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फोटोग्राफी के लिये क्रेजी फीमेल

Thu, 14 Apr 2016 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Thu, 14 Apr 2016 02:42 AM IST
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पार्क में फोटो खींचती युवती। - फोटो : अमर उजाला
तस्वीरों की शौकीन लड़कियां अब सिर्फ फोटो खिंचवाने तक ही सीमित नहीं है, वे खुद फोटोग्रॉफर बन गई हैं। लाइट, कैमरा और क्लिक की दुनिया में शहर की युवतियों की एंट्री तेजी से बढ़ी है। शौकिया नहीं, बल्कि कॅरियर के रूप में भी इन्होंने कैमरे को थामा है। शौक और उनके हुनर को बताती की रिपोर्ट।
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शौक के लिए थामा कैमरा 
विकास भवन स्थित कॉपरेटिव सोसाइटी कार्यालय में कार्यरत विनीता पिछले दो महीने से फोटोग्राफी सीख रही हैं। वे बताती हैं, फोटोग्राफी की दुनिया मेरे लिए एकदम नई है। बहुत कुछ सीखना है। अपने कैमरे के साथ थोड़ी सी तस्वीरें क्लिक करने के बाद मुझे काफी खुशी मिलती है। मेरे पास अच्छी-खासी नौकरी है, इसलिए सोर्स ऑफ इनकम के लिए फ ोटोग्राफी नहीं सीख रही। शौक पूरा करना चाहती हूं। इसमें काफी मजा आ रहा है। अगर मौका मिला तो प्रोडक्ट फोटोग्राफी में हाथ जरूर आजमाऊंगी।
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चार महीने से सीख रहीं फोटोग्रॉफी
कंकरखेड़ा की स्मीति पिछले चार महीने से कैमरे की बारीकियां सीख रही हैं। बीएफए की छात्रा क हती हैं, फोटोग्रॉफी अब मेरा शौक बन चुकी है। शौक में कॅरियर बन जाए तो उससे अच्छा और क्या हो सकता है। बकौल स्मीति टैक्सटाइल डिजायनिंग और पोट्रेट पेटिंंग का मुझे बचपन से शौक था। शुरू से क्रिएटिव रही हूं, इसलिए पैरेंट्स ने बीएफ ए में जाने दिया। बीएफए में 15 दिन की क्लास फोटोग्राफी की भी होती है। मुझे उस क्लास में बहुत मजा आया। मेरा सपना प्रोडक्ट फोटोग्रॉफी में कॅरियर बनाना है। 
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शिमला में खींची फोटो, मिला हौसला 

खुशी दीवान पब्लिक स्कूल में 10वीं की छात्रा है। पिता बिजनेसमैन है। खुशी बताती हैं कि मैं डॉक्टर, इंजीनियर नहीं, बल्कि अच्छी फोटोग्राफर बनना चाहती हूं। उम्र में छोटी खुशी पिछले एक साल से पर्सनल कैमरा हैंडल कर रही हैं। अब तक 2 हजार से अधिक तस्वीरें क्लिक कर चुकी हैं। फोटोग्राफी का शौक खुशी को 8वीं कक्षा के दौरान शिमला में खींची गई अपनी एक फोटो से लगा। पैरेंट्स ने फोटो की तारीफ की तो हौसला बढ़ गया। छात्रा का सपना लैंडस्केप फोटोग्राफर बनना है। 
 
पहले टाइम पास, अब ऑल टाइम कैमरा
मैनेजमेंट की दुनिया से ताल्लुक रखने वाली दिव्या ने समर वैकेशन में टाइमपास के लिए फोटोग्राफी सीखना शुरू किया। क्लिक, कलर और कैमरे की दुनिया दिव्या को इतनी डिफरेंट लगी कि अब वो उसे आलटाइम जीनना चाहती है। एमआईईटी में एमबीए की छात्रा दिव्या कहती है फैमिली में कोई नहीं जो इस लाइन में हो। मोबाइल और डीजी से क्लिक तो हर कोई करता है, लेकिन प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनना अलग बात है। मैं वही करना चाहती हूं। पैरेंट्स ने पूरा सपोर्ट किया है। अब तक 4 हजार फोटोग्राफ अपने कै मरे से क्लिक कर चुकी हूं।
  
कैमरे से लग गया दिल 
एमएफए की पढ़ाई कर रही आस्था की कहानी भी दिलचस्प है। वे बताती हैं कि कक्षा 6 में किसी ने रील वाले कैमरे से फोटो खींचने को कहा था। फोटो खींचा तो अच्छा लगा। खाली समय में फोटोग्रॉफी करती हूं। कैमरे को जाना तो इतना अच्छा लगने लगा कि बस दिल ही लग गया। अब तो पूरा फोकस प्रोडक्ट फोटोग्राफी है। पापा से कहा था कि एक महीने फोटोग्राफी सीखना है, लेकिन अब पापा कितने दिन और सवाल पूछते हैं। प्रोफेशनल फोटोग्राफर बनकर नेम-फेम गेन करना है।


फ न, शौक, कॅरियर सब है फोटोग्राफी
कैमरे के फ्लैश की चमक में अच्छा कॅरियर या संभ्रांत लोगों का शौक नहीं छिपा, बल्कि मनोरंजन और फन भी है। फ ोटोग्राफी सीखने वालों में शौकिया, कॅरियर बनाने, फन, दिनभर का तनाव को घटाने वाले लोग हैं। कुछ लोग दिनभर के तनाव को खत्म करने के लिए फोटोग्राफ करते हैं।

सुनहरे कॅरियर की किरण
फोटोग्राफी क भी न खत्म होने वाली कला है। जिसे आप जितना सीखेंगे, जितनी प्रैक्टिस करेंगे उतने माहिर होते जाएंगे। डिजिटल और वीडियो कैमरा हैंडल करने में परिपक्व होने के बाद आपके सामने कॅरियर के तमाम रास्ते इस पेशे में हैं। प्रोडक्ट फोटोग्राफी, फैशन, बॉलीवुड फोटोग्राफी, सी स्कप, लैंड स्केप, क्लाउड स्केप, लाइव फोटोग्राफी, ट्रेवल, पोट्रेट, स्टिल, जर्नलिज्म फोटोग्राफी, फिल्म, वाइल्ड लाइफ, नेचर, मैगजीन, एडवरटीजमेंट फोटोग्राफी हैं। स्टूडियो और वेडिंग फोटोग्राफी से हटकर आप इन रास्तों को चुन सकते हैं। हर क्षेत्र में अच्छा नाम और इनकम है। इसके अलावा एक फ्रीलांस फोटोग्राफर के तौर पर भी आप अच्छी आय कर सकते हैं।


वर्जन 
13 साल से 50 साल की उम्र तक की महिलाएं फोटोग्रॉफी सीख रही हैं। सोशल मीडिया के आने से डिमांड बढ़ी है। हम लोगाें को लाइट, लैंस की जानकारी देते हैं। बाकी अपने सेंस के  इस्तेमाल से कोई भी बंदा अच्छा फोटोग्राफर हो सकता है। - नितिन गोयल, संचालक, फोटोग्राफी स्कूल
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