{"_id":"695bb64ef3e1b5625808c9aa","slug":"panchayat-elections-leaders-in-villages-started-openly-writing-themselves-as-future-candidates-meerut-news-c-72-1-mct1004-146767-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव : गांवों में नेता खुलकर लिखने लगे खुद को भावी प्रत्याशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव : गांवों में नेता खुलकर लिखने लगे खुद को भावी प्रत्याशी
विज्ञापन
- सोशल मीडिया पर भी खुलकर प्रचार कर रहे दावेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गांवों में प्रचार अभियान तेज हो गया है। नेताओं ने खुद को भावी उम्मीदवार तक लिखना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी दावेदार खुलकर प्रचार कर रहे हैं।
पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है। इस पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई गई। नेताओं और अन्य जागरूक लोगों ने वोटर लिस्ट को पूरा खंगाला है ताकि उनके समर्थकों की वोट गायब न हो जाए। इस दौरान कई गांवों में लोगों की वोट गायब मिली है तो उन्होंने बीएलओ से मिलकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कई लोगों ने नामों की त्रुटियों को ठीक करने के लिए दावे किए हैं।
मौजूदा ग्राम प्रधानों पर आरोप-प्रत्यारोप
वोटर लिस्ट में समर्थकों के नाम गायब होने से मौजूदा ग्राम प्रधानों पर विरोधी खेमे के वोट कटवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसमें बीएलओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालात संभालने को वोटर लिस्ट पर दावे व आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
विज्ञापन
-- वर्जन --
गांवों में अनेक लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाए गए। निर्धारित समय में लोगों ने अपने दावे और आपत्तियों को बीएलओ के पास दर्ज कराया है। उम्मीद है कि इससे सही वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा। -नितिन त्यागी, ग्राम बजोट।
अधिकतर नेताओं की ओर से विरोधी पक्ष की वोट कटवाने की रणनीति बहुत पहले से अपनाई जाती रही है। जागरूक लोग और नेता वोटर लिस्ट का समय से अवलोकन करके अपने समर्थकों के नाम जुड़वा लेते हैं। -डॉ. स्नेहवीर पुंडीर, राजनीतिक विश्लेषक।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए गांवों में प्रचार अभियान तेज हो गया है। नेताओं ने खुद को भावी उम्मीदवार तक लिखना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी दावेदार खुलकर प्रचार कर रहे हैं।
पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर को हो चुका है। इस पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई गई। नेताओं और अन्य जागरूक लोगों ने वोटर लिस्ट को पूरा खंगाला है ताकि उनके समर्थकों की वोट गायब न हो जाए। इस दौरान कई गांवों में लोगों की वोट गायब मिली है तो उन्होंने बीएलओ से मिलकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कई लोगों ने नामों की त्रुटियों को ठीक करने के लिए दावे किए हैं।
विज्ञापन
मौजूदा ग्राम प्रधानों पर आरोप-प्रत्यारोप
वोटर लिस्ट में समर्थकों के नाम गायब होने से मौजूदा ग्राम प्रधानों पर विरोधी खेमे के वोट कटवाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसमें बीएलओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालात संभालने को वोटर लिस्ट पर दावे व आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
विज्ञापन
गांवों में अनेक लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाए गए। निर्धारित समय में लोगों ने अपने दावे और आपत्तियों को बीएलओ के पास दर्ज कराया है। उम्मीद है कि इससे सही वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा। -नितिन त्यागी, ग्राम बजोट।
अधिकतर नेताओं की ओर से विरोधी पक्ष की वोट कटवाने की रणनीति बहुत पहले से अपनाई जाती रही है। जागरूक लोग और नेता वोटर लिस्ट का समय से अवलोकन करके अपने समर्थकों के नाम जुड़वा लेते हैं। -डॉ. स्नेहवीर पुंडीर, राजनीतिक विश्लेषक।