Meerut: दूषित पानी से पांचवीं मौत, बच्ची के दम तोड़ने पर मचा कोहराम, लोगों में बढ़ी दहशत
Meerut News : मेरठ में दूषित पानी से बच्ची समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं बच्ची के दम तोड़ने के बाद कोहराम मच गया। उधर, लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है।
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मेरठ में सरधना के मोहल्ला मंडी चमारान में दूषित पानी से बीमार चल रही डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पांच दिन पूर्व उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। दूषित पानी की वजह से मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है। बच्ची की मौत से मोहल्ले के लोगों में रोष है।
वसीम सैफी की डेढ़ वर्षीय पुत्री सानिया पांच दिन पूर्व उल्टी दस्त से पीड़ित हुई थी। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालात गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। बुधवार दोपहर अचानक उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया। मोहल्ले में पांचवीं मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में भी खलबली मच गई है।
परिजनों ने बताया कि सानिया की दादी परवीन भी डायरिया से पीड़ित हैं। उसका उपचार भी मेडिकल में चल रहा है।
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वहीं बुधवार को दसवें दिन दूषित पानी से बीमार चार मरीज सीएचसी में भर्ती हुए। दस दिन बीतने के बाद भी संक्रमण का प्रभाव कम नहीं हुआ है। प्रशासन की निगरानी के बाद भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों का पता नहीं चल सका है। मोहल्ले में दूषित पानी के कहर से लोगों में दहशत बढ़ गई है। लोग घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां जा रहे हैं। नगर पालिका चेयरपर्सन सबीला अंसारी का कहना है कि फिलहाल स्वच्छता पर गंभीरता से ध्यान दिया जा रहा है। नई पाइप लाइन का काम तेजी से चल रहा है। गुरुवार से मोहल्ला मंडी चमारान में जल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
दूषित आपूर्ति का जिम्मेदार कौन
जीवन देने वाला जल मोहल्ला मंडी चमारान के लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। नगर जलापूर्ति योजना के तहत घरों में पहुंचने वाला पानी पीने लायक नहीं है। सभासद सुभाष वेद व समाजसेवी सिराजुद्दीन मलिक का कहना है कि नगर पालिका प्रशासन नगरवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। दूषित पानी से पांच मौत होने के बाद भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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लोगों का आरोप है कि अभी भी बिना फिल्टर पानी सप्लाई किया जा रहा है। उनका कहना है कि ठेकेदारी व्यवस्था में स्थिति पहले से ज्यादा बदतर हुई है।