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शादी के लिए बेटों को बता रहे डॉक्टर -इंजीनियर और वकील, फर्जी डिग्री की खुल रही पोल, रिपोर्ट दर्ज

Sat, 02 Jan 2021 10:52 AM IST
Dimple Sirohi सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ
सचिन त्यागी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 02 Jan 2021 10:52 AM IST
सार

  • सीसीएसयू की फर्जी डिग्री बनाकर धोखा दे रहे युवा, विवि प्रशासन से जानकारी मांग रही पुलिस
  • दिल्ली के मोतीनगर का मामला, पति की डिग्री मिली फर्जी, अब ननद की डिग्री की चल रही जांच

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : getty

विस्तार

शादी के लिए लोग अपने बेटों को डॉक्टर, इंजीनियर और एडवोकेट बताकर धोखा दे रहे हैं। जांच में उनकी पोल खुल रही है। उसके बाद पुलिस इन पर शिकंजा कस रही है। दिल्ली के ऐसे ही मामले में एक परिवार ने बेटे को एमबीबीएस बताकर बीडीएस डॉक्टर से शादी कर ली। शादी के बाद डॉक्टर को असलियत पता लगी तो उन्होंने दिल्ली के मोतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पति की एमबीबीएस की डिग्री फर्जी पाई जा चुकी है। अब ननद की डिग्री की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने सीसीएसयू को पत्र भेजा है।

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दिल्ली के मोतीनगर थाना क्षेत्र में रहने वाली बीडीएस डॉक्टर के परिवार वालों ने एक वेबसाइट के जरिए रिश्ता तलाशा था। गाजियाबाद के सन टावर शिप्रा सन सिटी इलाके में रहने वाले मनीष की एमबीबीएस की आईडी देखकर उसके परिवार वालों से संपर्क किया।
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परिवार के लोगों ने बेटे को एमबीबीएस और पिता को एमडी डॉक्टर बताया। लड़की वाले ने उनकी बातों पर विश्वास करके शादी तय कर दी। शादी में 50 लाख रुपये खर्च किए।
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धीरे-धीरे असलियत सामने आ गई। लड़की की तरफ से पति, उसके पिता, मां और बहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला डॉक्टर की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली पुलिस उनकी ननद की एलएलबी की डिग्री की जांच करा रही है।

रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि पुलिस ने जानकारी मांगी है, लेकिन उसमें उन्होंने कॉलेज का नाम, रोल नंबर आदि नहीं भेजा है। जब वे पूरी जानकारी दे देंगे तो डिग्री की जांच कराकर रिपोर्ट दे दी जाएगी।

परिवार वाले करा रहे जांच
फर्जी मार्कशीट और डिग्री सीसीएसयू की जांच में पकड़ी जा रही हैं। इस सबको देखते हुए कुछ लोग तो अपने बेटी या बेटी की शादी करने से पहले प्रमाण पत्रों की खुद भी जांच करा रहे हैं। वे आरटीआई के जरिए नौकरी या कोई दूसरी वजह लिखकर विवि से जानकारी मांग रहे हैं।

कंपनियां भी कराती हैं डिग्री-मार्कशीट की जांच
सीसीएसयू में हर महीने डेढ़ से दो हजार के बीच डिग्री-मार्कशीट तमाम राज्यों से जांच के लिए आती हैं। एक मार्कशीट या डिग्री की जांच कराने के लिए साढ़े तीन सौ रुपये शुल्क है। इसके बाद विवि प्रशासन अपने रिकॉर्ड में यह जांच करता है कि जो डिग्री आई है, उसका वहां रिकॉर्ड है या नहीं। अगर रिकॉर्ड नहीं मिलता है तो साफ हो जाता है कि उसे किसी ने बाहर कहीं से कंप्यूटर से ऐसे ही बनवा लिया है। वर्तमान में आठ से 10 हजार प्रमाणपत्र वेरीफिकेशन के लिए आए हैं।

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