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एक लाख बढ़े वोटर जिसके पाले में, जीत उसी की
Thu, 18 Apr 2019 03:44 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 18 Apr 2019 03:44 AM IST
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- फोटो : PTI
पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार एक लाख ज्यादा वोटरों ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर वोट डाले। ये एक लाख बढ़े वोट चुनाव परिणाम में महती भूमिका अदा करेंगे। इस वोट को लेकर भाजपा और गठबंधन दोनों की ही नींद उड़ी है। दरअसल, जहां-जहां जिसका गढ़ है, वहां वोटर बढ़े तो सही, पर उतनी संख्या में अधिक वोट नहीं किए गए जितनी उम्मीद थी।
पिछले चुनाव में मेरठ लोकसभा सीट पर 11 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया था। इस बार यह संख्या 12 लाख को पार कर गई। बढ़े वोटरों की संख्या एक लाख पांच हजार 438 रही। ये वोट किसका बढ़ा, इस पर मंथन हो रहा है। किठौर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां भाजपा और गठबंधन में आमने-सामने की लड़ाई है। पिछले चुनाव में सपा उम्मीदवार शाहिद मंजूर और बसपा उम्मीदवार शाहिद अखलाक दोनों की कुल वोटों से राजेन्द्र अग्रवाल को यहां 25 हजार वोट कम मिले थे। इस सीट पर इस बार ठीक 25 हजार 365 वोट ही ज्यादा पड़े हैं। यह वोट जिसे मिलेगा, उसी के कदम जीत की तरफ बढ़ेंगे। इसी तरह कैंट में पिछले चुनाव में भाजपा ने सपा और बसपा दोनों के वोटों के मुकाबले 93 हजार वोट ज्यादा पाए थे। 15 हजार से ज्यादा वोट कांग्रेस उम्मीदवार नगमा को भी मिल गए थे। इस बार इस सीट पर मात्र 13 हजार वोट ज्यादा पड़े हैं। यानी यहां ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। यह भाजपा के लिए चिंता की बात मानी जा रही है।
शहर सीट पर पिछले चुनाव में सपा और बसपा प्रत्याशी का कुल वोट भाजपा से 16 हजार ज्यादा था। इस चुनाव में यहां 5 हजार 622 वोट ज्यादा पड़े हैं। यानी जहां गठबंधन पिछली बार लीड कर रहा था, वहां इतने कम वोटों की बढ़ोत्तरी गठबंधन के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण सीट पर भी इसी तरह से पिछले चुनाव में सपा-बसपा उम्मीदवारों का वोट भाजपा उम्मीदवार से 24 हजार 679 ज्यादा था। इस बार यहां 31 हजार 655 वोट ज्यादा पड़े हैं। हापुड़ में पिछले चुनाव में भाजपा उम्मीदवार मात्र 6600 वोटों से सपा और बसपा के वोटों को मिलाकर पीछे थे। इस बार यहां 29 हजार वोट ज्यादा पड़े हैं। हालांकि सभी विधानसभाओं में कांग्रेस उम्मीदसवार हरेन्द्र अग्रवाल ने भी खूब सेंध लगाई है। यह सेंध नए वोटरों में भी लगी है।
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एक नजर
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर इस बार बंपर मतदान हुआ। किठौर विधानसभा में सबसे ज्यादा तो कैंट विधानसभा में सबसे कम मतदान हुआ। कुल मिलाकर इस सीट पर 64.17 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। इस सीट पर कुल 18,88,374 मतदाता हैं, जिनमें से 12,11,778 ने मतदान किया।
विधानसभा वार मतदान की स्थिति
विधानसभा 2019 में मतदाता 2019 में वोट पड़े 2014 में वोट पड़े
किठौर 353458 247079 221714
मेरठ कैंट 418042 248603 234982
मेरठ शहर 305513 195855 190233
मेरठ दक्षिण 453807 284613 252958
हापुड़ 357554 235628 206453
कुल 1888374 1211778 1106340
इस बार ज्यादा पडे़ वोट- एक लाख पांच हजार 438 विधानसभा वार लोकसभा चुनाव 2014 में मिले वोट
विधानसभा राजेन्द्र अग्रवाल शाहिद अखलाक शाहिद मंजूर नगमा
किठौर 94893 63047 57460 3579
कैंट 153448 44397 15495 15778
मेरठ 81690 46022 52237 7317
दक्षिण 107901 84564 48016 7795
हापुड़ 93966 62237 38365 8330
डाक मत 1083 388 186 112
------------------------------------------------
कुल 532981 300655 211759 42911
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पिछले चुनाव में मेरठ लोकसभा सीट पर 11 लाख से ज्यादा लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया था। इस बार यह संख्या 12 लाख को पार कर गई। बढ़े वोटरों की संख्या एक लाख पांच हजार 438 रही। ये वोट किसका बढ़ा, इस पर मंथन हो रहा है। किठौर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां भाजपा और गठबंधन में आमने-सामने की लड़ाई है। पिछले चुनाव में सपा उम्मीदवार शाहिद मंजूर और बसपा उम्मीदवार शाहिद अखलाक दोनों की कुल वोटों से राजेन्द्र अग्रवाल को यहां 25 हजार वोट कम मिले थे। इस सीट पर इस बार ठीक 25 हजार 365 वोट ही ज्यादा पड़े हैं। यह वोट जिसे मिलेगा, उसी के कदम जीत की तरफ बढ़ेंगे। इसी तरह कैंट में पिछले चुनाव में भाजपा ने सपा और बसपा दोनों के वोटों के मुकाबले 93 हजार वोट ज्यादा पाए थे। 15 हजार से ज्यादा वोट कांग्रेस उम्मीदवार नगमा को भी मिल गए थे। इस बार इस सीट पर मात्र 13 हजार वोट ज्यादा पड़े हैं। यानी यहां ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। यह भाजपा के लिए चिंता की बात मानी जा रही है।
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शहर सीट पर पिछले चुनाव में सपा और बसपा प्रत्याशी का कुल वोट भाजपा से 16 हजार ज्यादा था। इस चुनाव में यहां 5 हजार 622 वोट ज्यादा पड़े हैं। यानी जहां गठबंधन पिछली बार लीड कर रहा था, वहां इतने कम वोटों की बढ़ोत्तरी गठबंधन के लिए चिंता का विषय है। दक्षिण सीट पर भी इसी तरह से पिछले चुनाव में सपा-बसपा उम्मीदवारों का वोट भाजपा उम्मीदवार से 24 हजार 679 ज्यादा था। इस बार यहां 31 हजार 655 वोट ज्यादा पड़े हैं। हापुड़ में पिछले चुनाव में भाजपा उम्मीदवार मात्र 6600 वोटों से सपा और बसपा के वोटों को मिलाकर पीछे थे। इस बार यहां 29 हजार वोट ज्यादा पड़े हैं। हालांकि सभी विधानसभाओं में कांग्रेस उम्मीदसवार हरेन्द्र अग्रवाल ने भी खूब सेंध लगाई है। यह सेंध नए वोटरों में भी लगी है।
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मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर इस बार बंपर मतदान हुआ। किठौर विधानसभा में सबसे ज्यादा तो कैंट विधानसभा में सबसे कम मतदान हुआ। कुल मिलाकर इस सीट पर 64.17 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला। इस सीट पर कुल 18,88,374 मतदाता हैं, जिनमें से 12,11,778 ने मतदान किया।
विधानसभा वार मतदान की स्थिति
विधानसभा 2019 में मतदाता 2019 में वोट पड़े 2014 में वोट पड़े
किठौर 353458 247079 221714
मेरठ कैंट 418042 248603 234982
मेरठ शहर 305513 195855 190233
मेरठ दक्षिण 453807 284613 252958
हापुड़ 357554 235628 206453
कुल 1888374 1211778 1106340
इस बार ज्यादा पडे़ वोट- एक लाख पांच हजार 438 विधानसभा वार लोकसभा चुनाव 2014 में मिले वोट
विधानसभा राजेन्द्र अग्रवाल शाहिद अखलाक शाहिद मंजूर नगमा
किठौर 94893 63047 57460 3579
कैंट 153448 44397 15495 15778
मेरठ 81690 46022 52237 7317
दक्षिण 107901 84564 48016 7795
हापुड़ 93966 62237 38365 8330
डाक मत 1083 388 186 112
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कुल 532981 300655 211759 42911