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73 में से 24 के बढ़ गए नंबर
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मेरठ। सीसीएसयू के शिक्षक मूल्यांकन में लगातार गड़बड़ी कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में कई कोर्सों में 73 छात्र-छात्राओं ने नंबरों को आरटीआई में चुनौती दी तो दोबारा मूल्यांकन में 24 छात्रों के नंबर बढ़ गए हैं।
सीसीएसयू में हाल ही में तीन शिक्षकों को लापरवाही से मूल्यांकन करने पर डिबार किया गया जा चुका है। लेकिन इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोमवार को विवि ने चैलेंज स्क्रूटनी के रिजल्ट घोषित किए हैं। इसमें बीए-एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीडीएस, एमबीबीएस कोर्सों में कम नंबरों की शिकायत करते हुए रिजल्ट को चुनौती दी गई थी। दोबारा मूल्यांकन के बाद इनमें से 24 के नंबर बढ़ गए हैं। विवि को शिक्षकों की इस लापरवाही पर लगाम लगाने के दंड की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। चैलेंट स्क्रूटनी के लिए छात्रों द्वारा भरी जाने वाली 35 सौ रुपये फीस की वसूली ऐसे शिक्षकों से हो तो स्थिति में कुछ सुधार आए। ब्यूरो
शुल्क जमा नहीं कराया तो प्रैक्टिकल नहीं
मेठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में बीएड फाइनल की परीक्षाएं खत्म होने वाली हैं। अभी भी एससी-एसटी वर्ग के काफी छात्र-छात्राओं का परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया गया है। विवि प्रशासन की तरफ से इनको परीक्षा में बैठने की मंजूरी दे दी गई थी। ऐसे छात्रों को विवि ने निर्देश दिए हैं कि 10 कार्य दिवसों के भीतर परीक्षा शुल्क जमा करा दें अन्यथा उनकी मौखिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। रिजल्ट रोक दिया जाएगा। ब्यूरो
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सीसीएसयू में हाल ही में तीन शिक्षकों को लापरवाही से मूल्यांकन करने पर डिबार किया गया जा चुका है। लेकिन इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोमवार को विवि ने चैलेंज स्क्रूटनी के रिजल्ट घोषित किए हैं। इसमें बीए-एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीडीएस, एमबीबीएस कोर्सों में कम नंबरों की शिकायत करते हुए रिजल्ट को चुनौती दी गई थी। दोबारा मूल्यांकन के बाद इनमें से 24 के नंबर बढ़ गए हैं। विवि को शिक्षकों की इस लापरवाही पर लगाम लगाने के दंड की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। चैलेंट स्क्रूटनी के लिए छात्रों द्वारा भरी जाने वाली 35 सौ रुपये फीस की वसूली ऐसे शिक्षकों से हो तो स्थिति में कुछ सुधार आए। ब्यूरो
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शुल्क जमा नहीं कराया तो प्रैक्टिकल नहीं
मेठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में बीएड फाइनल की परीक्षाएं खत्म होने वाली हैं। अभी भी एससी-एसटी वर्ग के काफी छात्र-छात्राओं का परीक्षा शुल्क जमा नहीं किया गया है। विवि प्रशासन की तरफ से इनको परीक्षा में बैठने की मंजूरी दे दी गई थी। ऐसे छात्रों को विवि ने निर्देश दिए हैं कि 10 कार्य दिवसों के भीतर परीक्षा शुल्क जमा करा दें अन्यथा उनकी मौखिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी। रिजल्ट रोक दिया जाएगा। ब्यूरो
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