मेरठ : ये जिला अस्पताल है... यहां हार्मोंस, कैंसर और गुर्दे के मरीज न आएं
मेरठ के जिला अस्पताल में हर रोज करीब डेढ़ हजार मरीज ओपीडी में लंबी लाइनों में लगे रहते हैं। फिर पता चलता है कि जांच सुविधा उपलब्ध ही नहीं हैं। इसके लिए अस्पताल के बाहर बोर्ड पर जो सुविधाएं उपलब्ध है वो लिख दी गईं है।
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दिल्ली रोड की एक कॉलोनी निवासी रामपाल को कैंसर है। दोे घंटे लाइन में इंतजार के बाद डॉक्टर के पास पहुंचे रामपाल को डॉक्टर ने बताया कि यहां रेडियोथैरेपी की सुविधा नहीं है। रामपाल ऐसे अकेले नहीं हैं। पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में कैंसर, गुर्दों और हार्मोंस समेत 8 तरह की बीमारियों के मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। इसके लिए यहां बोर्ड भी लगा दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में हर रोज करीब डेढ़ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इन्हें लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। चिकित्सक जांच लिखते हैं तो पता चलता है कि यह जांच सुविधा उपलब्ध ही नहीं है। नतीजतन, मायूस होकर लौटना पड़ता है।
सुविधाओं का अभाव है और मरीज लाचार हैं। यह हालात तब हैं जब केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं पर खासा जोर दे रही हैं। इसके बावजूद इन चिकित्सीय सुविधाओं के न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
इन बीमारियों के न विशेषज्ञ चिकित्सक और न उपकरण
- मस्तिष्क से संबंधित न्यूरो सर्जरी
- कैंसर से संबंधित ऑन्कोलॉजी
- त्वचा से संबंधित प्लास्टिक सर्जरी
- गुर्दों से संबंधित नेफ्रोलॉजी
- कैंसर से संबंधित रेडियोथैरेपी
- बच्चों की बीमारी से संबंधित पीडियाट्रिक्स सर्जरी
- हार्मोंस से संबंधित बीमारियां
- स्त्री एवं प्रसूति रोग
सुविधा के लिए हमने बोर्ड लगा दिया है...
जो सुविधाएं उपलब्ध हैं और जो उपलब्ध नहीं हैं, उन सभी का बोर्ड लगा है ताकि मरीजों को परेशानी न हो। बाकी सुविधाएं भी मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। जो सुविधाएं यहां नहीं हैं, उनके लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल