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धान-गन्ने में लगता है ज्यादा पानी, अन्य फसलें भी उगाएं
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गोष्ठी को संबोधित करते केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह, साथ में केंद?
- फोटो : aaa
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर चिंतित है। इसके लिए वैज्ञानिकों को किसानों के बीच जाकर काम करना होगा। किसानों को भी समेकित कृषि प्रणाली को अपनाना होगा। आलू, मक्का के साथ ही बेल वाली सब्जी की भी खेती करनी होगी।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में कृषक वैज्ञानिक गोष्ठी में मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह ने कहा कि किसान राजनैतिक दृष्टि से बंटता है, तो उसका महत्व खत्म हो जाता है। आज किसान पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं। लेकिन एक दिन वे इन्हें खुद वापस लाएंगे। ये पशु ही उनकी आमदनी का जरिया बनेंगे। पश्चिमी यूपी के किसान बकरी, मुर्गी पालन के साथ ही बायोगैस प्लांट भी लगाएं। मैं खुद बिहार में छोटी-छोटी खेती करता था। आज बिहार के किसान दोगुना लाभ कमा रहे हैं। पांच बीघा किसान के लिए कहा कि एक बीघा में पशु पालन करें और चार बीघा में खेतीं। धान और गन्ने में सबसे ज्यादा पानी लगता है, इसलिए अन्य फसलें भी उगाएं। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने कहा कि किसान की आय दोगुनी करने के लिए सबको एकजुट होना होगा। संस्थान के निदेशक डा. आजाद सिंह पंवार ने गिरिराज सिंह और डा. संजीव बालियान को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
गोष्ठी में कृषि विवि के कुलपति प्रो. आरके मित्तल, डा. राजबीर सिंह, डा. प्रेम सिंह, डा. चंद्रभानु, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, पूर्व विधायक चौधरी चंद्रवीर सिंह, मोनू अहलावत, जितेंद्र प्रधान, सुरेंद्र लोईया, संदीप प्रधान, रविंद्र अहलावत, सुरेंद्र दौराला, मनोज, सुदेश चौधरी, रामबीर प्रधान, रजनीश चौधरी, सतीश चिंदौड़ी आदि मौजूद रहे।
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वैज्ञानिक फेल, किसान पास
गिरिराज सिंह ने दो लाख रुपये तक आय वाले किसानों से हाथ उठाने को कहा, लेकिन कोई हाथ नहीं उठा। इसके बाद एक लाख आय वाले किसानों से हाथ उठाने को कहा, तो कई किसान खड़े हो गए। मंत्री ने वाराणसी, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत आदि से आए किसानों से सवाल पूछे, जिसके उन्हें ठीक उत्तर दिए। इसके बाद वैज्ञानिकों से पूछा कि किसान कौन सी फसलों की खेती करें, कि आय दो लाख हो जाए। वैज्ञानिकों ने जवाब दिए, लेकिन मंत्री संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वे चार माह बाद फिर आएंगे और पूछेंगे कि किसानों के लिए क्या-क्या लाभदायक मॉडल तैयार किए।
पाकिस्तान के सवाल पर कन्नी काटी
गोष्ठी के बाद केंद्रीय मंत्री मीडिया से रूबरू हुए। केंद्र की योजनाओं पर बात की। लेकिन जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत के खिलाफ बयानबाजी के बारे में बात की, तो कुछ भी बोलने से कन्नी काट गए।
पशु चिकित्सकों की शिकायत
संगोष्ठी के दौरान श्रीहरि गौ सेवा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नगेंद्र गोस्वामी के नेतृत्व में ट्रस्ट के पदाधिकारी पहुंचे और गिरिराज सिंह व संजीव बालियान को ज्ञापन सौंपा। कृषि विवि के पशु चिकित्सकों द्वारा गौवंश के उपचार में लापरवाही बरतने की शिकायत की। इस दौरान उमा शर्मा, कल्पना पांडे, रोहित पवार गुर्जर, रुबीना आदि मौजूद रहे।
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भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम में कृषक वैज्ञानिक गोष्ठी में मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह ने कहा कि किसान राजनैतिक दृष्टि से बंटता है, तो उसका महत्व खत्म हो जाता है। आज किसान पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं। लेकिन एक दिन वे इन्हें खुद वापस लाएंगे। ये पशु ही उनकी आमदनी का जरिया बनेंगे। पश्चिमी यूपी के किसान बकरी, मुर्गी पालन के साथ ही बायोगैस प्लांट भी लगाएं। मैं खुद बिहार में छोटी-छोटी खेती करता था। आज बिहार के किसान दोगुना लाभ कमा रहे हैं। पांच बीघा किसान के लिए कहा कि एक बीघा में पशु पालन करें और चार बीघा में खेतीं। धान और गन्ने में सबसे ज्यादा पानी लगता है, इसलिए अन्य फसलें भी उगाएं। केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने कहा कि किसान की आय दोगुनी करने के लिए सबको एकजुट होना होगा। संस्थान के निदेशक डा. आजाद सिंह पंवार ने गिरिराज सिंह और डा. संजीव बालियान को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
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गोष्ठी में कृषि विवि के कुलपति प्रो. आरके मित्तल, डा. राजबीर सिंह, डा. प्रेम सिंह, डा. चंद्रभानु, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, पूर्व विधायक चौधरी चंद्रवीर सिंह, मोनू अहलावत, जितेंद्र प्रधान, सुरेंद्र लोईया, संदीप प्रधान, रविंद्र अहलावत, सुरेंद्र दौराला, मनोज, सुदेश चौधरी, रामबीर प्रधान, रजनीश चौधरी, सतीश चिंदौड़ी आदि मौजूद रहे।
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वैज्ञानिक फेल, किसान पास
गिरिराज सिंह ने दो लाख रुपये तक आय वाले किसानों से हाथ उठाने को कहा, लेकिन कोई हाथ नहीं उठा। इसके बाद एक लाख आय वाले किसानों से हाथ उठाने को कहा, तो कई किसान खड़े हो गए। मंत्री ने वाराणसी, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत आदि से आए किसानों से सवाल पूछे, जिसके उन्हें ठीक उत्तर दिए। इसके बाद वैज्ञानिकों से पूछा कि किसान कौन सी फसलों की खेती करें, कि आय दो लाख हो जाए। वैज्ञानिकों ने जवाब दिए, लेकिन मंत्री संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि वे चार माह बाद फिर आएंगे और पूछेंगे कि किसानों के लिए क्या-क्या लाभदायक मॉडल तैयार किए।
पाकिस्तान के सवाल पर कन्नी काटी
गोष्ठी के बाद केंद्रीय मंत्री मीडिया से रूबरू हुए। केंद्र की योजनाओं पर बात की। लेकिन जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा भारत के खिलाफ बयानबाजी के बारे में बात की, तो कुछ भी बोलने से कन्नी काट गए।
पशु चिकित्सकों की शिकायत
संगोष्ठी के दौरान श्रीहरि गौ सेवा धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष नगेंद्र गोस्वामी के नेतृत्व में ट्रस्ट के पदाधिकारी पहुंचे और गिरिराज सिंह व संजीव बालियान को ज्ञापन सौंपा। कृषि विवि के पशु चिकित्सकों द्वारा गौवंश के उपचार में लापरवाही बरतने की शिकायत की। इस दौरान उमा शर्मा, कल्पना पांडे, रोहित पवार गुर्जर, रुबीना आदि मौजूद रहे।