UP: नहीं थम रही पुलिस की अवैध वसूली, मुजफ्फरनगर में चौकी प्रभारी और चार सिपाही लाइन हाजिर, ये है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के पुलिस थानों व चौकियों में अवैध वसूली के मामले थम नहीं रहे हैं। अब मुजफ्फरनगर में खालापार चौकी प्रभारी समेत चार सिपाहियों को अवैध वसूली के कारण लाइन हाजिर कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिसकर्मियों ने फाइनेेंस की स्कूटी को चोरी की बता कर युवक का उत्पीड़न किया गया। उससे एक लाख रुपये वसूल लिए। दो लाख की अतिरिक्त मांग की जाने लगी। शिकायत मिलने पर जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने आरोपी खालापार चौकी प्रभारी और चार सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया।
खालापार निवासी जुनेद ने कई दिन पहले गाजियाबाद की फाइनेंस कंपनी से एक स्कूटी खरीदी थी। यह स्कूटी किश्त न जमा करने वाले व्यक्ति की जब्त की गई थी। इस स्कूटी को जुनेद अपने घर ले आया। स्कूटी को चोरी की बताते हुए मुखबिर ने खालापार चौकी प्रभारी प्रवेश शर्मा को सूचना दी। इस पर चौकी प्रभारी ने सिपाहियों को भेजकर स्कूटी उठवा कर खालापार पुलिस चौकी पर मंगा ली। जुनेद को भी खालापार चौकी पर लाया गया।
यह भी पढ़ें:NIA की बड़ी कार्रवाई: रेहिंग्या शरणार्थी छात्र के पास मिला UNHRC कार्ड, महाराष्ट्र ATS ने इनामुलहक का कमरा खंगाला
उससे स्कूटी के बारे में पूछताछ की गई। जुनेद ने स्कूटी को सही बताते हुए उसे खरीदने के कागज भी दिखाए, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी। आरोप है कि उसे अपमानित कर झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। उससे तीन लाख की मांग की गई। डर कर जुनेद ने बिचौलिए की मदद से एक लाख रुपये पुलिस को दिए। बाद में दो लाख का दबाव बनाया जाने लगा।
परेशान होकर पीड़ित जुनेद ने यह शिकायत तीन दिन पहले एसएसपी अभिषेक यादव से की। एसएसपी ने एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय को जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद मंगलवार देर रात एसएसपी ने खालापार चौकी प्रभारी प्रवेश शर्मा, सिपाही प्रशांत चौधरी, प्रशांत शर्मा, कपिल व संदीप कुमार को लाइन हाजिर कर दिया।
सराहनीय कार्य पर चौकी प्रभारी को मिल चुके है मेडल
पुलिस के मुताबिक लाइन हाजिर किए गए चौकी प्रभारी प्रवेश शर्मा को सराहनीय कार्य करने पर पूर्व में कई मेडल भी मिल चुके है। मगर, इस बार उनके कार्य से पुलिस बदनाम हुई है।