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तीन दिन बीत चुके, अभी सिर्फ मुकदमे की तैयारी चल रही

Thu, 28 Nov 2019 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 02:00 AM IST
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only report progress in three days
मेरठ---मेजर ध्यानचंद नगर मे जरजर हालत मे खडा मकान।
तीन दिन बीत चुके, अभी सिर्फ मुकदमे की तैयारी चल रही
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मेरठ। मेजर ध्यानचंद नगर में अवैध केमिकल गोदाम में आग लगने के तीन दिन बाद भी पुलिस और प्रशासन की नींद नहीं टूटी। सभी विभाग टालमटोल की नीति पर हैं। ब्रह्मपुरी पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। एमडीए ने जर्जर हो चुके भवन का निरीक्षण नहीं किया। रह-रह कर छह घंटे तक आग धधकी थी। घने काले धुएं से आसपास की बहुमंजिली आवासीय कॉलोनियों के बाशिंदों का दम घुटा था, पर किसानों के पराली जलाने पर तत्परता से मुकदमा दर्ज कराने वालों ने भी इसका संज्ञान लेना उचित नहीं समझा।
दिल्ली रोड स्थित मेजर ध्यानचंद नगर में सोमवार दोपहर केमिकल के अवैध गोदाम में भीषण आग लगी थी। आग लगने के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अमले ने बताया था कि केमिकल गोदाम अवैध है। अग्निशमन के उपाय भी नहीं थे। बावजूद अभी तक गोदाम चलाने वाले सचिन गुप्ता पर मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। आग लगने के दिन ही केमिकल गोदाम चलाने वाला सचिन गुप्ता फरार हो गया था। वहां कहां है? क्यों भाग गया? प्रशासनिक मशीनरी ने यह तक पता लगाने की कोशिश नहीं की। ब्रह्मपुरी थाना पुलिस भी खामोशी अख्तियार कर रखी है। अफसर सिर्फ यह रहे हैं कि जांच कराकर सचिन गुप्ता पर कार्रवाई करेंगे। अभी तक क्यों ठोस कदम नहीं उठाया गया? इसका जवाब नहीं मिल रहा है।
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आईजी बोले, 24 घंटे में मांगी है रिपोर्ट
आईजी आलोक सिंह ने बताया कि सचिन गुप्ता के खिलाफ पुलिस ने जांच बैठा दी है। एसपी सिटी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई है। जल्द मुकदमा भी दर्ज होगा। दमकल विभाग और संबंधित विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। मेजर ध्यानचंदनगर में चल रहीं अवैध गोदामों की तलाश में सर्च अभियान भी चलाया जाएगा।
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फार्मावेस्ट या काला तेल का खेल
सूत्र बताते हैं कि मेजर ध्यानचंद नगर में फार्मावेस्ट या काले तेल का खेल बड़े स्तर पर हो रहा था। इसकी जानकारी सरकारी मशीनरी को थी। सचिन गुप्ता थोक में सस्ते दाम पर फार्मावेस्ट खरीदता था। उसमें केमिकल मिलाने के बाद बेचा जाता था। केमिकल और फार्मावेस्ट मिलाने का काम अंदाजे से होता था। सोमवार को मिलाने के दौरान हुई गड़बड़ी की वजह से ही शायद आग लगी थी। तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर सचिन के नकली तेल के खेल में भी सरकारी मशीनरी की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है।

गहरी हो चुकी हैं तेल में खेल की जड़ें
मेरठ में तेल में खेल की जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। परतापुर मेें राजीव जैन और प्रदीप गुप्ता की केमिकल फैक्टरी में नकली तेल/केमिकल पकड़ा गया था। इसके अलावा संजय कुमार के रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो में भी प्रशासन ने अवैध केरोसिन का भंडार पकड़ा था। दोनों ही मामले अभी तक अंजाम पर नहीं पहुंचे हैं। यह स्थिति तब है जब अफसरों की संदिग्ध भूमिका का शासन स्तर से संज्ञान लिया जा चुका है। तीन वरिष्ठ अफसरों की एसआईटी मेरठ आकर यहां अफसरों से पूछताछ कर चुकी है।
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