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MEERUT : शहर में रेंग रहा ट्रैफिक, सर्वे और प्लान बनाकर भूल जाते हैं अफसर

Tue, 18 Feb 2020 01:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 18 Feb 2020 01:24 AM IST
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officers forget traffic plan again and again
MEERUT : शहर में रेंग रहा ट्रैफिक, सर्वे और प्लान बनाकर भूल जाते हैं अफसर
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मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए गुरुग्राम और दिल्ली की कंपनी पिछले आठ माह में तीन बार सर्वे कर चुकी है। कभी शहर के पांच चौराहों को विकसित करने का प्लान तैयार होता है तो कभी चौराहों की संख्या बढ़कर नौ हो जाती है, लेकिन काम कभी शुरू नहीं होता। पुलिस प्रशासन के अफसर मीटिंग में बैठकर बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन धरालत पर कोई काम नहीं होता। यही कारण है कि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक यही हाल रहा तो भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था और ज्यादा बिगड़ जाएगी।
दरअसल शहर की सड़कों और चौराहों पर अतिक्रमण है। किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल से ट्रैफिक कंट्रोल नहीं होता, लोग मनमर्जी से बेतरतीब तरीके से वाहन दौड़ाते हैं जिस कारण जाम की स्थिति बनती है। हालांकि कुछ चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात कंट्रोल करने की मशक्कत में जुटे रहते हैं, लेकिन वाहनों के अधिक दबाव के आगे वे भी पूरी तरह से व्यवस्था नहीं बना पाते हैं। जिसके कारण शहर की सभी मुख्य सड़कें और चौराहे दिन में कई बार जाम की चपेट में रहते हैं। शहरवासियों की इसी समस्या को दूर करने के लिए जिम्मेदार अफसर कई बार मंथन कर चुके हैं। नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, एमडीए और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मंडलायुक्त और जिलाधिकारी की बैठक में चौराहों को विकसित करने का प्लान दे चुके हैं। पहले अफसरों ने शहर के पांच चौराहों को विकसित करने का प्लान दिया था, लेकिन महज लाइटें लगाकर अफसरों ने औपचारिकता पूरी कर दी। इसके बाद इन चौराहों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। यह प्रस्ताव फाइल में कैद होकर ही रह गया, लेकिन चौराहों की दशा नहीं सुधरी जिस कारण लोगों को जाम की समस्या से मुक्ति नहीं मिल सकी।
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आईजी ने भी तैयार कराया प्लान
छह माह पहले तत्कालीन आईजी आलोक कुमार ने भी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्लान तैयार कराया था। एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने इसकी रिपोर्ट बनाई थी। इस रिपोर्ट में बेगमपुल, जीरो माइल, हापुड़ अड्डा, रेलवे रोड, एचआरएस चौक, तेजगढ़ी, बच्चा पार्क, इव्ज, जेल चुंगी और कमिश्नर आवास चौराहा शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि इन सभी चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस पोस्ट का दोबारा से निर्माण होना चाहिए। जेब्रा कॉसिंग बनाई जानी चाहिए, वहीं ट्रैफिक सिग्नल ठीक जगह लगाकर इन्हें शुरू करना चाहिए। इसके अलावा बिजली पोल हटाने और चौराहों पर इन चौराहों पर बने डिवाइडर और चौराहों पर बनी रोटरी में भी थोड़ा सुधार किया जाना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस ने यह रिपोर्ट यातायात निदेशालय का भेज दी थी, लेकिन इस पर भी आज तक अमल नहीं हुआ।
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और बिगड़ेगी यातायात व्यवस्था
ट्रैफिक पुलिस की तरफ से यातायात निदेशालय को जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें कहा गया कि दिल्ली देहरादून हाईवे पर परतापुर तिराहे व दिल्ली रोड पर रैपिड रेल और एक्सप्रेस वे का काम चल रहा है। इसके चलते दिल्ली रोड के साथ ही शहर में भी यातायात व्यवस्था बिगड़ेगी। वहीं मोदीपुरम में हाईवे पर फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के चलते लगातार ट्रैफिक बाधित हो रहा है। जैसे ही मोदीपुरम और परतापुर के बीच दिल्ली रोड पर रैपिड व मेट्रो के लिए पिलर बनाने का काम शुरू होगा तो शहर भीषण जाम से जूझेगा।
बढ़ रहे वाहन, चौराहे नहीं सुधरे
ट्र्रैफिक पुलिस का कहना है कि आरटीओ में 7 लाख 80 हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन है। जबकि जिले में एक लाख वाहन दूसरे जिलों और राज्यों के रजिस्ट्रेशन पर हैं। पिछले नौ साल में जिले में वाहनों की संख्या दो गुनी हो गई। जबकि चौराहों और शहर की सड़कों पर कोई काम नहीं हुआ। वाहनों का बढ़ता दबाव भी जाम का एक कारण बनता जा रहा है।

स्मार्ट सिटी में चला गया प्लान
पूर्व में अलग अलग प्लान तैयार किए गए, लेकिन इन पर काम नहीं हुआ। शहर में दोनों रोडवेज बस अड्डे भी जाम का कारण हैं। अब बताया गया कि अब चौराहों का प्लान स्मार्ट सिटी में चला गया है। - संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक
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