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पेटीएम के बजाय अभी कैश पेमेंट को तरजीह
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 02:04 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद जहां कैशलेस ट्रांजैक्शन की चौतरफा कवायद हो रही है। वहीं अभी भी अधिकांश लोग कैश पेमेंट को ही तरजीह दे रहे हैं। कैश में लेनदेन सीमित करने के लिए पेटीएम को बड़ा माध्यम माना जा रहा है। लेकिन आंकड़े बताते है कि बड़ी संख्या में लोग पेटीएम सर्विस को मोबाइल फोन पर एक्टीवेट करने के बावजूद इसका इस्तेमाल नेट रिचार्ज जैसी बेहद छोटी पेमेंट के लिए कर रहे हैं।
यह बता रहे आंकड़े
नोटबंदी के बाद के आंकड़े बता रहे हैं कि लोग पेटीएम एप को अपने मोबाइल फोन पर एक्टिव तो कर रहे हैं। लेकिन उसका भुगतान के तौर पर इस्तेमाल ज्यादा नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों का भरोसा अभी भी कैश लेनदेन पर ही है। हालांकि लोगों के बीच भरोसा कायम करने के लिए पेटीएम कंपनी के कर्मचारी गली-मोहल्ले में किराना स्टोर से लेकर दूध की डेरी, मेडिकल स्टोर, सर्विस सेंटर व अन्य तमाम जगहों पर जा रही है। हर छोटे-बड़े कारोबारी से संपर्क कर उनके मोबाइल फोन पर पेटीएम एप डाउनलोड कर उसे एक्टिव कर रहे हैं। हर व्यक्ति को 10 रुपये का ट्रांजैक्शन कर पेटीएम के जरिये भुगतान करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।
मेरठ में अभी नहीं रिस्पांस
6 नवंबर के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों में पेटीएम की टीम ने करीब तीन हजार लोगों के मोबाइल पर पेटीएम एप डाउनलोड किया और उन्हें भुगतान का तरीका समझाया। पेटीएम कंपनी के एरिया मैनेजर प्रियांशु चौहान कहते हैं कि सात जिलों में आठ नवंबर के बाद हमारी 25 लोगों की टीम ने तीन हजार से अधिक कारोबारियों के यहां पेटीएम का एप एक्टिव किया। इसमें सबसे अच्छा रिस्पांस हापुड़ और मोदीनगर में मिला है। जहां पर नवंबर माह में ही करीब 1250 से अधिक पेटीएम एप एक्टिव किए गए। इन दोनों ही जगहों पर बड़ी संख्या में कैशलेस भुगतान के लिए पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोजाना यहां एक कारोबारी के यहां पर 1200 रुपये का कैश कलेक्शन पेटीएम से पेमेंट होने का औसत है। प्रियांशु मानते हैं कि अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में शुरूआत है। कुछ दिनों के बाद लोग इसके इस्तेमाल के अभ्यस्त हो जाएंगे तो ट्रांजैक्शन भी बढ़ेगा।
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एक्टिव संख्या
मेरठ - 1000
हापुड़, मोदीनगर - 1250
बिजनौर - 457
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर - 581
शामली - 84
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यह बता रहे आंकड़े
नोटबंदी के बाद के आंकड़े बता रहे हैं कि लोग पेटीएम एप को अपने मोबाइल फोन पर एक्टिव तो कर रहे हैं। लेकिन उसका भुगतान के तौर पर इस्तेमाल ज्यादा नहीं कर रहे हैं। अधिकांश लोगों का भरोसा अभी भी कैश लेनदेन पर ही है। हालांकि लोगों के बीच भरोसा कायम करने के लिए पेटीएम कंपनी के कर्मचारी गली-मोहल्ले में किराना स्टोर से लेकर दूध की डेरी, मेडिकल स्टोर, सर्विस सेंटर व अन्य तमाम जगहों पर जा रही है। हर छोटे-बड़े कारोबारी से संपर्क कर उनके मोबाइल फोन पर पेटीएम एप डाउनलोड कर उसे एक्टिव कर रहे हैं। हर व्यक्ति को 10 रुपये का ट्रांजैक्शन कर पेटीएम के जरिये भुगतान करने की प्रक्रिया समझाई जा रही है।
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मेरठ में अभी नहीं रिस्पांस
6 नवंबर के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सात जिलों में पेटीएम की टीम ने करीब तीन हजार लोगों के मोबाइल पर पेटीएम एप डाउनलोड किया और उन्हें भुगतान का तरीका समझाया। पेटीएम कंपनी के एरिया मैनेजर प्रियांशु चौहान कहते हैं कि सात जिलों में आठ नवंबर के बाद हमारी 25 लोगों की टीम ने तीन हजार से अधिक कारोबारियों के यहां पेटीएम का एप एक्टिव किया। इसमें सबसे अच्छा रिस्पांस हापुड़ और मोदीनगर में मिला है। जहां पर नवंबर माह में ही करीब 1250 से अधिक पेटीएम एप एक्टिव किए गए। इन दोनों ही जगहों पर बड़ी संख्या में कैशलेस भुगतान के लिए पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं। रोजाना यहां एक कारोबारी के यहां पर 1200 रुपये का कैश कलेक्शन पेटीएम से पेमेंट होने का औसत है। प्रियांशु मानते हैं कि अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों में शुरूआत है। कुछ दिनों के बाद लोग इसके इस्तेमाल के अभ्यस्त हो जाएंगे तो ट्रांजैक्शन भी बढ़ेगा।
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मेरठ - 1000
हापुड़, मोदीनगर - 1250
बिजनौर - 457
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर - 581
शामली - 84