेके के सेल्समैन सहित 13 गिरफ्तार
विज्ञापन
एसएसपी मेरठ अजय साहनी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में इस गिरोह का खुलासा किया। पांच आरोपियों पिंटू उर्फ कन्हैयालाल निवासी कंकरखेड़ा, बृजपाल उर्फ टुंडा लाला निवासी दौराला खेड़ी (हाल पता देवलोक देवतापुरम टीपी नगर), वरदान उर्फ विक्रांत निवासी यमुना विहार खतौली, अनुज निवासी गालिबपुर खतौली और राजवीर निवासी मूलचंद विहार खतौली को मीडिया के सामने पेश किया।
विज्ञापन
एसएसपी ने बताया कि 28 दिसंबर को कंकरखेड़ा और जानी पुलिस ने पेपला गांव में बंद पड़े टीसीई महेंद्र प्रताप सिंह मेमोरियल बीएड कॉलेज में छापा मारा था। यहां जहरीली शराब की फैक्टरी चलती मिली थी। मामले में कंकरखेड़ा व जानी पुलिस छह आरोपियों चौकीदार जाकिर, अमित, विकास, रेखा, सचिन व नीलम को जेल भेज चुकी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें : मुजफ्फरनगर: मंसूरपुर में अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़, सरकारी ठेके के सेल्समैन सहित 13 गिरफ्तार
गिरोह का मुख्य आरोपी पिंटू उर्फ कन्हैया लाल मौके से फरार हो गया था। बृहस्पतिवार रात मुखबिर की सूचना पर इंस्पेक्टर जानी ऋषि पाल सिंह ने पिंटू को कंकरखेड़ा बागपत फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया।
जानकारी पर एसओजी टीम भी मौके पर पहुंच गई। एसएसपी के निर्देश पर जानी पुलिस व एसओजी टीम ने पिंटू की निशानदेही पर बृजपाल टुंडा को गिरफ्तार किया। उसके बाद वरदान, अनुज व राजवीर को जानी थानाक्षेत्र के कलंजरी गांव के बंबा पुल के पास से पकड़ा। उनसे पूछताछ में पता चला कि आरोपी अनुज व वरदान टैंकर के चालक हैं। ये दोनों टैंकरों में आने वाला केमिकल (ईएनए) निकालकर टुंडा को बेचते थे।
ऐसे फैला था गिरोह का नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि टैंकर के चालकों से बृजपाल 16 हजार में केमिकल का एक ड्रम खरीदता था। इसको वह जहरीली शराब बनाने वाले पिंटू को 28 हजार रुपये में बेचता था। पिंटू इस केमिकल को दूसरे जिलों में जहरीली शराब बनाने वालों को 30 हजार रुपये के हिसाब से बेच देता था। गिरोह से मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर निवासी सोनू और विशाल उर्फ मुरली भी जुड़े थे। ये लोग जहरीली शराब की प्रति पेटी 1600 रुपये में खतौली में सरकारी ठेके पर प्रदीप को बेच देते थे।
जानकारी पर एसओजी टीम भी मौके पर पहुंच गई। एसएसपी के निर्देश पर जानी पुलिस व एसओजी टीम ने पिंटू की निशानदेही पर बृजपाल टुंडा को गिरफ्तार किया। उसके बाद वरदान, अनुज व राजवीर को जानी थानाक्षेत्र के कलंजरी गांव के बंबा पुल के पास से पकड़ा। उनसे पूछताछ में पता चला कि आरोपी अनुज व वरदान टैंकर के चालक हैं। ये दोनों टैंकरों में आने वाला केमिकल (ईएनए) निकालकर टुंडा को बेचते थे।
ऐसे फैला था गिरोह का नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि टैंकर के चालकों से बृजपाल 16 हजार में केमिकल का एक ड्रम खरीदता था। इसको वह जहरीली शराब बनाने वाले पिंटू को 28 हजार रुपये में बेचता था। पिंटू इस केमिकल को दूसरे जिलों में जहरीली शराब बनाने वालों को 30 हजार रुपये के हिसाब से बेच देता था। गिरोह से मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर निवासी सोनू और विशाल उर्फ मुरली भी जुड़े थे। ये लोग जहरीली शराब की प्रति पेटी 1600 रुपये में खतौली में सरकारी ठेके पर प्रदीप को बेच देते थे।
गिरोह में मुजफ्फरनगर के कई लोग
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर डिस्टलरी के नाम के रेपर और बोतलें भी कॉलेज से बरामद हुई थीं। गिरोह में मंसूरपुर के कई लोग जुड़े हैं। कंकरखेड़ा पुलिस ने सभी को नामजद आरोपी बनाया था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी बृहस्पतिवार रात कई जगहों पर दबिश देकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर जहरीली शराब भी बरामद की है।
डिस्टलरी और आबकारी को लिखेंगे चिट्ठी
एसएसपी का कहना है कि मामले में मंसूरपुर स्थित डिस्टलरी और आबकारी विभाग को भी चिट्ठी लिखेंगे। पूछताछ में आरोपियों ने कई जानकारियां दी हैं। चंडीगढ़ और पंजाब से केमिकल के टैंकर आते हैं। आबकारी की जिम्मेदारी है कि वह उनकी जांच कर लें। 15 हजार लीटर बताकर 20 हजार लीटर केमिकल टैंकर में लाते थे। पांच हजार लीटर केमिकल बृजपाल टुंडा को बेचते थे। वहीं डिस्टलरी से भी रैपर और बोतलें चोरी हो रही हैं, जिनका प्रयोग जहरीली शराब में किया जा रहा है।
मिथाइल घोल रहा नकली शराब में जहर
एसएसपी ने बताया कि बृजपाल का रिश्तेदार राजवीर मिथाइल एल्कोहल का काम करता है। पूछताछ में पता चला कि राजवीर मिथाइल से सने ड्रम बृजपाल को देता था। उन्हीं ड्रम में टैंकरों से चोरी केमिकल (ईएनए) भरा जाता था।
मिथाइल एल्कोहल में केमिकल मिलने से नकली शराब जहरीली हो जाती है। इससे मौत भी हो सकती है या फिर शरीर का कोई अंग खराब हो सकता है। डॉक्टरों ने भी शराब पीने में मरने वाले लोगों के पोस्टमार्टम के बाद इस बात की पुष्टि की। यह जहरीली शराब सरकारी ठेकों पर भी बिक रही थी।
मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर डिस्टलरी के नाम के रेपर और बोतलें भी कॉलेज से बरामद हुई थीं। गिरोह में मंसूरपुर के कई लोग जुड़े हैं। कंकरखेड़ा पुलिस ने सभी को नामजद आरोपी बनाया था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने भी बृहस्पतिवार रात कई जगहों पर दबिश देकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर जहरीली शराब भी बरामद की है।
डिस्टलरी और आबकारी को लिखेंगे चिट्ठी
एसएसपी का कहना है कि मामले में मंसूरपुर स्थित डिस्टलरी और आबकारी विभाग को भी चिट्ठी लिखेंगे। पूछताछ में आरोपियों ने कई जानकारियां दी हैं। चंडीगढ़ और पंजाब से केमिकल के टैंकर आते हैं। आबकारी की जिम्मेदारी है कि वह उनकी जांच कर लें। 15 हजार लीटर बताकर 20 हजार लीटर केमिकल टैंकर में लाते थे। पांच हजार लीटर केमिकल बृजपाल टुंडा को बेचते थे। वहीं डिस्टलरी से भी रैपर और बोतलें चोरी हो रही हैं, जिनका प्रयोग जहरीली शराब में किया जा रहा है।
मिथाइल घोल रहा नकली शराब में जहर
एसएसपी ने बताया कि बृजपाल का रिश्तेदार राजवीर मिथाइल एल्कोहल का काम करता है। पूछताछ में पता चला कि राजवीर मिथाइल से सने ड्रम बृजपाल को देता था। उन्हीं ड्रम में टैंकरों से चोरी केमिकल (ईएनए) भरा जाता था।
मिथाइल एल्कोहल में केमिकल मिलने से नकली शराब जहरीली हो जाती है। इससे मौत भी हो सकती है या फिर शरीर का कोई अंग खराब हो सकता है। डॉक्टरों ने भी शराब पीने में मरने वाले लोगों के पोस्टमार्टम के बाद इस बात की पुष्टि की। यह जहरीली शराब सरकारी ठेकों पर भी बिक रही थी।