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अफसरों ने आधी-अधूरी जांच के आधार पर ही दे दी क्लीन चिट
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अफसरों ने आधी-अधूरी जांच के आधार पर ही दे दी क्लीन चिट
मोदीपुरम। सरधना के रतौली गांव में मिले खाद्यान्न के सरकारी राशन की पुष्टि न होने पर प्रशासन ने भले ही क्लीन चिट दे दी गई हो, परंतु फ्लोर मिल अभी भी संदेह के घेरे में है। फ्लोर मिल संचालक के यहां गेहूं के साथ चावल का मिलना आटे में मिलावट की ओर तो इशारा कर ही रहा है।
रतौली गांव स्थित फ्लोर मिल संचालक सुधीर शर्मा के यहां भारी मात्रा में सरकारी राशन होने की गोपनीय जानकारी जिलाधिकारी के बालाजी को शनिवार को मिली थी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सरधना, एआर कोऑपरेटिव ने थाना पुलिस के साथ सुधीर के घर छापा मारा था। छापा मारने वाली टीम को घर में एक बड़ा तहखाना मिला था, जिसमें भारी मात्रा में गेहूं और चावल मिला था। सरकारी बोरे बरामद न होने पर टीम कानूनी कार्रवाई किए बिना ही लौट गई थी।
बावजूद इसके अभी कई सवालों के जवाब अभी मिलने हैं। टीम ने वहां मिले चावल के नमूने तो लिए हैं पर अभी तक ये जांच नहीं की कि यह चावल सरकारी है या गैर सरकारी? छापे के दौरान बरामद खाद्यान्न के बारे में जिला आपूर्ति अधिकारी को सूचना भी नहीं दी गई है। यही नहीं, पैकिंग का लाइसेंस को लेकर भी पूछताछ नहीं की गई, जबकि फ्लोर मिल का संचालन करने व पैकिंग के लिए खाद्य विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सरधना क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर डॉ. वैभव शर्मा का कहना है कि वह छापा मारने वाली टीम में शामिल नहीं थे। जांच की जाएगी कि फ्लोर मिल संचालक के पास लाइसेंस है या नहीं।
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तहसील प्रशासन के सामन पक्ष रख दिया: सुधीर
इस बारे में सुधीर शर्मा का कहना है कि हमने तहसील प्रशासन के सामने अपना पक्ष रख दिया है। फ्लोर मिल तकनीकी खराबी के चलते बंद है। उन्होंने बताया कि किसानों से गेहूं और चावल खरीद का व्यापार करते हैं। फ्लोर मिल के आटे को वह मेरठ की मंडी में बेचते हैं। मिल का लाइसेंस भारद्वाज के नाम पर है। छापा मारने वाली टीम को मौके पर सरकारी राशन नहीं मिला है।
----कोट---
मुझे कुछ नहीं बताया गया: डीएसओ
एसडीएम के नेतृत्व में मारे गए छापे में बरामद खाद्यान्न के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर मुझसे इस पर रिपोर्ट मांगी जाती है तो हम अपने स्तर पर जांच करेंगे।-नीरज सिंह, डीएसओ
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मोदीपुरम। सरधना के रतौली गांव में मिले खाद्यान्न के सरकारी राशन की पुष्टि न होने पर प्रशासन ने भले ही क्लीन चिट दे दी गई हो, परंतु फ्लोर मिल अभी भी संदेह के घेरे में है। फ्लोर मिल संचालक के यहां गेहूं के साथ चावल का मिलना आटे में मिलावट की ओर तो इशारा कर ही रहा है।
रतौली गांव स्थित फ्लोर मिल संचालक सुधीर शर्मा के यहां भारी मात्रा में सरकारी राशन होने की गोपनीय जानकारी जिलाधिकारी के बालाजी को शनिवार को मिली थी। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सरधना, एआर कोऑपरेटिव ने थाना पुलिस के साथ सुधीर के घर छापा मारा था। छापा मारने वाली टीम को घर में एक बड़ा तहखाना मिला था, जिसमें भारी मात्रा में गेहूं और चावल मिला था। सरकारी बोरे बरामद न होने पर टीम कानूनी कार्रवाई किए बिना ही लौट गई थी।
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बावजूद इसके अभी कई सवालों के जवाब अभी मिलने हैं। टीम ने वहां मिले चावल के नमूने तो लिए हैं पर अभी तक ये जांच नहीं की कि यह चावल सरकारी है या गैर सरकारी? छापे के दौरान बरामद खाद्यान्न के बारे में जिला आपूर्ति अधिकारी को सूचना भी नहीं दी गई है। यही नहीं, पैकिंग का लाइसेंस को लेकर भी पूछताछ नहीं की गई, जबकि फ्लोर मिल का संचालन करने व पैकिंग के लिए खाद्य विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। सरधना क्षेत्र के फूड इंस्पेक्टर डॉ. वैभव शर्मा का कहना है कि वह छापा मारने वाली टीम में शामिल नहीं थे। जांच की जाएगी कि फ्लोर मिल संचालक के पास लाइसेंस है या नहीं।
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तहसील प्रशासन के सामन पक्ष रख दिया: सुधीर
इस बारे में सुधीर शर्मा का कहना है कि हमने तहसील प्रशासन के सामने अपना पक्ष रख दिया है। फ्लोर मिल तकनीकी खराबी के चलते बंद है। उन्होंने बताया कि किसानों से गेहूं और चावल खरीद का व्यापार करते हैं। फ्लोर मिल के आटे को वह मेरठ की मंडी में बेचते हैं। मिल का लाइसेंस भारद्वाज के नाम पर है। छापा मारने वाली टीम को मौके पर सरकारी राशन नहीं मिला है।
----कोट---
मुझे कुछ नहीं बताया गया: डीएसओ
एसडीएम के नेतृत्व में मारे गए छापे में बरामद खाद्यान्न के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर मुझसे इस पर रिपोर्ट मांगी जाती है तो हम अपने स्तर पर जांच करेंगे।-नीरज सिंह, डीएसओ