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दवा मानकों की अनदेखी करने वाले रडार पर
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मेरठ। दवा बेचने के मानकों की अनदेखी करने वाले अब औषधि प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। होली केबाद इनके खिलाफ अभियान चलाकर शिकंजा कसा जाएगा। इनकी सूची तैयार कराई जा रही है। इनमें फुटकर के साथ-साथ थोक दवा विक्रेता भी हैं।
सूत्रों के मुताबिक औषधि प्रशासन की टीम का खास फोकस कोल्ड चेन के दायरे में आने वाली जीवन रक्षक वैक्सीन और इंसुलिन पर होगा। दूसरे राज्यों से मंगवाकर फुटकर बाजार में बेचने वालों को चिह्नित कर जांच की जाएगी। दरअसल, माना जा रहा है कि जीवन रक्षक वैक्सीन और इंसुलिन की विशेष तौर पर होने वाली आइस पैकिंग के मानकों की अनदेखी की जाती है। यदि इन मानकों की अनदेखी की जाए तो इससे उपयोग में पहुंचने से पहले ही ऐसी वैक्सीन फायदा पहुंचाने की अपनी ताकत खो चुकी होती है। इसके बावजूद इन्हें बेचा जाता है। इसी कारण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ड्रग्स इकाई फुटकर के साथ थोक दवा विक्रेताओं के खिलाफ भी आकस्मिक जांच करेगी।
ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि इस संबंध में समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। जहां मानकों का उल्लंघन होता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि अक्सर खरीदार दुकान से खरीदी दवा की रसीद लेना जरूरी नहीं समझते हैं। बेची गई दवा में गड़बड़ी पर यही रसीद बड़ा हथियार साबित होती है। इस रसीद में दुकानदार बेची गई दवा के बैच नंबर के साथ उसकी एक्सपायर अवधि का भी उल्लेख करते हैं। रसीद नहीं होने पर दवा में गड़बड़ी की शिकायत पर कार्रवाई संभव नहीं हो पाती है, लिहाजा रसीद रखना जरूरी है।
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यह है नियम
फुटकर दवा विक्रय लाइसेंस जारी करने से पहले औषधि निरीक्षक आवेदनकर्ताओं से दवा बिक्री केलिए मानकों को पूरा करने का अनुबंध भरवाते हैं। इसमें दवाओं को रखने की व्यवस्था, कोल्ड चेन केदायरे में आने वाली औषधियों और लाइफ सेविंग ड्रग के लिए दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड तापमान को बनाए रखना जरूरी होता है।
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सूत्रों के मुताबिक औषधि प्रशासन की टीम का खास फोकस कोल्ड चेन के दायरे में आने वाली जीवन रक्षक वैक्सीन और इंसुलिन पर होगा। दूसरे राज्यों से मंगवाकर फुटकर बाजार में बेचने वालों को चिह्नित कर जांच की जाएगी। दरअसल, माना जा रहा है कि जीवन रक्षक वैक्सीन और इंसुलिन की विशेष तौर पर होने वाली आइस पैकिंग के मानकों की अनदेखी की जाती है। यदि इन मानकों की अनदेखी की जाए तो इससे उपयोग में पहुंचने से पहले ही ऐसी वैक्सीन फायदा पहुंचाने की अपनी ताकत खो चुकी होती है। इसके बावजूद इन्हें बेचा जाता है। इसी कारण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ड्रग्स इकाई फुटकर के साथ थोक दवा विक्रेताओं के खिलाफ भी आकस्मिक जांच करेगी।
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ड्रग्स इंस्पेक्टर पवन कुमार शाक्य ने बताया कि इस संबंध में समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। जहां मानकों का उल्लंघन होता है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि अक्सर खरीदार दुकान से खरीदी दवा की रसीद लेना जरूरी नहीं समझते हैं। बेची गई दवा में गड़बड़ी पर यही रसीद बड़ा हथियार साबित होती है। इस रसीद में दुकानदार बेची गई दवा के बैच नंबर के साथ उसकी एक्सपायर अवधि का भी उल्लेख करते हैं। रसीद नहीं होने पर दवा में गड़बड़ी की शिकायत पर कार्रवाई संभव नहीं हो पाती है, लिहाजा रसीद रखना जरूरी है।
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यह है नियम
फुटकर दवा विक्रय लाइसेंस जारी करने से पहले औषधि निरीक्षक आवेदनकर्ताओं से दवा बिक्री केलिए मानकों को पूरा करने का अनुबंध भरवाते हैं। इसमें दवाओं को रखने की व्यवस्था, कोल्ड चेन केदायरे में आने वाली औषधियों और लाइफ सेविंग ड्रग के लिए दो से आठ डिग्री सेंटीग्रेड तापमान को बनाए रखना जरूरी होता है।