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वृद्ध ने कलक्ट्रेट में पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग, अस्पताल में भर्ती

Wed, 31 Jan 2018 06:06 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 31 Jan 2018 06:06 PM IST
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Old man sprinkled petrol in the collectorate and set it on fire, admitted to hospital
वृद्ध ने कलक्ट्रेट में खुद को आग लगाई - फोटो : अमर उजाला

यूपी के मुजफ्फरनगर में व्यवस्था से तंग आकर एक वृद्ध ने कलक्ट्रेट में डीएम ऑफिस के बाहर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। मौके पर मौजूद लोगों की सक्रियता से वृद्ध को बचाया गया। गंभीर रूप से झुलसने पर उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि उसके प्लॉट पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। पुलिस-प्रशासन के नहीं सुनने पर उसने यह कदम उठाया है। 

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गांधीनगर निवासी शक्ति सिंह मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचा और केन में लाया पेट्रोल अपने ऊपर छिड़क कर आग लगा ली। आग की लपटों को देख हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एलआईयू कर्मी ने गीली चादर शक्ति सिंह के ऊपर डाली। किसी तरह उसे बचाने का प्रयास मौके पर मौजूद सभी लोगों ने किया, लेकिन इस बीच वह काफी हद तक झुलस गया। शक्ति सिंह को तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया। कलक्ट्रेट में हुई इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा घायल शक्ति सिंह के बयान लेने हास्पिटल पहुंचे। आनन-फानन में शक्ति सिंह के प्लाट के मामले को खंगाला गया।
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पीड़ित का आरोप है कि रामपुर तिराहे पर स्थित उसके प्लाट पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। चार दिन पूर्व आरोपियों के खिलाफ छपार थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। लेखपाल से लेकर डीएम तक के चक्कर काटकर वह थक चुका है। कहीं भी न्याय नहीं मिलने पर उसने मजबूरी में जान देने का निर्णय लिया। 

प्रशासन का मामला नहीं: एडीएम
एडीएम प्रशासन हरीशचंद्र का कहना है कि शक्ति सिंह का आवासीय जमीन का प्रकरण है। जमीन की 143 की कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद मामला सिविल न्यायालय को हो जाता है। नक्शे में बताई गई जमीन की लोकेशन नहीं है। तहसीलदार ने जांच की थी। जमीन कहीं ओर है पीड़ित मांग कहीं ओर रहा है। खसरा नंबर 717 और 797 की जमीन अपनी बता रहा है। इसका बैनामा 2015 का है, जबकि इस जमीन का 2008 में बैनामा हो चुका है। 

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