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प्राथमिक विद्यालयों में भी ऑनलाइन शिक्षा कारगर नहीं
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प्राथमिक विद्यालयों में भी ऑनलाइन शिक्षा कारगर नहीं
मेरठ। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को भी ऑनलाइन शिक्षा देने में दिक्कत आ रही है। एक तो गांव में नेटवर्क की परेशानी है और दूसरा हर परिवार के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। शिक्षकों के प्रयास के बावजूद भी ऑनलाइन एजुकेशन से महज 5 से 7 प्रतिशत छात्र ही जुड़ पाए हैं। जिले में प्राथमिक विद्यालय 910, उच्च प्राथमिक विद्यालय 430 और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पांच हैं।
नहीं मिल रहा लाभ
ऑनलाइन शिक्षा में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है। स्मार्टफोन है तो इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। हम लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनवाए हैं और उसमें रोजाना काम दे रहे है। लेकिन अधिकांश बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा। - सीमा, एआरपी रजपुरा
सफल होना मुश्किल
प्राथमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का प्रयोग नया है। प्रयास अच्छा है, मगर यह प्रयास ग्रामीण स्तर पर सफल होना मुश्किल है। इसमें कई समस्याएं आ रही हैं। प्राथमिक स्कूलों के बच्चे इतने छोटे हैं कि उसके पास न तो फ़ोन होता है न उसे फ़ोन की समझ है। छात्र ई पाठशाला से नहीं जुड़ रहे। राजरानी शर्मा, एआरपी
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बच्चे होमवर्क नहीं कर पाते
एआरपी, डिस्ट्रिक कोऑर्डिनेटर, शिक्षकों सभी के माध्यम से पूरी टीम गांव में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का प्रयास कर रही है। साप्ताहिक लक्ष्य तय कर रहे हैं। वह पूरे नहीं हो पा रहे। बच्चे अपना होमवर्क नहीं कर पाते। बच्चे रोजाना की क्लास से ही नहीं जुड़ पाते हैं। - नीलम पंकज एसआरजी
खेतों में काम कर रहे बच्चे
विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास न चलने का प्रमुख कारण इंटरनेट की समस्या है। बच्चे इस समय माता पिता के साथ खेतों में गेहूं की कटाई करने में व्यस्त हैं। जिसकी वजह से वह कक्षाओं से नहीं जुड़ पाते। अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है। अगर फोन है अभी तो उसमें इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। - संजीव कुमार तेवतिया, अध्यापक, हस्तिनापुर
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मेरठ। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को भी ऑनलाइन शिक्षा देने में दिक्कत आ रही है। एक तो गांव में नेटवर्क की परेशानी है और दूसरा हर परिवार के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। शिक्षकों के प्रयास के बावजूद भी ऑनलाइन एजुकेशन से महज 5 से 7 प्रतिशत छात्र ही जुड़ पाए हैं। जिले में प्राथमिक विद्यालय 910, उच्च प्राथमिक विद्यालय 430 और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पांच हैं।
नहीं मिल रहा लाभ
ऑनलाइन शिक्षा में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है। स्मार्टफोन है तो इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या है। हम लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनवाए हैं और उसमें रोजाना काम दे रहे है। लेकिन अधिकांश बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा। - सीमा, एआरपी रजपुरा
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सफल होना मुश्किल
प्राथमिक विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का प्रयोग नया है। प्रयास अच्छा है, मगर यह प्रयास ग्रामीण स्तर पर सफल होना मुश्किल है। इसमें कई समस्याएं आ रही हैं। प्राथमिक स्कूलों के बच्चे इतने छोटे हैं कि उसके पास न तो फ़ोन होता है न उसे फ़ोन की समझ है। छात्र ई पाठशाला से नहीं जुड़ रहे। राजरानी शर्मा, एआरपी
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बच्चे होमवर्क नहीं कर पाते
एआरपी, डिस्ट्रिक कोऑर्डिनेटर, शिक्षकों सभी के माध्यम से पूरी टीम गांव में बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने का प्रयास कर रही है। साप्ताहिक लक्ष्य तय कर रहे हैं। वह पूरे नहीं हो पा रहे। बच्चे अपना होमवर्क नहीं कर पाते। बच्चे रोजाना की क्लास से ही नहीं जुड़ पाते हैं। - नीलम पंकज एसआरजी
खेतों में काम कर रहे बच्चे
विद्यालयों में ऑनलाइन क्लास न चलने का प्रमुख कारण इंटरनेट की समस्या है। बच्चे इस समय माता पिता के साथ खेतों में गेहूं की कटाई करने में व्यस्त हैं। जिसकी वजह से वह कक्षाओं से नहीं जुड़ पाते। अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है। अगर फोन है अभी तो उसमें इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। - संजीव कुमार तेवतिया, अध्यापक, हस्तिनापुर