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शास्त्रीनगर में सीवर का पानी पी रहे थे लोग, इसलिए फैला डायरिया
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शास्त्री नगर में पेयजल के संबंध में मौके पर पहुंच कर जानकारी लेते नगर आयुक्त सौरभ गंगवार
मेरठ। शास्त्रीनगर कुटी क्षेत्र में डायरिया के कारण एक महिला की मौत और 36 लोगों के बीमार होने के बाद से नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से यहां लगातार निगरानी की जा रही है। जांच के दौरान पता चला कि पेयजल सप्लाई वाली लाइन में सीवर का पानी मिलने के कारण दूषित पानी की सप्लाई हो रही थी। इसके चलते लोग बीमार पड़े। हालांकि यहां कैंप लगा रहे स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया कि जांच में केवल एक ही डायरिया का मरीज मिला है, जबकि स्थानीय लोग अब भी 15 रोगी होने की बात कह रहे हैं। नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त सहित नगर निगम का पूरा अमला मोहल्ले में पहुंचा और निरीक्षण किया।
कुटी क्षेत्र शास्त्रीनगर एफ-ब्लॉक में लोग इस हालात से परेशान रहे। पार्षद सत्यपाल सिंह ने बताया कि सीवेज टैंक का पानी स्वच्छ जल के साथ मिश्रित हो रहा था। दूषित जल से लोग बीमार पड़ते गए। मामला बढ़ा तो यहां स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। तीसरे दिन नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के आने के बाद टीम सक्रिय हुई। इसके बाद सीवर की खुली लाइन को बंद किया गया। पार्षद सत्यपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि यदि समय रहते समस्या दूर कर दी जाती तो इतने लोग बीमार न पड़ते। यहां बीमारी फैलने का मुख्य कारण सीवर का पानी मिश्रित होना ही रहा।
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अन्य कॉलोनियों में भी ऐसे हालात, नालों के बीच से निकल रही पाइपलाइन
शास्त्रीनगर की तरह कई अन्य कॉलोनियों में भी ऐसे ही हालात हैं। पुराने और नए शहर के लोगों की ओर से लगातार इस बारे में शिकायतें की गई हैं। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, नवीन गुप्ता सहित अन्य लोगो ने बताया कि अधिकतर पुराने मोहल्लों में नालियों में से होकर ही पानी की पाइपलाइन जा रही हैं। पाइप जंग लगने से खराब हो गए हैं। लीकेज के कारण सीवर का पानी पेयजल में मिश्रित होता रहा है। इसलिए अन्य क्षेत्रों में भी बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
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ये बोले अफसर...
- स्वास्थ्य विभाग ने तीसरे दिन भी कुटी क्षेत्र में शिविर लगाया और मरीजों को दवा दी। हालांकि डायरिया से ग्रस्त सिर्फ एक ही मरीज मिला है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कॉलोनी के लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। - अशोक कटारिया, सीएमओ
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- कुटी क्षेत्र में तीसरे दिन भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। नगर निगम और जल निगम की टीम भी साथ रही। टीम ने बताया कि पार्षद के घर के पास ही सीवर का पानी स्वच्छ जल में मिश्रित हो रहा था। इसके बाद सीवर लाइन को दुरुस्त कराया गया है।-- सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त।
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कुटी क्षेत्र शास्त्रीनगर एफ-ब्लॉक में लोग इस हालात से परेशान रहे। पार्षद सत्यपाल सिंह ने बताया कि सीवेज टैंक का पानी स्वच्छ जल के साथ मिश्रित हो रहा था। दूषित जल से लोग बीमार पड़ते गए। मामला बढ़ा तो यहां स्वास्थ्य कैंप लगाया गया। तीसरे दिन नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के आने के बाद टीम सक्रिय हुई। इसके बाद सीवर की खुली लाइन को बंद किया गया। पार्षद सत्यपाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि यदि समय रहते समस्या दूर कर दी जाती तो इतने लोग बीमार न पड़ते। यहां बीमारी फैलने का मुख्य कारण सीवर का पानी मिश्रित होना ही रहा।
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अन्य कॉलोनियों में भी ऐसे हालात, नालों के बीच से निकल रही पाइपलाइन
शास्त्रीनगर की तरह कई अन्य कॉलोनियों में भी ऐसे ही हालात हैं। पुराने और नए शहर के लोगों की ओर से लगातार इस बारे में शिकायतें की गई हैं। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, नवीन गुप्ता सहित अन्य लोगो ने बताया कि अधिकतर पुराने मोहल्लों में नालियों में से होकर ही पानी की पाइपलाइन जा रही हैं। पाइप जंग लगने से खराब हो गए हैं। लीकेज के कारण सीवर का पानी पेयजल में मिश्रित होता रहा है। इसलिए अन्य क्षेत्रों में भी बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
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ये बोले अफसर...
- स्वास्थ्य विभाग ने तीसरे दिन भी कुटी क्षेत्र में शिविर लगाया और मरीजों को दवा दी। हालांकि डायरिया से ग्रस्त सिर्फ एक ही मरीज मिला है। इसके बावजूद विभाग की ओर से कॉलोनी के लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। - अशोक कटारिया, सीएमओ
- कुटी क्षेत्र में तीसरे दिन भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। नगर निगम और जल निगम की टीम भी साथ रही। टीम ने बताया कि पार्षद के घर के पास ही सीवर का पानी स्वच्छ जल में मिश्रित हो रहा था। इसके बाद सीवर लाइन को दुरुस्त कराया गया है।