{"_id":"588b97db4f1c1b380fcf5c73","slug":"online-networking-company","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन नेटवर्किंग कंपनियां डीजीसीईआई के रडार पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन नेटवर्किंग कंपनियां डीजीसीईआई के रडार पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Jan 2017 02:35 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिशन डिजिटल इंडिया के नाम पर ऑनलाइन नेटवर्किंग कंपनियों के कुछ लुभावने ऑफर डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ सेंट्रल एक्साइज इंटेलीजेंस (डीजीसीईआई) ने संदिग्ध मानते हुए ऐसी कंपनियों पर नजर टेढ़ी कर दी है। शुुरुआती जांच में कई कंपनियों का पंजीकरण तक न मिलने से सेंट्रल एक्साइज विभाग सख्त एक्शन की तैयारी में है।
सूत्रों का कहना है कि गाजियाबाद, नोएडा व कुछ अन्य शहरों के पतों पर संचालित हो रहीं ऐसी कंपनियों की ट्रेडिंग प्रथम दृष्टांत संदेहास्पद पाई गई है। ऐसी अधिकांश कंपनियां नोएडा में पंजीकृत हैं। करीब दर्जन भर कंपनियां अब तक ट्रैक की जा चुकी हैं, जिसमें से 40 फीसदी कंपनियों ने ही सेंट्रल एक्साइज विभाग में पंजीकरण कराया है। लेकिन उन्होंने अपना सालाना कारोबार बेहद कम दिखाया है। जबकि बताया जा रहा है कि ऑफर पैक बेचकर कंपनियां एक महीने से अंदर ही करोड़ों रुपया जमा कर रही है। जिससे साफ हो जाता है कि ऐसी कंपनियां अपने कारोबार का बड़ा हिस्सा छिपाकर सर्विस टैक्स की चोरी कर रही है। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जिनका अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। यानी उन्होंने विभाग से पंजीकरण नंबर ही हासिल नहीं किया है। जिनकी विभाग कुंडली खंगाल रहा है।
क्या हैं ऐसी कंपनियों के प्लान
वेबसाइट देखने और एड को लाइक कर आप रोजाना 60 रुपये से 18 सौ रुपये तक कमा सकते हैं। अगर आप कोई पार्टनर जोड़ते हैं, तो मुनाफा दोगुना हो जाएगा। बशर्ते आपको कंपनी की तरफ से दिया जा रहा पैक खरीदना होगा। जितना बड़ा पैक खरीदेंगे और पार्टनर जोड़ेंगे, उतना ज्यादा लाभ होगा। कंपनियां अपने प्लान में बहुत सारे पैक रखती हैं, जिनकी शुरूआत 5750 से 1.15 लाख या उससे ऊपर तक जाती है। 5750 के पैक में 5000 रुपये पैक का चार्ज होता है, जबकि 750 रुपये सर्विस टैक्स बताया जाता है। जो भी व्यक्ति इस पैक को खरीदता है तो उसे 9 लिंक प्रतिदिन भेजे जाते हैं, जिसमें प्रत्येक लिंक 9 रुपये का होता है। साल के अंदर सिर्फ 255 लिंक ही मिलेंगे। ऐसे में प्रतिदिन के हिसाब से साल में 16063 रुपये मिलेंगे। इसमें भी अगर कोई बूस्टर पोस्ट लेता है तो उसे डेली डबल लिंक मिलेंगे और एक साल में 32130 रुपये प्राप्त होंगे। बूस्टर पोस्ट यानी डबल इनकम में एक निर्धारित अवधि के अंदर दो इस्पांसर जोड़ने होते हैं। एक को राइट साइड व दूसरे के लेफ्ट साइड।
विज्ञापन
ऐसे होती है भूमिका संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में ऐसी कंपनी के गायब होने की जानकारी सेेंट्रल एक्साइज को नहीं मिली है। डीजीसीईआई के एक उच्च अधिकारी का कहना है कि जब कोई कंपनी टैक्स चोरी करती है या बिना पंजीकरण संचालित की जाती है, तो उसकी गारंटी नहीं ली जा सकती है कि उसमें लोगों का पैसा डूबेगा नहीं या वो कंपनी बंद नहीं होगी। कोई कंपनी अगर रातोंरात पैसा दोगुना करने का दावा करती है तो उसकी भूमिका संदिग्ध हो जाती है।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि गाजियाबाद, नोएडा व कुछ अन्य शहरों के पतों पर संचालित हो रहीं ऐसी कंपनियों की ट्रेडिंग प्रथम दृष्टांत संदेहास्पद पाई गई है। ऐसी अधिकांश कंपनियां नोएडा में पंजीकृत हैं। करीब दर्जन भर कंपनियां अब तक ट्रैक की जा चुकी हैं, जिसमें से 40 फीसदी कंपनियों ने ही सेंट्रल एक्साइज विभाग में पंजीकरण कराया है। लेकिन उन्होंने अपना सालाना कारोबार बेहद कम दिखाया है। जबकि बताया जा रहा है कि ऑफर पैक बेचकर कंपनियां एक महीने से अंदर ही करोड़ों रुपया जमा कर रही है। जिससे साफ हो जाता है कि ऐसी कंपनियां अपने कारोबार का बड़ा हिस्सा छिपाकर सर्विस टैक्स की चोरी कर रही है। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जिनका अभी तक कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा है। यानी उन्होंने विभाग से पंजीकरण नंबर ही हासिल नहीं किया है। जिनकी विभाग कुंडली खंगाल रहा है।
विज्ञापन
क्या हैं ऐसी कंपनियों के प्लान
वेबसाइट देखने और एड को लाइक कर आप रोजाना 60 रुपये से 18 सौ रुपये तक कमा सकते हैं। अगर आप कोई पार्टनर जोड़ते हैं, तो मुनाफा दोगुना हो जाएगा। बशर्ते आपको कंपनी की तरफ से दिया जा रहा पैक खरीदना होगा। जितना बड़ा पैक खरीदेंगे और पार्टनर जोड़ेंगे, उतना ज्यादा लाभ होगा। कंपनियां अपने प्लान में बहुत सारे पैक रखती हैं, जिनकी शुरूआत 5750 से 1.15 लाख या उससे ऊपर तक जाती है। 5750 के पैक में 5000 रुपये पैक का चार्ज होता है, जबकि 750 रुपये सर्विस टैक्स बताया जाता है। जो भी व्यक्ति इस पैक को खरीदता है तो उसे 9 लिंक प्रतिदिन भेजे जाते हैं, जिसमें प्रत्येक लिंक 9 रुपये का होता है। साल के अंदर सिर्फ 255 लिंक ही मिलेंगे। ऐसे में प्रतिदिन के हिसाब से साल में 16063 रुपये मिलेंगे। इसमें भी अगर कोई बूस्टर पोस्ट लेता है तो उसे डेली डबल लिंक मिलेंगे और एक साल में 32130 रुपये प्राप्त होंगे। बूस्टर पोस्ट यानी डबल इनकम में एक निर्धारित अवधि के अंदर दो इस्पांसर जोड़ने होते हैं। एक को राइट साइड व दूसरे के लेफ्ट साइड।
विज्ञापन
ऐसे होती है भूमिका संदिग्ध
प्रारंभिक जांच में ऐसी कंपनी के गायब होने की जानकारी सेेंट्रल एक्साइज को नहीं मिली है। डीजीसीईआई के एक उच्च अधिकारी का कहना है कि जब कोई कंपनी टैक्स चोरी करती है या बिना पंजीकरण संचालित की जाती है, तो उसकी गारंटी नहीं ली जा सकती है कि उसमें लोगों का पैसा डूबेगा नहीं या वो कंपनी बंद नहीं होगी। कोई कंपनी अगर रातोंरात पैसा दोगुना करने का दावा करती है तो उसकी भूमिका संदिग्ध हो जाती है।