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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Painful death: First the shadow of the father was raised from the head, now the brother also snatched the accident

दर्दनाक मौत: पहले सिर से उठा पिता का साया, अब भाई भी हादसे ने छीने, बहन की शादी के लिए बांट रहे थे कार्ड

Sun, 14 Nov 2021 12:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 14 Nov 2021 12:11 PM IST
सार

मेरठ के मोदीपुरम थानाक्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में दो भाइयों की मौत हो गई। दोनों भाई बहन की शादी के लिए कार्ड बांटकर घर लौट रहे थे।

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Painful death: First the shadow of the father was raised from the head, now the brother also snatched the accident
Meerut accident news - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के काकेपुर गांव का अरविंद सैनी तीन बहनों में अकेला भाई था, जो पिता की मौत के बाद जिम्मेदारी संभाल रहा था। दो बहनों की शादी हो चुकी थी। छोटी बहन अंजू की 16 नवंबर को ही शादी थी और मुजफ्फरनगर के कवाल से बरात आनी थी। अंजू को धूमधाम से विदा करने की तैयारी थी, लेकिन काल ने ऐसा होने नहीं दिया।
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शादी का कार्ड बांटने जा रहे अरविंद और चचेरे भाई सचिन शुक्रवार को करनाल हाईवे पर सड़क हादसे में जान गंवा बैठे। दो सप्ताह में इसी परिवार से जुड़े चार लोगों की मौत से गम का पहाड़ टूट पड़ा। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों के शव गांव में पहुंचे तो हर आंख नम थीं।
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काकेपुर में हुकुम सिंह सैनी, बिशनपाल सैनी और नरेश सैनी के परिवार रहते हैं। अरविंद के पिता बिशनपाल सैनी की आठ साल पहले मौत हो चुकी है। चचेरे भाई सचिन सैनी के पिता नरेश सैनी 15 साल पहले मौत हो चुकी है। खानदान के सबसे बड़े हुकुम सिंह सैनी की देखरेख में परिवार पल रहे थे ,लेकिन 27 अक्तूबर को उनकी भी मौत हो गई।
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घर में बेटी की शादी नजदीक थी, इसलिए मौत को भुलाकर तैयारी में जुट गए। इसी दौरान एक अन्य महिला रिश्तेदार की मौत से परिवार बेचैन हो गया। पिछले एक सप्ताह से अरविंद और सचिन अंजू की शादी के कार्ड बाट रहे थे। लेकिन शुक्रवार की रात के हादसे का शिकार हो गए। ऐसे में इन दोनों मौतों के बाद पूरा परिवार यह सोचने समझने की क्षमता खो चुका है कि क्या करे। पूरे गांव में मातम पसरा है। 
 
बेसुध होती रही मां और बहन भी सदमे में
बेटों के शव घर पहुंचे तो मां और बहन बार बार बेसुध होती रहीं। परिवार की अन्य महिलाएं भी विलाप करती रहीं। भाई की मौत से अंजू बुरी तरह सदमे में हैं। सचिन के घर में उसका बड़ा भाई संदीप सैनी हैं, जिस पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई है। वहीं, अरविंद के परिवार में बूढ़ी मां और छोटी बहन ही बची हैं।

बबिता और ललिता की शादी हो चुकी हैं। किसानी-मजदूरी वाला परिवार है। आर्थिक स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं है। इन परिवारो को कौन संभालेगा, ग्रामीणों की जुबान पर यही सवाल रहा।  भारतीय मतदाता संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आदेश फौजी सहित अन्य लोगों ने पहुंचकर सांत्वना दी।
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