{"_id":"6aa41016c7af837e2b0534ae","slug":"opportunity-to-showcase-innovation-in-the-inspire-awards-nominations-open-until-september-15-meerut-news-c-72-1-mct1014-159242-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: इंस्पायर अवॉर्ड में नवाचार दिखाने का मौका, 15 सितंबर तक नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: इंस्पायर अवॉर्ड में नवाचार दिखाने का मौका, 15 सितंबर तक नामांकन
Fri, 11 Sep 2026 07:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 11 Sep 2026 07:58 PM IST
विज्ञापन
चयनित छात्रों को मॉडल तैयार करने के लिए मिलेंगे 10 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। विद्यार्थियों के नए वैज्ञानिक विचारों को पहचान और राष्ट्रीय मंच देने वाली इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में आवेदन का समय समाप्ति की ओर है। सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों को 15 सितंबर तक पात्र विद्यार्थियों के नाम पोर्टल पर दर्ज कराने होंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यालयों में अधिक से अधिक नामांकन कराने के लिए प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) की पहल के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी ऐसे नए विचार प्रस्तुत कर सकते हैं, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज की किसी समस्या का समाधान सुझाते हों। डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ला और जिला नोडल अधिकारी एवं एसआरजी विज्ञान रुचिरा चंदेल ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों से पात्र विद्यार्थियों के आवेदन कराने को कहा है।
विज्ञापन
नामांकन को लेकर पहले प्रधानाचार्यों के लिए ऑनलाइन जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इसके बाद एमआईईटी में विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला हुई। इसमें एसीआईसी एमआईईटी फाउंडेशन के सीईओ प्रशांत कुमार ने प्रोटोटाइप निर्माण, नई तकनीक के इस्तेमाल और दैनिक जीवन की समस्याओं पर आधारित उपयोगी मॉडल विकसित करने के तरीके समझाए। एसआरजी गणित आरती ने विद्यार्थियों में तर्क और वैज्ञानिक नजरिया विकसित करने पर जोर दिया।
चयनित छात्र को मिलती है 10 हजार की सहायता
इंस्पायर योजना के तहत विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को उनके मॉडल या प्रोटोटाइप के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन के समय विद्यार्थी के विचार, उसकी उपयोगिता और समस्या के संभावित समाधान का संक्षिप्त विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होता है। विचार का विवरण अधिकतम 300 शब्दों में दिया जा सकता है। रुचिरा चंदेल ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों में छिपी वैज्ञानिक जिज्ञासा और रचनात्मक सोच को सामने लाना है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के सामान्य दिखने वाले विचारों में भी संभावनाएं तलाशकर उन्हें बेहतर रूप में प्रस्तुत कराने की जरूरत है।
जिला से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता है चयन
इंस्पायर अवॉर्ड की प्रक्रिया विद्यालय से शुरू होकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है। पहले चरण में स्कूल विद्यार्थी के विचार पोर्टल पर भेजता है। चयनित प्रतिभागी आगे प्रदर्शनी में अपने मॉडल प्रस्तुत करते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नवाचार राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और विभिन्न वैज्ञानिक मंचों पर अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है।
पिछले साल 3242 छात्रों ने कराया था पंजीकरण
मेरठ में पिछले साल योजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। वर्ष 2025 में 688 विद्यालयों के 3242 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 118 विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता के लिए चुना गया था। चयनित सभी विद्यार्थियों के खातों में 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। विद्यार्थियों के नए वैज्ञानिक विचारों को पहचान और राष्ट्रीय मंच देने वाली इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में आवेदन का समय समाप्ति की ओर है। सत्र 2026-27 के लिए स्कूलों को 15 सितंबर तक पात्र विद्यार्थियों के नाम पोर्टल पर दर्ज कराने होंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यालयों में अधिक से अधिक नामांकन कराने के लिए प्रधानाचार्यों और विज्ञान शिक्षकों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) की पहल के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी ऐसे नए विचार प्रस्तुत कर सकते हैं, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज की किसी समस्या का समाधान सुझाते हों। डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ला और जिला नोडल अधिकारी एवं एसआरजी विज्ञान रुचिरा चंदेल ने सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों से पात्र विद्यार्थियों के आवेदन कराने को कहा है।
विज्ञापन
नामांकन को लेकर पहले प्रधानाचार्यों के लिए ऑनलाइन जागरूकता बैठक आयोजित की गई। इसके बाद एमआईईटी में विज्ञान शिक्षकों की कार्यशाला हुई। इसमें एसीआईसी एमआईईटी फाउंडेशन के सीईओ प्रशांत कुमार ने प्रोटोटाइप निर्माण, नई तकनीक के इस्तेमाल और दैनिक जीवन की समस्याओं पर आधारित उपयोगी मॉडल विकसित करने के तरीके समझाए। एसआरजी गणित आरती ने विद्यार्थियों में तर्क और वैज्ञानिक नजरिया विकसित करने पर जोर दिया।
चयनित छात्र को मिलती है 10 हजार की सहायता
इंस्पायर योजना के तहत विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को उनके मॉडल या प्रोटोटाइप के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है। आवेदन के समय विद्यार्थी के विचार, उसकी उपयोगिता और समस्या के संभावित समाधान का संक्षिप्त विवरण पोर्टल पर दर्ज करना होता है। विचार का विवरण अधिकतम 300 शब्दों में दिया जा सकता है। रुचिरा चंदेल ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों में छिपी वैज्ञानिक जिज्ञासा और रचनात्मक सोच को सामने लाना है। शिक्षकों को विद्यार्थियों के सामान्य दिखने वाले विचारों में भी संभावनाएं तलाशकर उन्हें बेहतर रूप में प्रस्तुत कराने की जरूरत है।
जिला से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचता है चयन
इंस्पायर अवॉर्ड की प्रक्रिया विद्यालय से शुरू होकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचती है। पहले चरण में स्कूल विद्यार्थी के विचार पोर्टल पर भेजता है। चयनित प्रतिभागी आगे प्रदर्शनी में अपने मॉडल प्रस्तुत करते हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले नवाचार राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और विभिन्न वैज्ञानिक मंचों पर अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलता है।
पिछले साल 3242 छात्रों ने कराया था पंजीकरण
मेरठ में पिछले साल योजना को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। वर्ष 2025 में 688 विद्यालयों के 3242 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 118 विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता के लिए चुना गया था। चयनित सभी विद्यार्थियों के खातों में 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा चुकी है।