फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Patient groans with pain, bone doctors not found in district hospital in baghpat

दर्द से कराहते रहे मरीज, जिला अस्पताल में नहीं मिले हड्डी के डॉक्टर, सीएमओ बोले- रात में नहीं व्यवस्था

Tue, 10 Nov 2020 10:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 10 Nov 2020 10:35 PM IST
सार

  • हाथ-पैरों की टूटी थी हड्डी, पांच गंभीर घायलों को मेरठ मेडिकल किया रेफर 
  • सीएमओ बोले, दिन में ही मिलते हैं हड्डी और न्यूरो के डॉक्टर, रात में नहीं व्यवस्था

विज्ञापन
Patient groans with pain, bone doctors not found in district hospital in baghpat
घायलों को भर्ती कराया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे से एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। सुबह लगभग साढ़े तीन बजे घायल जिला अस्पताल पहुंचने लगे थे। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मरहम-पट्टी जरूर की, लेकिन हड्डी के डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। घायलों की संख्या बढ़ी तो अव्यवस्थाएं शुरू हो गईं। घायलों ने नाराजगी जताई और इलाज के लिए हंगामा शुरू कर दिया। डीएम शकुंतला गौतम ने मरीजों को समझाकर शांत किया। 

विज्ञापन


हादसा सुबह करीब दो बजे हुआ। ईपीई पर पहली एंबुलेंस दो बजकर 55 मिनट पर पहुंची। घायलों को जिला अस्पताल रवाना किया गया। तीन बजकर 20 मिनट पर एक-एक करके आठ एंबुलेंस से 28 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। घायल अधिक थे और उपचार करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी कम।
विज्ञापन


गंभीर घायल इमरजेंसी में तड़प रहे थे। ऐसे में पहले उपचार पाने के लिए घायल और उनके परिजन चिल्लाने लगे। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस बीच डीएम शकुंतला गौतम, एसडीएम सदर अनुभव कुमार, सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह जिला अस्पताल पहुंच गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इमरजेंसी में पांच घायल ऐसे थे, जिनकी हड्डी में चोट लगी थी, लेकिन हड्डी के डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। अभिषेक के सिर में चोट थी, ज्ञानवती के दाहिने हाथ और पैर की हड्डी, आरती, रुचि और विवेक के हाथ-पैर की हड्डी में चोट थी।

हंगामा शुरू हुआ तो इन पांचों को मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया गया। सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाहा का कहना है कि हड्डी और न्यूरो के विशेषज्ञ डॉक्टर संविदा पर कार्यरत हैं, उनकी ड्यूटी दिन में रहती है। आईसीयू और ट्रामा सेंटर भी चालू नहीं है। 

पंक्चर एंबुलेंस में ही लिटा दिया मरीज
जिला अस्पताल में ऐसी अफरा-तफरी मची कि घायल को मेरठ रेफर करने के बाद जिस एंबुलेंस में शिफ्ट किया, उसमें पंक्चर था। कर्मचारी चलने लगे तो ध्यान चला गया। इसके बाद दोबारा से घायल को दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।

एक्सप्रेस-वे से घायलों को लाईं आठ एंबुलेंस
हादसे की सूचना हेल्पलाइन के माध्यम से एंबुलेंस सेवा को रात करीब ढाई बजे मिली। इसके बाद खेकड़ा, मवी कलां, पिलाना, जिला अस्पताल और सीएचसी बागपत की आठ एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। इनमें 102 सेवा की चार, 108 सेवा की तीन और एएनएस सेवा की एक एंबुलेंस का प्रयोग किया गया। एंबुलेंस सेवा प्रभारी नितिन कुमार का कहना है कि तुरंत ही मौके पर एंबुलेंस गई थी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed