{"_id":"5727b4e34f1c1b63705cddee","slug":"phele-din-hi-west-and-road-par-vyavasta-fail","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन ही वेस्ट एंड रोड पर व्यवस्था फेल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन ही वेस्ट एंड रोड पर व्यवस्था फेल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 01:43 AM IST
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वेस्ट एंड रोड
- फोटो : amar ujala
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रोड पर बैलगाड़ी आने से परेशानी और बढ़ गई
वॉलेंटियर और ट्रैफिक पुलिस की कमी के कारण दिक्कत ज्यादा हुई।रोड सेफ्टी क्लब, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन के साथ मिलकर कैंट बोर्ड ने प्लान तैयार किया था। जिसे दो मई से लागू करने के लिए रविवार को मॉक ड्रिल भी कराई थी। सोमवार सुबह जैसे ही स्कूलों में बच्चे आने शुरू हुए तो बोर्ड की व्यवस्था फेल होती चली गई।
चार पहिया वाहनों के लिए प्रतिबंधित इस मार्ग पर बस, चार पहिया से लेकर बैलगाड़ी भी चलती नजर आई। अस्थाई बैरियर लगाकर लिंक मार्गों को सुबह बंद तो कर दिया गया, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और वॉलेंटियर यहां नजर नहीं आए। जिस कारण लोगों ने बैरियर हटा दिए और वाहन लेकर निकल गए।
इससे सुबह वेस्ट एंड रोड पर काफी लंबा जाम लगा गया। हालांकि सुबह की गलती से कैंट बोर्ड से सबक लिया और दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के समय अतिरिक्त स्टाफ लगाकर व्यवस्था बनाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन चार पहिया वाहनों को नहीं रोक सके।
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मैदान में सुबह छह बजे पहुंचे
कैंट बोर्ड और रोड सेफ्टी क्लब के वॉलेंटियर वेस्ट एंड रोड पहुंच गए थे। इन्होंने सदर घंटाघर से ऑफिसर मेस तिराहे और इस मार्ग को जोड़ने वाली ज्यादातर सभी लंक रोडों को अस्थायी बैरियर लगाकर बंद कर दिया था। हालांकि टू व्हीलर को आने जाने के लिए रास्ता छोड़ा गया था।
इस मार्ग पर सबसे पहले दीवान पब्लिक स्कूल सुबह 7 बजे लगना था। इसके बच्चे सुबह साढ़े छह बजे से आना शुरू हो गए। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि व्यवस्था हाथ से निकल गई।
मेरठ पब्लिक स्कूल और एमपीजीएस सुबह 7:20, गुरुतेग बहादुर पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, दर्शन एकेडमी, ऋषभ एकेडमी सुबह 7:30 और सनातन धर्म इंटर कॉलेज सुबह 7:40 लगने के कारण लगातार बच्चों और उन्हें छोड़ने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई। वॉलेंटियर कम होने के कारण व्यवस्था फेल हो गई।
छुट्टी के समय कैंट बोर्ड सीईई अनुज सिंह ने अतिरिक्त वॉलेंटियर लगाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।
सुबह नहीं आई ट्रैफिक पुलिस
व्यवस्था के फेल होने में विभागों का तालमेल भी जिम्मेदार है। रविवार को कैंट बोर्ड मॉक ड्रिल में देरी से पहुंची थी, सोमवार सुबह ट्रैफिक पुलिस नदारद रही। सुबह के समय ट्रैफिक पुलिस का मात्र एक कर्मचारी ही एसडी सदर कॉलेज के सामने नजर आया।
हालांकि दोपहर को ट्रैफिक पुलिस की शक्ति मोबाइल समेत अन्य ट्रैफिक कर्मी नजर जरूर आए, लेकिन उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। एसपी ट्रैफिक किरन यादव और टीएसआई भी नहीं आए।
वैकल्पिक मार्गों पर भी लगा जाम
सीईई अनुज सिंह, उपाध्यक्ष बीना वाधवा, पूर्व पार्षद अजमल कमाल, पार्षद बुशरा कमाल ने शिव चौक पर सुबह व्यवस्था संभाली। उन्होंने किसी भी वाहन को वेस्ट एंड रोड की तरफ नहीं जाने दिया। वाहनों को सदर बाजार होते हुए थाने की तरफ निकाला। जिसके कारण सदर थाने वाले मार्ग पर जाम लग गया।
कुछ वाहनों को औघड़नाथ मंदिर की तरफ निकाला, जिसके कारण इस मार्ग पर भी लंबा जाम लग गया। सर्कल मार्ग समेत वेस्ट एंड रोड के आसपास वाले ज्यादातर मार्गों पर जाम लग गया। शिव चौक से सदर थाना वाले मार्ग पर जाम लगने से वाहन वेस्ट एंड रोड को जोड़ने वाली लिंक रोड से इसी मार्ग पर पहुंच गए और यहां भी जाम लग गया।
नहीं लगे ठेले
कैंट बोर्ड की सख्ती के कारण इस मार्ग और आसपास के मार्गों पर ठेले नहीं लग सके। सुबह जो ठेले खड़े थे, उन्हें भी कैंट बोर्ड के कर्मचारियों ने हटवा दिया था।
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वॉलेंटियर और ट्रैफिक पुलिस की कमी के कारण दिक्कत ज्यादा हुई।रोड सेफ्टी क्लब, ट्रैफिक पुलिस और स्कूल प्रशासन के साथ मिलकर कैंट बोर्ड ने प्लान तैयार किया था। जिसे दो मई से लागू करने के लिए रविवार को मॉक ड्रिल भी कराई थी। सोमवार सुबह जैसे ही स्कूलों में बच्चे आने शुरू हुए तो बोर्ड की व्यवस्था फेल होती चली गई।
चार पहिया वाहनों के लिए प्रतिबंधित इस मार्ग पर बस, चार पहिया से लेकर बैलगाड़ी भी चलती नजर आई। अस्थाई बैरियर लगाकर लिंक मार्गों को सुबह बंद तो कर दिया गया, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और वॉलेंटियर यहां नजर नहीं आए। जिस कारण लोगों ने बैरियर हटा दिए और वाहन लेकर निकल गए।
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इससे सुबह वेस्ट एंड रोड पर काफी लंबा जाम लगा गया। हालांकि सुबह की गलती से कैंट बोर्ड से सबक लिया और दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के समय अतिरिक्त स्टाफ लगाकर व्यवस्था बनाने का पूरा प्रयास किया। लेकिन चार पहिया वाहनों को नहीं रोक सके।
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मैदान में सुबह छह बजे पहुंचे
कैंट बोर्ड और रोड सेफ्टी क्लब के वॉलेंटियर वेस्ट एंड रोड पहुंच गए थे। इन्होंने सदर घंटाघर से ऑफिसर मेस तिराहे और इस मार्ग को जोड़ने वाली ज्यादातर सभी लंक रोडों को अस्थायी बैरियर लगाकर बंद कर दिया था। हालांकि टू व्हीलर को आने जाने के लिए रास्ता छोड़ा गया था।
इस मार्ग पर सबसे पहले दीवान पब्लिक स्कूल सुबह 7 बजे लगना था। इसके बच्चे सुबह साढ़े छह बजे से आना शुरू हो गए। देखते ही देखते भीड़ इतनी बढ़ गई कि व्यवस्था हाथ से निकल गई।
मेरठ पब्लिक स्कूल और एमपीजीएस सुबह 7:20, गुरुतेग बहादुर पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, दर्शन एकेडमी, ऋषभ एकेडमी सुबह 7:30 और सनातन धर्म इंटर कॉलेज सुबह 7:40 लगने के कारण लगातार बच्चों और उन्हें छोड़ने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई। वॉलेंटियर कम होने के कारण व्यवस्था फेल हो गई।
छुट्टी के समय कैंट बोर्ड सीईई अनुज सिंह ने अतिरिक्त वॉलेंटियर लगाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।
सुबह नहीं आई ट्रैफिक पुलिस
व्यवस्था के फेल होने में विभागों का तालमेल भी जिम्मेदार है। रविवार को कैंट बोर्ड मॉक ड्रिल में देरी से पहुंची थी, सोमवार सुबह ट्रैफिक पुलिस नदारद रही। सुबह के समय ट्रैफिक पुलिस का मात्र एक कर्मचारी ही एसडी सदर कॉलेज के सामने नजर आया।
हालांकि दोपहर को ट्रैफिक पुलिस की शक्ति मोबाइल समेत अन्य ट्रैफिक कर्मी नजर जरूर आए, लेकिन उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था बनाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। एसपी ट्रैफिक किरन यादव और टीएसआई भी नहीं आए।
वैकल्पिक मार्गों पर भी लगा जाम
सीईई अनुज सिंह, उपाध्यक्ष बीना वाधवा, पूर्व पार्षद अजमल कमाल, पार्षद बुशरा कमाल ने शिव चौक पर सुबह व्यवस्था संभाली। उन्होंने किसी भी वाहन को वेस्ट एंड रोड की तरफ नहीं जाने दिया। वाहनों को सदर बाजार होते हुए थाने की तरफ निकाला। जिसके कारण सदर थाने वाले मार्ग पर जाम लग गया।
कुछ वाहनों को औघड़नाथ मंदिर की तरफ निकाला, जिसके कारण इस मार्ग पर भी लंबा जाम लग गया। सर्कल मार्ग समेत वेस्ट एंड रोड के आसपास वाले ज्यादातर मार्गों पर जाम लग गया। शिव चौक से सदर थाना वाले मार्ग पर जाम लगने से वाहन वेस्ट एंड रोड को जोड़ने वाली लिंक रोड से इसी मार्ग पर पहुंच गए और यहां भी जाम लग गया।
नहीं लगे ठेले
कैंट बोर्ड की सख्ती के कारण इस मार्ग और आसपास के मार्गों पर ठेले नहीं लग सके। सुबह जो ठेले खड़े थे, उन्हें भी कैंट बोर्ड के कर्मचारियों ने हटवा दिया था।