फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   OBC will occupy the mayor's chair for the fifth time

Meerut News: महापौर की कुर्सी पर पांचवीं बार होगा ओबीसी का कब्जा

Tue, 06 Dec 2022 08:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 06 Dec 2022 08:30 AM IST
सार

मेरठ में महापौर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो गई है ऐसा पांचवी बार है। जब इस सीट पर ओबीसी का कब्जा होगा वही खास बात यह है कि अभी तक नगर निगम में बसपा और भाजपा ने ही अपनी सरकार बनाई है।

विज्ञापन
OBC will occupy the mayor's chair for the fifth time
नगरीय निकाय चुनाव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मेरठ नगर निगम महापौर की कुर्सी पर लगभग 28 साल में पांचवीं बार पिछड़ा वर्ग का कब्जा होगा। शासन ने महापौर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी है। अगर नगर प्रमुख अरुण जैन को छोड़ दें तो पांच बार के चुनाव में चार बार ओबीसी और एक बार एससी वर्ग ने महापौर की सीट पर कब्जा किया है। यह अलग बात है कि दो बार सामान्य वर्ग की सीट पर ओबीसी वर्ग के लोगों ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
विज्ञापन


मेरठ नगर निगम में सभी राजनीतिक दल भी ओबीसी पर ही भरोसा जताते रहे हैं। इतिहास गवाह है कि अब तक नगर निगम में बसपा और भाजपा ने ही अपनी सरकार बनाई है। इस बार सपा और रालोद का गठबंधन होने से समीकरण बदल भी सकते हैं। हालांकि चुनाव बाद ही पता चलेगा कि इस बार किस राजनीतिक दल से ओबीसी का महापौर चुना जाएगा।
विज्ञापन


मेरठ नगर महापालिका बनने के बाद 1989 में अरुण जैन पार्षदों के मतों से नगर प्रमुख चुने गए थे। इसके बाद 1995 में पहला चुनाव हुआ जिसमें जनता की वोट से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर बसपा प्रत्याशी अयूब अंसारी जो ओबीसी कोटे से हैं, वह नगर प्रमुख चुने गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि बाद में नगर प्रमुख का पद महापौर के नाम से जाना जाने लगा। वर्ष 2000 में सामान्य वर्ग की सीट पर बसपा ने हाजी शाहिद अखलाक को महापौर पद पर चुनाव लड़ाया। शाहिद भी ओबीसी जाति से ही ताल्लुक रखते हैं। शाहिद महापौर चुने गए। वर्ष 2006 में पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा ने मधु गुर्जर को चुनाव मैदान में उतारा। मेरठ की जनता ने मधु गुर्जर को महापौर चुन लिया।

वर्ष 2012 में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में हरिकांत अहलुवालिया चुनाव लड़े। वह भी भारी मतों से जीतकर महापौर चुने गए। साल 2017 में शासन ने महापौर सीट एससी महिला के लिए आरक्षित कर दी, जिस पर बसपा के चुनाव चिह्न पर सुनीता वर्मा ने भाजपा की कांता कर्दम को हराकर महापौर की कुर्सी पर कब्जा किया।

अब 2022 के चुनाव में शासन ने महापौर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित कर दी है। भाजपा, बसपा, सपा, रालोद और कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी निगम के चुनाव में ताल ठोके हुए है। सभी दल निगम सरकार बनाने का दावा भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed