फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   nrhm scam meerut

एनआरएचएम घोटाले के आरोपी डॉ. सतीश की हार्टअटैक से मौत

Mon, 02 Nov 2015 02:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 02 Nov 2015 02:55 AM IST
विज्ञापन
nrhm scam meerut
एनआरएचएम घोटाले के आरोपी और जिला अस्पताल मेरठ के पूर्व अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार (51) की शनिवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह इलाहाबाद जा रहे थे। रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ी और वह अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतर गए। एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
विज्ञापन


एनआरएचएम घोटाले की जांच में सीबीआई ने मेरठ में तैनात नौ डॉक्टरों और एक फार्मेसिस्ट के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सभी आरोपी जेल गए। आरोपियों में तत्कालीन सीएमओ परिवार कल्याण डॉ. पीपी वर्मा, तत्कालीन एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. एसपी ओझा, डिप्टी सीएमओ डॉ. केपी सिंह, डॉ. सतीश कुमार, एडिशनल सीएमओ डॉ. एचजी सिंह, डॉ. नरेश कुमार, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. ऊषा तोमर, डॉ. ऊषा सिंह, डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ और फार्मेसिस्ट एसएन शुक्ला शामिल हैं।
विज्ञापन


इनके अलावा मेरठ की डेफोडिल दवा कंपनी के मालिक सुरेंद्र चौधरी और इंदौर की सुदर्शन फार्मास्यूटिकल कंपनी के मालिक विजय रंधर भी जेल जा चुके हैं। चार आरोपी डॉक्टर नरेश कुमार, पीपी वर्मा, ऊषा तोमर और ऊषा सिंह रिटायर हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. सतीश कुमार एनआरएचएम के तहत खरीदी गई दवाई की पर्चेज कमेटी के मेंबर थे। दवाओं के भुगतान पर उनके भी दस्तखत थे। वर्ष 2013 में उन्हें सस्पेंड किया गया था। तब वह जिला अस्पताल में अधीक्षक पद पर थे। करीब चार माह वह जेल में भी रहे।

जमानत पर बाहर आने के बाद डॉ. सतीश ने शासन से बहाली के लिए कई बार प्रयास किए, लेकिन बहाली नहीं हुई। उन्होंने गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में केस डिसमिस करने के लिए याचिका दायर की थी, जो खारिज हो गई। अब वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे थे। अपनी पत्नी के साथ वह गाजियाबाद गए। पत्नी को साढू़ के पास छोड़कर वह शनिवार रात नीलांचल एक्सप्रेस से इलाहाबाद रवाना हुए।


डॉ. सतीश के भाई डॉ. राजकुमार के मुताबिक तबियत खराब होने पर उन्होंने रात 11:11 बजे एक कॉर्डियोलॉजिस्ट को फोन किया था। तबियत बिगड़ने पर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर वे उतर गए। 108 एंबुलेंस की मदद जिला अस्पताल जाने के लिए ली। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जेब में मिले आई कार्ड से उनकी पहचान हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed