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शादी के 35 वर्ष बाद मिली भारतीय नागरिकता, पाकिस्तानी महिला बोली- मोदी इज ग्रेट

Fri, 18 Oct 2019 12:08 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Fri, 18 Oct 2019 12:08 PM IST
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Pakistani women got Indian citizenship After thirty five years of marriage and said Modi is Great
पाकिस्तानी महिलाओं को शादी के 35 साल बाद मिली भारतीय नागरिकता - फोटो : अमर उजाला

शादी के 35 साल बाद दो पाकिस्तानी महिलाओं को भारतीय नागरिकता मिली है। ये दोनों शादी के बाद से सरसावा के एक गांव में रह रहीं थीं। शुक्रवार को एसडीएम ने अपने कार्यालय में दोनों महिलाओं को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे। प्रमाणपत्र पाते ही दोनों की आंखें खुशी से छलक उठी। इस दौरान महिलाओं ने कहा मोदी इज ग्रेट।

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पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गांव गुजरानवाला निवासी मोहम्मद जहांगीर की पुत्री नसीमा बेगम ने बताया कि उसका निकाह 13 अप्रैल सन 1984 में सरसावा थाना क्षेत्र के गांव कुंडा गाडियान निवासी शब्बीर हसन के साथ हुआ था। निकाह के बाद वह भारत आ गई थी तथा तभी से वह अपनी ससुराल गांव कुंडा गाडियान में ही रह रही है। इस दौरान उसने तीन लड़कों व चार लड़कियों जन्म दिया।
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उन्होंने बताया कि 1986 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, जबकि दूसरी महिला नसरीन बीबी पुत्री मोहम्मद शरीफ निवासी गांव शेखुपुरा, पंजाब प्रांत पाकिस्तान ने बताया कि उसका निकाह चार अप्रैल 1988 को सरसावा के गांव कुंडा गाडियान निवासी नियामत अली के साथ हुआ था। वह भी निकाह के बाद से अपनी ससुराल में ही रह रही है। इस दौरान उसने एक लड़का व पांच लड़कियां को जन्म दिया। उसने सन 1990 में भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था।

महिला नसीमा बेगम के पति शब्बीर हसन व नसरीन बीबी के पति नियामत अली ने बताया कि निकाह के बाद उनकी पत्नियां दीर्घकालिक वीजा पर रही थीं। कुछ कानूनी दिक्कतों के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिल पायी थी। हर बार महिलाओं के वीजा को कुछ वर्षों के लिए बढ़ा दिया जाता था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और भारतीय नागरिकता लेने के लिए लगातार कोशिश करते रहे। इस दौरान उन्हें दिल्ली व लखनऊ के कई चक्कर लगाने पड़े। आखिरकार निकाह के करीब साढ़े तीन दशक बाद उन्हें भारतीय नागरिकता मिल ही गई। दोनों महिलाओं ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उनके भी आम भारतीय की तरह आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड बन जाएंगे तथा वह दोनों भी औरों की तरह वोट डाल पाएंगी।  

एसडीएम पीएस राणा ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में दोनों महिलाओं को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र सौंपे। प्रमाणपत्र पाकर दोनों महिलाओं व उनके पतियों ने खुशी जाहिर करते हुए मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया है।  

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