पेपर लीक मामला: मेरठ कॉलेज का छात्रनेता निकला सरगना, सात-सात लाख में किया पेपर का सौदा
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उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा आयोजित की जाने वाली नलकूप चालक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने वाले गैंग का सरगना मेरठ कॉलेज का छात्रनेता सचिन निकला। वह फिलहाल अमरोहा में शिक्षक के पद पर तैनात था जहां से इस खेल को चला रहा था। उसके संपर्क में सौ से भी अधिक अभयर्थी थे। जानें पूरा मामला :-
मोबाइल फोन आया पकड़ में
सीओ एसटीएफ बृजेश कुमार सिंह के अनुसार मेरठ कॉलेज से एमए करने के बाद सचिन ने छात्र राजनीति में भी कदम रखा था। लेकिन बाद में वह अमरोहा में प्राथमिक विद्यालय में बतौर शिक्षक नियुक्त हो गया था। दूसरी तरफ इस प्रकरण में शनिवार को गिरफ्तार सभी 11 आरोपियों को रविवार को स्पेशल कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। सीओ के अनुसार मुख्य आरोपी सचिन के संपर्क में सौ से अधिक अभ्यर्थी थे।
परीक्षा स्थगित होने परअभ्यर्थियों का हंगामा
सीओ के अनुसार सचिन ने अभ्यर्थियों से सात-सात लाख रुपये में सौदा किया था। अभ्यर्थियों से पहले वह दस-दस लाख रुपये मांगता था, लेकिन बाद में सौदा सात-सात लाख में ही हुआ था। अभ्यर्थियों ने सचिन से कहा था कि पैसों का इंतजाम तो वह कर लेंगे, लेकिन पेपर होने से पहले आधा पैसा दिया जाएगा। कई अभ्यर्थियों ने उसे 3.50-3.50 लाख रुपये दे भी दिए थे। बाकी पैसा ज्वाइनिंग लेटर मिलने के बाद देना तय हुआ था।
पेपर लीक होने से स्थगित हुई नलकूप चालक चयन परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने रविवार को राजधानी में हंगामा किया। विभिन्न जिलों से सुबह ट्रेन से पहुंचे अभ्यर्थियों ने चारबाग में फुट ओवरब्रिज के नीचे प्रदर्शन किया। इससे यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठी फटकार कर उन्हें खदेड़ा।
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