पंचायत चुनाव : छिटपुट घटनाओं के बीच जिले में 73.25 फीसदी मतदान, दो मई को होगा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
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मेरठ जिले के 12 ब्लॉक में छिटपुट घटनाओं के बीच 73.25 फीसदी मतदान संपन्न हुआ। सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक हुए मतदान में किसी भी बूथ पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं कराया गया। जो दावे प्रशासन की ओर से कोविड-19 के किए गए थे वो सभी फेल हो गए।
सरधना ब्लॉक के फलावदा मेें दो पक्षों के आमने-सामने आने से पत्थरबाजी हुई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी के साथ इस घटना पर भी काबू पा लिया। जिले में 9455 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया। दो मई को मतगणना होगी। 12 ब्लॉक में सबसे अधिक मवाना में 80 प्रतिशत और सबसे कम 65 प्रतिशत खरखौदा ब्लॉक में हुआ।
मतदान की शुरुआत से ही मतदाताओं की भीड़ केंद्रों पर लगनी शुरू हो गई थी। अधिकतर बूथों पर महिलाओं की संख्या भी अधिक रही। पुरुषों से अधिक महिलाओं की लंबी कतारें कई स्थानों पर देखी गईं। दिन चढ़ने के साथ मतगणना का प्रतिशत भी बढ़ता चला गया।
बहुत कम बूथों पर कोरोना को देखते हुए गाइडलाइंस का पालन किया गया। कुछ स्थानों पर आशा कार्यकत्रियों ने बूथ के प्रवेश द्वार पर बैठकर मतदाताओं को सैनेटाइज किया। मतदान खत्म होने के बाद मतपेटी जमा करने के दौरान भी काफी भीड़ एक साथ जमा हो गई।
वहां भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं कराया गया। इस दौरान सामान्य प्रेक्षक अधर किशोर मिश्रा ने खरखौदा, माछरा, परीक्षितगढ़, हस्तिनापुर, रजपुरा आदि ब्लॉकों में बनाए गए मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रेक्षक ने मतदान केंद्रों पर विजिट डायरी में भी लिखा।
1.78 कम हुआ मतदान प्रतिशत
वर्ष-2015 के पंचायत चुनाव की तुलना में जिले का मतदान प्रतिशत 1.78 प्रतिशत कम रहा। वर्ष-2015 को 75.03 प्रतिशत चुनाव हुआ था। इस बार जिले में 73.25 प्रतिशत चुनाव हुआ। पिछली बार जिले में चार चरणों में चुनाव कराए गए थे। इस बार कोरोना के कारण जिले के 12 ब्लॉक में एकसाथ ही मतदान कराए गए।