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‘नर्स की नौकरी के लिए एक लाख 20 हजार दिए, न नियुक्ति पत्र मिला न पैसे’
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‘नर्स की नौकरी के लिए एक लाख 20 हजार दिए, न नियुक्ति पत्र मिला न पैसे’
मेरठ। गढ़मुक्तेश्वर की निवासी मोनिका का आरोप है कि उसने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स की नौकरी के लिए दो स्टाफ नर्सों को एक लाख 20 हजार रुपये दिए थे, लेकिन न तो नियुक्ति पत्र मिला है और न ही पैसे वापस किए हैं। इस संबंध में उसने प्राचार्य से लिखित शिकायत की है।
मोनिका के मुताबिक उसने मेडिकल में चिकित्सीय स्टाफ रखने वाली निजी कंपनी में स्टाफ नर्स के पद पर आवेदन किया था। काफी दिन बाद भी जब कोई सूचना नहीं आई तो इस कंपनी के जरिए नियुक्त दो स्टाफ नर्सों से जानकारी की। आरोप है कि उन्होंने डेढ़ लाख रुपये देने पर ही नौकरी की बात कही। मोनिका का दावा है कि उसने एक लाख 20 हजार रुपये दोनों को दिए। नियुक्ति पत्र नहीं मिलने जब उनसे पैसे मांगे गए तो उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। प्राचार्य का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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मेरठ। गढ़मुक्तेश्वर की निवासी मोनिका का आरोप है कि उसने एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स की नौकरी के लिए दो स्टाफ नर्सों को एक लाख 20 हजार रुपये दिए थे, लेकिन न तो नियुक्ति पत्र मिला है और न ही पैसे वापस किए हैं। इस संबंध में उसने प्राचार्य से लिखित शिकायत की है।
मोनिका के मुताबिक उसने मेडिकल में चिकित्सीय स्टाफ रखने वाली निजी कंपनी में स्टाफ नर्स के पद पर आवेदन किया था। काफी दिन बाद भी जब कोई सूचना नहीं आई तो इस कंपनी के जरिए नियुक्त दो स्टाफ नर्सों से जानकारी की। आरोप है कि उन्होंने डेढ़ लाख रुपये देने पर ही नौकरी की बात कही। मोनिका का दावा है कि उसने एक लाख 20 हजार रुपये दोनों को दिए। नियुक्ति पत्र नहीं मिलने जब उनसे पैसे मांगे गए तो उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया। प्राचार्य का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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