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मेरठ: पेयजल टंकी का निर्माण खेत में करने का विरोध, धरने पर बैठा परिवार
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सरधना। विकास खंड सरूरपुर के गांव कालंदी में पानी की टंकी के निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। गांव का ही एक परिवार उक्त जमीन अपनी बताते हुए धरने पर बैठ गया है। उन्हाेंने गांव द्वारा प्रस्तावित इस जमीन को अपना बताते हुए कार्य रुकवाने की मांग की है। विरोध की जानकारी मिलने के बाद तहसील की टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश कर लौट आई।
सरूरपुर ब्लॉक के गांव कालंदी में प्रस्तावित टंकी के निर्माण से पहले चयनित जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जिसमें वाल्मीकि समाज के बेदू ने ग्राम प्रधान के ससुर पर जबरन उनकी खेती की जमीन पर टंकी बनवाने के आरोप लगाए। निर्माण की शुरुआत होते ही बेदू का परिवार महिलाओं संग खेत में ही धरने पर बैठ गए।
बेदू पक्ष का कहना है कि ग्राम पंचायत से उन्हें 19 साल पहले भूमि धर संक्रमण का पट्टा हुआ था। कुल दो हजार मीटर के पट्टे पर वह तभी से खेती कर अपने परिवार की गुजर-बसर कर रहा है। इसी जमीन पर उसने पंजाब नेशनल बैंक की कालंद शाखा से 81 हजार रुपये का कर्ज भी लिया है। काफी समय से उसके खाते में किसान सम्मान निधि की सरकारी सहायता भी पहुंच रही है।
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आरोप है कि अचानक उसके खेत में टंकी बनवाने की शुरुआत कर दी और उसकी गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया। रास्ते के निकट उसका खेत होने की वजह से परिवार को सूचना मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। फिलहाल बेदू की पत्नी सीमा, भाई पैमू, भाभी रीना, बेटी प्रीती, बेटा सूरज, भतीजी चांदनी और भतीजे नैतिक के साथ पूरा परिवार खेत में धरने पर बैठ गया है। विरोध की सूचना पर तहसील टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश करते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपने की बात कही।
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सरूरपुर ब्लॉक के गांव कालंदी में प्रस्तावित टंकी के निर्माण से पहले चयनित जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जिसमें वाल्मीकि समाज के बेदू ने ग्राम प्रधान के ससुर पर जबरन उनकी खेती की जमीन पर टंकी बनवाने के आरोप लगाए। निर्माण की शुरुआत होते ही बेदू का परिवार महिलाओं संग खेत में ही धरने पर बैठ गए।
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बेदू पक्ष का कहना है कि ग्राम पंचायत से उन्हें 19 साल पहले भूमि धर संक्रमण का पट्टा हुआ था। कुल दो हजार मीटर के पट्टे पर वह तभी से खेती कर अपने परिवार की गुजर-बसर कर रहा है। इसी जमीन पर उसने पंजाब नेशनल बैंक की कालंद शाखा से 81 हजार रुपये का कर्ज भी लिया है। काफी समय से उसके खाते में किसान सम्मान निधि की सरकारी सहायता भी पहुंच रही है।
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आरोप है कि अचानक उसके खेत में टंकी बनवाने की शुरुआत कर दी और उसकी गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया। रास्ते के निकट उसका खेत होने की वजह से परिवार को सूचना मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। फिलहाल बेदू की पत्नी सीमा, भाई पैमू, भाभी रीना, बेटी प्रीती, बेटा सूरज, भतीजी चांदनी और भतीजे नैतिक के साथ पूरा परिवार खेत में धरने पर बैठ गया है। विरोध की सूचना पर तहसील टीम मौके पर पहुंची और जमीन की पैमाइश करते हुए रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपने की बात कही।