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चंडीगढ़ से लौटने के बाद गुमसुम था परमवीर
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चंडीगढ़ से लौटने के बाद गुमसुम था परमवीर
मेरठ। हथियार सप्लाई के मामले में शक के आधार पर एनआईए और पंजाब पुलिस लगातार परमवीर से पूछताछ कर रही थी। दो बार चंडीगढ़ बुलाकर जानकारी ली। जिसके बाद से परमवीर गुमसुम रहने लगा था। मंगलवार रात जहर खा लिया।
अजित सिंह का कहना है कि बेटा बेकसूर था। गगनदीप ने उसको फंसाया। सुरक्षा एजेंसी ने जब भी परमजीत को बुलाया, वह खुद उसे लेकर चंडीगढ़ गए। बार बार पूछताछ के बाद से परमजीत गुमसुम रहने लगा था। कई बार परिवार के लोगों ने पूछा भी, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। वह रोजाना की तरह हस्तिनापुर स्थित सन्नी की डेयरी पर मंगलवार शाम में चला गया था।
बताया गया कि उसने करीब आठ बजे जहर खा लिया, लेकिन उनको सूचना रात में 12 बजे दी गई। बेटा हॉस्पिटल में भर्ती है, इसका पता लगते ही वह मवाना पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डेयरी वाले हॉस्पिटल के बाहर खडे़ थे, उनके पहुंचने के बाद वह वहां से चले गए। बेटे ने ऐसा क्यों किया, किसी ने कुछ नहीं बताया। जानकारी मिली है कि मौत से पहले डॉक्टरों से परमवीर की बात हुई, जिसमें उसने खुद ही जहर खाने की बात कही है। जहर खाने के बाद करीब दो घंटे तक वह जीवित रहना बताया गया है।
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एनआईए ने हिरासत में लिया था
परमजीत उर्फ मंगल सिंह (36) को 12 जुलाई 2021 को एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था। जहां एनआईए की टीम कई घंटे तक हस्तिनापुर और दूधली गांव में छानबीन करने में जुटी रही। 12 जुलाई की देर शाम ही परमजीत को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। 14 जुलाई 2021 को पंजाब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया, जहां पर उससे कुछ जानकारी ली।
गगनदीप की निशानदेही पर उठाया था
रामराज, बहसूमा निवासी गगनदीप ने एनआईए को बयान दिया था कि पंजाब में खालिस्तानियों को हथियार सप्लाई किए गए थे। गगनदीप से जब एनआईए ने पूछताछ की तो उसने दूधली के परमवीर का नाम भी बताया था। गगनदीप दहेज उत्पीड़न के मामले में जमानत तुड़वाकर जेल गया था, जिसको पंजाब पुलिस ने मेरठ जेल से पंजाब की जेल में शिफ्ट कराया था। उसके बाद उसको रिमांड पर लिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का लगेगा पता
सीओ मवाना उदय प्रताप का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, उसने जहरीला पदार्थ खाने के बाद अपने कुछ दोस्तों को फोन किया। जिसके बाद उन्होंने उसे मवाना के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हुई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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परमवीर का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने से परमवीर की मौत होना बताया गया है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में लगी है।
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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मेरठ। हथियार सप्लाई के मामले में शक के आधार पर एनआईए और पंजाब पुलिस लगातार परमवीर से पूछताछ कर रही थी। दो बार चंडीगढ़ बुलाकर जानकारी ली। जिसके बाद से परमवीर गुमसुम रहने लगा था। मंगलवार रात जहर खा लिया।
अजित सिंह का कहना है कि बेटा बेकसूर था। गगनदीप ने उसको फंसाया। सुरक्षा एजेंसी ने जब भी परमजीत को बुलाया, वह खुद उसे लेकर चंडीगढ़ गए। बार बार पूछताछ के बाद से परमजीत गुमसुम रहने लगा था। कई बार परिवार के लोगों ने पूछा भी, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। वह रोजाना की तरह हस्तिनापुर स्थित सन्नी की डेयरी पर मंगलवार शाम में चला गया था।
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बताया गया कि उसने करीब आठ बजे जहर खा लिया, लेकिन उनको सूचना रात में 12 बजे दी गई। बेटा हॉस्पिटल में भर्ती है, इसका पता लगते ही वह मवाना पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डेयरी वाले हॉस्पिटल के बाहर खडे़ थे, उनके पहुंचने के बाद वह वहां से चले गए। बेटे ने ऐसा क्यों किया, किसी ने कुछ नहीं बताया। जानकारी मिली है कि मौत से पहले डॉक्टरों से परमवीर की बात हुई, जिसमें उसने खुद ही जहर खाने की बात कही है। जहर खाने के बाद करीब दो घंटे तक वह जीवित रहना बताया गया है।
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एनआईए ने हिरासत में लिया था
परमजीत उर्फ मंगल सिंह (36) को 12 जुलाई 2021 को एनआईए की टीम ने हिरासत में लिया था। जहां एनआईए की टीम कई घंटे तक हस्तिनापुर और दूधली गांव में छानबीन करने में जुटी रही। 12 जुलाई की देर शाम ही परमजीत को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। 14 जुलाई 2021 को पंजाब पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया, जहां पर उससे कुछ जानकारी ली।
गगनदीप की निशानदेही पर उठाया था
रामराज, बहसूमा निवासी गगनदीप ने एनआईए को बयान दिया था कि पंजाब में खालिस्तानियों को हथियार सप्लाई किए गए थे। गगनदीप से जब एनआईए ने पूछताछ की तो उसने दूधली के परमवीर का नाम भी बताया था। गगनदीप दहेज उत्पीड़न के मामले में जमानत तुड़वाकर जेल गया था, जिसको पंजाब पुलिस ने मेरठ जेल से पंजाब की जेल में शिफ्ट कराया था। उसके बाद उसको रिमांड पर लिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारण का लगेगा पता
सीओ मवाना उदय प्रताप का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, उसने जहरीला पदार्थ खाने के बाद अपने कुछ दोस्तों को फोन किया। जिसके बाद उन्होंने उसे मवाना के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जहां उसकी मौत हुई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लग सकेगा और उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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परमवीर का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें बिसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में जहरीला पदार्थ खाने से परमवीर की मौत होना बताया गया है। पुलिस सभी बिंदु पर जांच करने में लगी है।
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी