धूल का कहर: मौसम वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट, 18 मई तक ऐसे ही रहेंगे हालात, अस्थमा रोगी बरतें अधिक सावधानी
UP News : मेरठ में धूल से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। वहीं, मौसम वैज्ञानिकों ने अलर्ट किया है कि अभी 18 मई तक ऐसे ही हालात रहेंगे। ऐसे में अस्थमा रोगियों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
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मेरठ में तेज गर्म हवाएं। धूल का गुबार और प्रदूषण का वार लोगों को बीमार बना रहा है। आंखों में जलन, फेफड़ों में संक्रमण से लेकर एलर्जी के लक्षणों के साथ सांस लेने तक में लोगों को परेशानी हो रही है। मंगलवार को भी धूल के गुबार के बीच शहर से देहात तक आसमान में धुंध सी छाई रही। मौसम वैज्ञानिकों ने अलर्ट किया है कि 18 मई तक अभी ऐसे ही हालात रहने के आसार हैं। इसलिए सेहत को लेकर सतर्क रहें। बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स भले ही मंगलवार को 215 रहा हो, लेकिन आसपास के जिलों में फिर तेजी से प्रदूषण बढ़ गया। इसका असर यहां तक रहा। सुबह जब लोगों ने आंखें खोलीं तो प्रदूषण का गुबार दूर तक दिख रहा था। आंखों में जलन हो रही थी और धूल भरी हवा से लोगों को परेशानी हुई। प्रदूषण के बढ़ने के कारण दिन भर आसमान पर धुंध छाई रही। शाम तक भी प्रदूषण का असर कम नहीं हुआ। मेरठ का एक्यूआई स्तर 214 रहा। जयभीमनगर में 175, गंगानगर 189, पल्लवपुरम 240, बेगमपुल 225, दिल्ली रोड 250 दर्ज किया गया।
धूल भरी हवा करेगी परेशान
राजस्थान से तेज हवाएं यहां तक असर दिखाई दे रही हैं। आगामी पांच दिन तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने व 18 मई तक धूल भरी तेज हवा चलने के आसार हैं। - डाॅ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विवि
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सोमवार की रात रही सबसे गर्म
दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी के साथ मौसम बदल रहा है। इस माह में सोमवार रात सबसे गर्म रही है। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री व र ात का न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
प्रदूषण से बचने के लिए करें ये काम...
- मास्क जरूर लगाएं
- हाथों और चेहरे को नियमित रूप से धोते रहें
- स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करे और हर दिन धुले कपड़े पहनें
- प्रत्येक दिन गर्म पानी से भांप ले
- घर के आसपास पौधे लगाएं
- खिड़की और दरवाजे बंद रखे
- फेफडों को मजबूत करने के लिए अदरक और शहद का सेवन करें
फेफड़ों को पहुंचता है अधिक नुकसान
बदले हुए मौसम में चिकित्सक मास्क लगाने की सलाह दे रहे हैं, साथ ही अगर कोई दमा, साइनोसाइटिस या फेफड़ों संबंधी किसी रोग से पीड़ित हैं तो समय से दवाएं लें। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि कोशिश करें कि बार-बार अपने हाथ और आंखों को धोते रहें। ऐसा करने से आपका शरीर गंदगी से दूर रहेगा। सबसे ज्यादा बैक्टीरिया आंखों और हाथों के जरिए ही शरीर में प्रवेश करते हैं। धूल भरी हवा आपके फेफड़ों में घुस सकती है, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं। प्रदूषण के संपर्क में आने से अस्थमा, सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के रोगी की परेशानी बढ़ जाती है। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्यागी ने बताया कि ऐसे मौसम में अस्थमा और एलर्जी के रोगियों की मुश्किल बढ़ जाती है। आंखों में एलर्जी और संक्रमण हो सकता है।
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