मेरठ: उन्माद फैलाने, बवाल व विरोध प्रदर्शन में आगे रहने वाले 18 लोग चिह्नित, भेजे नोटिस
- जिले में होने वाले बड़े आंदोलनों और विरोध प्रदर्शन में सभी रहे शामिल, पुलिस ने भेजे नोटिस
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पुलिस ने जिले में 18 ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जो उन्माद फैलाने, बवाल, विरोध प्रदर्शन में आगे रहते हैं। किसान आंदोलन, सीएए और एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हुए बवाल में भी यह लोग सबसे आगे रहे। पुलिस में सभी को नोटिस भेजे हैं।
पुलिस के अनुसार, जिले में कोई भी बड़ी वारदात हो या किसी मामले को लेकर हंगामा, धरना प्रदर्शन हो। यह लोग वहां मौजूद नजर आते हैं। इनका किसी राजनीतिक पार्टी या फिर किसी सामाजिक संगठन से कोई सरोकार नहीं है।
इनका मकसद मौके पर जाकर सिर्फ हंगामा और प्रदर्शन करना है। किसान आंदोलन के दौरान जाम लगाने वाले लोगों की वीडियोग्राफी कराई गई। इसमें में उक्त लोग सबसे आगे नजर आए।
पुलिस ने एससी एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में हिंसा और सीएए के विरोध में हिंसा करने वालों की भी वीडियोग्राफी कराई थी। सभी वीडियो में यह लोग उन्माद फैलाने में आगे रहे। सभी 18 लोगों से एक सप्ताह में नोटिस का जवाब मांगा गया है।
अभी पुलिस ने सभी के नाम गोपनीय रखे हैं। उनकी जांच भी चल रही है। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि पूरी जांच के बाद उक्त लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
वारदात के विरोध में भी आगे
पुलिस ने दावा किया है कि जिले में किसी भी बड़ी वारदात के बाद उक्त लोग सक्रिय हो जाते हैं। वारदात का विरोध करने जब भी कोई व्यापारी संगठन या राजनीतिक पार्टी के नेता सामने आते हैं तो वहां इनकी मौजूदगी होती है। यह तथ्य बड़े मामलों की वीडियो रिकॉडिंग देखने के बाद सामने आया है।
कुछ लोग उन्माद फैलाने की साजिश में हैं। किसान आंदोलन में भी उन्होंने योजना बनाई थी। पुलिस ने कई लोगों को चिन्हित किया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है। -अजय साहनी, एसएसपी