न्यूटिमा-अतुल विवाद: सदन से सड़क तक हंगामा, विधानसभा में गूंजा मामला, विधायक को सपा मुखिया अखिलेश का समर्थन
मेरठ न्यूटिमा अस्पताल और सपा विधायक अतुल प्रधान का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे लेकर आईएमए चिकित्सक जहां लामबंद हैं वहीं सड़क से सदन तक हंगामा जारी है। वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव सरधना विधायक अतुल प्रधान के समर्थन में आ गए हैं।
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न्यूटिमा अस्पताल और सपा विधायक अतुल प्रधान का विवाद बुधवार को सदन से सड़क तक गूंजा। विधायक ने अस्पताल में हुए विवाद और खुद पर दर्ज मुकदमे का मामला विधानसभा में उठाया। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन किया। वहीं छात्र संगठनों और युवा अधिवक्ताओं ने विधायक के समर्थन में शहर में जुलूस निकाला। आईएमए के सदस्यों ने प्रेसवार्ता कर कहा कि वह उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विधानसभा में अतुल प्रधान ने कहा कि निजी अस्पताल में एक व्यक्ति पहुंचा, उप मुख्यमंत्री ने उस पर संज्ञान लिया। तीन सदस्य कमेटी बनी। मैं अधिकारियों को बताकर अस्पताल गया था। थाने की पुलिस मौके पर मौजूद थी। मैंने ये कहा कि कोड से दवाई दे रहे हैं। महंगी दवाई अस्पताल में मिल रही है, तो व्यक्ति बाहर से जाकर दवाई ले सकता है। इस पर मुझ पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
उसमें मुझे क्लीन चिट मिल गई, फिर चार्जशीट लगा दी। मेरठ में 322 निजी अस्पताल हैं। कहीं डॉक्टर नहीं तो कहीं स्टाफ, लैब टेक्नीशियन नहीं। इनके मानक चेक करा लीजिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि लिखकर दे दीजिए, संसदीय कार्य मंत्री के पास भेजा जाएगा। अभी निजी अस्पताल का संज्ञान नहीं ले सकते।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सदस्य अगर कोई बात उठा रहे हैं तो सरकार और वहां के अधिकारियों को नर्सिंग होम के साथ मिलकर जांच करानी चाहिए। मरीज को न्याय मिलना चाहिए। इलाज तो मिल नहीं रहा, अगर कोई आवाज उठा रहा है तो उस पर मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज नहीं और प्राइवेट अस्पताल इलाज के नाम पर लूट रहे हैं। यह सब स्वास्थ्य विभाग की नाकामी की वजह से हो रहा है। डेंगू जैसी बीमारीयों के लिए लाखों के बिल बनाए जा रहे हैं। अस्पतालों में दवाइयां कोड में दी जा रही हैं। प्राइवेट संस्थानों से सरकार की साठगांठ चल रही है। पूरे उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।
न्यूटिमा अस्पताल में मरीज के बिल को लेकर हुआ विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आईएमए के डॉक्टर और अतुल प्रधान आमने-सामने हैं। दोनों पर एक दूसरे प्रारूप प्रत्यारोप लग रहे हैं। इस मामले में अतुल प्रधान और मरीज के परिवार वालों पर रिपोर्ट भी दर्ज है, जिसमें चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
अतुल प्रधान के समर्थन में निकाला मशाल जुलूस
सपा विधायक अतुल प्रधान के समर्थन में समर्थकों व छात्र संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला। जुलूस गांधी आश्रम से शुरू होकर हापुड़ अड्डे होते हुए वापस गांधी आश्रम पर जाकर समाप्त हुआ। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। अतुल प्रधान तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।
प्राइवेट अस्पताल की मनमानी नहीं चलेगी और गरीबों का शोषण बंद करो। इस दौरान इकराम सैफी, बाबर, इमरान ठेकेदार, विजय राठी, राजदीप विकल, तालिब रिज़वी, आकाश बढ़ाना, गुड्डू चौधरी, आदेश, बबलू जाटव, अतुल भड़ाना और शकील सैफी आदि रहे।
न्यूटिमा हॉस्पिटल के मामले में सपा विधायक अतुल प्रधान को युवा वकीलों का समर्थन मिला है। बुधवार को दर्जनों युवा वकीलों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए डीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में न्यूटिमा हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ता दीपक चहल सहित दर्जनों अधिवक्तागण बुधवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपा।
दीपक ने आरोप लगाया कि न्यूट्रिमा हॉस्पिटल सहित शहर में कई अवैध हॉस्पिटल का संचालन हो रहा है। जिनमें मरीजों के तीमारदारों का उत्पीड़न किया जाता है। बिल के नाम पर मरीजों से लूट की जा रही है। विरोध करने पर अस्पताल के बाउंसर मरीजों के तीमारदारों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हैं।
जब सपा विधायक अतुल प्रधान ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो सत्ताधारियों के दबाव में उनकी आवाज को कुचलने की कोशिश की जा रही है। युवा वकीलों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध न्यूटिमा हॉस्पिटल के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो वकील भी बड़ा आंदोलन चलाने से पीछे नहीं हटेंगे।