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यूपी: मेरठ में शहरवासियों का दम घोट रहे एक लाख प्रतिबंधित वाहन

Thu, 12 Mar 2020 01:44 PM IST
मेरठ ब्यूरो  राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
 राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 12 Mar 2020 01:44 PM IST
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one lakh restricted vehicles suffocating the city dwellers
pollution in meerut - फोटो : अमर उजाला
वायु प्रदूषण को लेकर देश में त्राहिमाम मचा हुआ है। लोग बीमार हो रहे है और चारों तरफ पुराने प्रतिबंधित वाहनों को एनसीआर से बाहर खदेड़ने की कवायद का ढोंग हो रहा है। लेकिन सच्चाई ये है कि अकेले मेरठ में ही करीब एक लाख प्रतिबंधित वाहन धुआं उगलते दौड़ रहे हैं।
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आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस का पूरा अमला होने के बाद भी प्रतिबंधित वाहनों को शहर से बाहर नहीं किया जा सका है। आदेश के करीब पांच साल बाद केवल दस हजार वाहनों ने ही एनओसी लेकर बाहर का रास्ता नापा है।
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पिछले दिनों दिल्ली और एनसीआर में छाए पराली के धुएं ने देशभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। पराली के साथ ही प्रतिबंधित वाहनों के शहर से बाहर नहीं होने की बात भी सामने आई थी।
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लोगों के स्वास्थ्य को बचाने और दिल्ली समेत एनसीआर की हवा को स्वच्छ रखने के लिए एनजीटी ने अप्रैल 2015 में यहां संचालित हो रहे 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित करते हुए बाहर करने के निर्देश दिए थे, लेकिन आदेश को करीब पांच साल होने के बाद भी प्रतिबंधित वाहनों पर लगाम नहीं लग सकी है।

आरटीओ और पुलिस के संरक्षण में जर्जर और खटारा वाहन शहर में धुएं का जहर घोलते दौड़ रहे हैं। मेरठ की बात करे तो यहां संख्या घटने की बजाय बढ़ती जा रही है।

93000 प्रतिबंधित वाहन दौड़ रहे शहर में
आरटीओ से मिली जानकारी के अनुसार करीब 93 हजार प्रतिबंधित वाहन (डीजल-पेट्रोल) वाहन दौड़ रहे हैं। इसमें फरवरी 2010 से पहले के 16800 डीजल वाहन और फरवरी 2005 से पहले के 76000 पेट्रोल वाहन शामिल है। ये वाहन किसी न किसी रूप में शहर और आसपास दौड़ रहे हैं। दोनों श्रेणियों के करीब 93000 प्रतिबंधित वाहन शहरवासियों को न केवल दम घोट रहे हैं बल्कि एनजीटी के आदेशों का भी उल्लंघन कर रहे हैं।

10000 वाहनों ने ली एनओसी, गए बाहर
आरटीओ के मुताबिक एनजीटी के आदेश के बाद करीब 10000 प्रतिबंधित वाहनों की एनओसी ली गई है। इसमें 4587 वाहन डीजल के और 5411 वाहन पेट्रोल वाले है। ये वाहन एनओसी लेकर एनसीआर के बाहर के जिलों में रजिस्टर्ड हो गए हैं।

20 हजार से ज्यादा पुराने वाहन बाहरी राज्यों के
जिले में करीब 20 हजार से ज्यादा वाहन ऐसे है जो बाहरी राज्यों में रजिस्टर्ड है और इनका संचालन यहां पर हो रहा है। इसमें दिल्ली व हरियाणा के नंबर के वाहन सबसे ज्यादा है। डीजल ट्रक तो 30 से 40 साल पुराने भी सड़कों पर दौड़ते मिल जाते हैं। स्कूल बसें भी 10 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं, नामचीन स्कूलों में भी 25 साल पहले बंद हो चुकी मेटाडोर तक चल रही हैं।

वाहनों को किया जा रहा सीज 
प्रतिबंधित वाहन स्वामियों को लगातार नोटिस जारी कर एनओसी लेने के लिए कहा जा रहा है। इसके साथ चेकिंग अभियान में भी ऐसे वाहनों को सीज किया जा रहा है। अब तक ऐसेे 900 से ज्यादा वाहनों को पकड़ा जा चुका है। मांग पर एनओसी जारी की जा रही है। इन वाहनों का संचालन होने नहीं दिया जाएगा। - डॉ. विजय कुमार, आरटीओ मेरठ
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