{"_id":"639f7c8335ffe17c72660d00","slug":"players-getting-injured-due-to-playing-too-much-cricket-syed-kirmani-city-news-mrt618314473","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहना बना चुनौती: सैयद किरमानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रहना बना चुनौती: सैयद किरमानी
विज्ञापन
ज्यादा क्रिकेट खेलने से घायल हो रहे खिलाड़ी : सैयद किरमानी
मेरठ। 1983 के विश्वकप में भारतीय टीम में विकेट कीपर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं पद्मश्री सैयद किरमानी ने कहा कि साल में तीनों प्रारूपों में लगातार क्रिकेट होने से खिलाड़ियों को फिट रहना बड़ी चुनौती बन गया है। अधिक खेल होने के कारण खिलाड़ी घायल हो रहे हैं। इसका असर उनके खेल और कॅरिअर पर पड़ रहा है। बुमराह, शमी दोनों इसका शिकार हो चुके हैं। इसलिए आज तीनों प्रारूप के अलग खिलाड़ी चयन करने की जरूरत है। इससे खिलाड़ियों को अपने पसंदीदा प्रारूप में प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि टी-20 क्रिकेट के बाद अभी टी-10 भी शुरू होगा, जिसके बाद टी-5 भी आएगा।
सैयद किरमानी ने रविवार को वाइडएक्स इंडिया की ओर से बच्चा पार्क सिटी सेंटर में कनग ईएनटी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर यूनिट के हियरिंग सॉल्यूशंस साउंड सेंटर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने कई बार विश्वकप जीता, लेकिन 1983 में भारतीय टीम ने उसे हरा दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज का बुरा दौर शुरू हो गया। आज भारतीय टीम भी बुरे दौर से गुजर रही है। टी-20, एक दिवसीय विश्वकप जीता है, लेकिन ये प्रदर्शन लंबे समय तक रहेगा ये मुमकिन नहीं है। जो अच्छा प्रदर्शन करता है वह टॉप पर जाता है। किसी भी देश की टीम ज्यादा समय तक चैंपियन नहीं रह सकती।
इस दौरान ईएनटी सर्जन व निदेशक डॉ. अंकुर गुप्ता, निदेशक डॉ. सीमा गुप्ता, एडीजी राजीव सभरवाल, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, डॉ. एसपी सोंधी, डा. नीरज कांबोज, डा. संदीप सहगल, डा. श्रुति सहगल, डॉ. विनोद अरोरा, डॉ. राजीव अग्रवाल, डा. ख्याति, डॉ. पालक, डॉ. प्राची, डा. विनय कुमार, डा. प्रदीप रावत सहित अन्य डाक्टर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। 1983 के विश्वकप में भारतीय टीम में विकेट कीपर रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं पद्मश्री सैयद किरमानी ने कहा कि साल में तीनों प्रारूपों में लगातार क्रिकेट होने से खिलाड़ियों को फिट रहना बड़ी चुनौती बन गया है। अधिक खेल होने के कारण खिलाड़ी घायल हो रहे हैं। इसका असर उनके खेल और कॅरिअर पर पड़ रहा है। बुमराह, शमी दोनों इसका शिकार हो चुके हैं। इसलिए आज तीनों प्रारूप के अलग खिलाड़ी चयन करने की जरूरत है। इससे खिलाड़ियों को अपने पसंदीदा प्रारूप में प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि टी-20 क्रिकेट के बाद अभी टी-10 भी शुरू होगा, जिसके बाद टी-5 भी आएगा।
सैयद किरमानी ने रविवार को वाइडएक्स इंडिया की ओर से बच्चा पार्क सिटी सेंटर में कनग ईएनटी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर यूनिट के हियरिंग सॉल्यूशंस साउंड सेंटर का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज ने कई बार विश्वकप जीता, लेकिन 1983 में भारतीय टीम ने उसे हरा दिया। इसके बाद वेस्टइंडीज का बुरा दौर शुरू हो गया। आज भारतीय टीम भी बुरे दौर से गुजर रही है। टी-20, एक दिवसीय विश्वकप जीता है, लेकिन ये प्रदर्शन लंबे समय तक रहेगा ये मुमकिन नहीं है। जो अच्छा प्रदर्शन करता है वह टॉप पर जाता है। किसी भी देश की टीम ज्यादा समय तक चैंपियन नहीं रह सकती।
विज्ञापन
इस दौरान ईएनटी सर्जन व निदेशक डॉ. अंकुर गुप्ता, निदेशक डॉ. सीमा गुप्ता, एडीजी राजीव सभरवाल, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, डॉ. एसपी सोंधी, डा. नीरज कांबोज, डा. संदीप सहगल, डा. श्रुति सहगल, डॉ. विनोद अरोरा, डॉ. राजीव अग्रवाल, डा. ख्याति, डॉ. पालक, डॉ. प्राची, डा. विनय कुमार, डा. प्रदीप रावत सहित अन्य डाक्टर मौजूद रहे।
विज्ञापन