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मेरठ : समस्याओं की सुध नहीं ले रहे अफसर, स्वच्छता सर्वेक्षण में कैसे होंगे पास
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समस्याओं की सुध नहीं ले रहे अफसर, उम्मीद बेहतर फीडबैक की
मेरठ। नगर निगम लाखों रुपये खर्च कर हर साल नालों की सफाई का दावा करता है, लेकिन शहर के ज्यादातर नाले चोक हैं। नालों की गंदगी सड़कों पर बह रही हैं। कहीं स्कूल के बच्चें जलभराव के कारण परेशान हैं तो कहीं गंदा पानी भरने से बाजार बंद हैं। कई इलाकों में तो लोगों गंदे पानी से होकर ही गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ है, लेकिन नगर निगम अफसर शिकायतों के बाद भी इसकी सुध नहीं ले रहे हैं। उधर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाला नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों से बेहतर फीडबैक की उम्मीद लगाए बैठा है।
शहर के भूमिया पुल के पास सफाई न होने के कारण आए दिन पुलिया चोक रहती है। पिछले दस दिन से भूमिया पुल से लिसाड़ी रोड पर ट्यूबवैल के पास तक सड़क पर नालियों का पानी भरा है। आलम यह है कि जलभराव के कारण व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ गई हैं। क्षेत्र के लोगों को कहीं जाना होता है तो गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, लिसाड़ी रोड से जुड़ने वाले इलाकों की गलियों में भी जलभराव के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि नगर निगम पिछले एक सप्ताह से पुलिया खोलने की औपचारिकता निभा रहा है, लेकिन जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। उधर सैनियों वाली गली में भी पिछले 12 दिन से नाले का गंदा पानी भरा है। हालात ऐसे हैं कि कई घरों तक में गंदा पानी जा रहा है। आरोप है कि लोग शिकायत कर-कर के थक चुके हैं, लेकिन निगम अफसरों ने कार्रवाई करना तो दूर मौके पर पहुंचकर देखना तक गवारा नहीं समझा।
सरायलाल दास में भी हाल बेहाल
ओडियन नाले के किनारे ही सेठान सरायलाल दास में नाले का गंदा पानी भरा है। जनता को सेठान गली से गुजरना भी दूभर हो रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जिसके कारण मोहल्ले में गंदगी पसर गई है। अनिल माहेश्वरी का कहना है कि नगर निगम अफसर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
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तो कैसे बनेंगे स्वच्छ शहर?
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चल रहा है। शहर कितना साफ है। क्या प्रतिदिन शहर से कूड़ा उठता है या नहीं, नालों की सफाई नियमित होती है या नहीं। जलभराव और गंदगी की समस्या से कितनी निजात मिली। इसका फीडबैक जनता से ली जा रही है, लेकिन ऐसे समय में शहर की हालत बद से बदतर हो गई है। नगर निगम अफसर जनता से बेहतर फीडबैक की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों पर सुनवाई न होने से लोग नाराज है। ऐसे में अगर लोगों ने फीडबैक में यह नाराजगी जाहिर कर दी तो शहर स्वच्छता सर्वेक्षण से पिछड़ जाएगा।
थोड़ा काम बाकी है
भूमिया पुल पर पुलिया चोक हो रही है। पुलिया खुलवाने का काम किया गया था, अभी भी काम बाकी है। मंगलवार को फिर मशीनरी लगाई जाएगी। - डा. अरविंद कुमार चौरसिया, नगर आयुक्त।
निरीक्षण करेंगे
अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता परेशान है। मंगलवार को निगम अधिकारियों को साथ लेकर ओडियन नाला क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। नाला सफाई शुरू कराई जाएगी। - सुनीता वर्मा, महापौर।
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मेरठ। नगर निगम लाखों रुपये खर्च कर हर साल नालों की सफाई का दावा करता है, लेकिन शहर के ज्यादातर नाले चोक हैं। नालों की गंदगी सड़कों पर बह रही हैं। कहीं स्कूल के बच्चें जलभराव के कारण परेशान हैं तो कहीं गंदा पानी भरने से बाजार बंद हैं। कई इलाकों में तो लोगों गंदे पानी से होकर ही गुजरना पड़ रहा है। जलभराव के कारण बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ है, लेकिन नगर निगम अफसर शिकायतों के बाद भी इसकी सुध नहीं ले रहे हैं। उधर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाला नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों से बेहतर फीडबैक की उम्मीद लगाए बैठा है।
शहर के भूमिया पुल के पास सफाई न होने के कारण आए दिन पुलिया चोक रहती है। पिछले दस दिन से भूमिया पुल से लिसाड़ी रोड पर ट्यूबवैल के पास तक सड़क पर नालियों का पानी भरा है। आलम यह है कि जलभराव के कारण व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ गई हैं। क्षेत्र के लोगों को कहीं जाना होता है तो गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, लिसाड़ी रोड से जुड़ने वाले इलाकों की गलियों में भी जलभराव के कारण लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि नगर निगम पिछले एक सप्ताह से पुलिया खोलने की औपचारिकता निभा रहा है, लेकिन जलभराव से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। उधर सैनियों वाली गली में भी पिछले 12 दिन से नाले का गंदा पानी भरा है। हालात ऐसे हैं कि कई घरों तक में गंदा पानी जा रहा है। आरोप है कि लोग शिकायत कर-कर के थक चुके हैं, लेकिन निगम अफसरों ने कार्रवाई करना तो दूर मौके पर पहुंचकर देखना तक गवारा नहीं समझा।
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सरायलाल दास में भी हाल बेहाल
ओडियन नाले के किनारे ही सेठान सरायलाल दास में नाले का गंदा पानी भरा है। जनता को सेठान गली से गुजरना भी दूभर हो रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जिसके कारण मोहल्ले में गंदगी पसर गई है। अनिल माहेश्वरी का कहना है कि नगर निगम अफसर शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
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तो कैसे बनेंगे स्वच्छ शहर?
स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 चल रहा है। शहर कितना साफ है। क्या प्रतिदिन शहर से कूड़ा उठता है या नहीं, नालों की सफाई नियमित होती है या नहीं। जलभराव और गंदगी की समस्या से कितनी निजात मिली। इसका फीडबैक जनता से ली जा रही है, लेकिन ऐसे समय में शहर की हालत बद से बदतर हो गई है। नगर निगम अफसर जनता से बेहतर फीडबैक की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों पर सुनवाई न होने से लोग नाराज है। ऐसे में अगर लोगों ने फीडबैक में यह नाराजगी जाहिर कर दी तो शहर स्वच्छता सर्वेक्षण से पिछड़ जाएगा।
थोड़ा काम बाकी है
भूमिया पुल पर पुलिया चोक हो रही है। पुलिया खुलवाने का काम किया गया था, अभी भी काम बाकी है। मंगलवार को फिर मशीनरी लगाई जाएगी। - डा. अरविंद कुमार चौरसिया, नगर आयुक्त।
निरीक्षण करेंगे
अधिकारियों की लापरवाही के कारण जनता परेशान है। मंगलवार को निगम अधिकारियों को साथ लेकर ओडियन नाला क्षेत्र का निरीक्षण किया जाएगा। नाला सफाई शुरू कराई जाएगी। - सुनीता वर्मा, महापौर।