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Meerut News: पेंशनर्स के बीच भेदभाव वाले प्रावधान को समाप्त करे सरकार
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प्रधानमंत्री के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर मेरठ। संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति जनपद मेरठ ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पेंशनर्स ने वित्त विधेयक वैलिडेशन एक्ट को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम पेंशनभोगियों के बीच भेदभाव करता है।
जनपद संयोजक एके कौशिक ने बताया कि यह अधिनियम न्याय और सामाजिक सुरक्षा नीति के विरुद्ध है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की भावना के भी खिलाफ है। उन्होंने आशंका जताई कि अधिनियम के प्रावधानों से 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को अपूरणीय क्षति होगी। सातवें वेतन आयोग ने 1 जनवरी 2016 से पहले और बाद के सेवानिवृत्त पेंशनर्स में समानता की सिफारिश की थी। सरकार ने इसे लागू भी किया था। इसलिए इस अधिनियम को वापस लिया जाना चाहिए।
श्याम सिंह नागर ने सभी पेंशनभोगियों के लिए समान, सम्मानजनक और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मांगी। उन्होंने ओपीडी और आईपीडी सेवाएं कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जय भगवान शर्मा ने पेंशन से राशिकरण की वसूली अवधि 11 वर्ष करने की मांग की। आरसी खरे ने संसदीय स्थायी समिति की 10 दिसंबर 2021 की रिपोर्ट के अनुसार 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन बढ़ोतरी लागू करने की बात कही। बनी सिंह चौहान ने न्यायसंगत और टिकाऊ पेंशन नीति लागू करने का आह्वान कियाइस अवसर पर रविराज गुप्ता, विद्युत परिषद के सतपाल दत्त शर्मा, एएस गोयल, एसबी शर्मा, डीपी शर्मा, जेके गर्ग, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के रमोद शर्मा, एके मित्तल, श्रेयांश कुमार रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर मेरठ। संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति जनपद मेरठ ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पेंशनर्स ने वित्त विधेयक वैलिडेशन एक्ट को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम पेंशनभोगियों के बीच भेदभाव करता है।
जनपद संयोजक एके कौशिक ने बताया कि यह अधिनियम न्याय और सामाजिक सुरक्षा नीति के विरुद्ध है। यह सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की भावना के भी खिलाफ है। उन्होंने आशंका जताई कि अधिनियम के प्रावधानों से 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को अपूरणीय क्षति होगी। सातवें वेतन आयोग ने 1 जनवरी 2016 से पहले और बाद के सेवानिवृत्त पेंशनर्स में समानता की सिफारिश की थी। सरकार ने इसे लागू भी किया था। इसलिए इस अधिनियम को वापस लिया जाना चाहिए।
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श्याम सिंह नागर ने सभी पेंशनभोगियों के लिए समान, सम्मानजनक और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मांगी। उन्होंने ओपीडी और आईपीडी सेवाएं कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जय भगवान शर्मा ने पेंशन से राशिकरण की वसूली अवधि 11 वर्ष करने की मांग की। आरसी खरे ने संसदीय स्थायी समिति की 10 दिसंबर 2021 की रिपोर्ट के अनुसार 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन बढ़ोतरी लागू करने की बात कही। बनी सिंह चौहान ने न्यायसंगत और टिकाऊ पेंशन नीति लागू करने का आह्वान कियाइस अवसर पर रविराज गुप्ता, विद्युत परिषद के सतपाल दत्त शर्मा, एएस गोयल, एसबी शर्मा, डीपी शर्मा, जेके गर्ग, डिप्लोमा इंजीनियर संघ के रमोद शर्मा, एके मित्तल, श्रेयांश कुमार रहे।
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