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अब पीसीओ से ही परिजनों से बात कर पाएंगे बंदी
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अब पीसीओ से ही परिजनों से बात कर पाएंगे बंदी
मेरठ। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जेल में बंदियों से मुलाकात पर रोक लगाने के बाद जिला जेल में पीसीओ की व्यवस्था बहाल कर दी गई है। अंदर मौजूद बंदी अब केवल फोन से ही परिजनों को अपना हालचाल बयां कर पाएंगे।
अभी तक चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में प्रतिदिन करीब 300 लोग बंदियों से मुलाकात करने आते थे। ऐटा जेल में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद फिर से मुलाकात व्यवस्था को बंद किय गया है। अब जेल में बंदी से मुलाकात नहीं होगी। शासन से निर्देश मिलते ही जेल प्रशासन ने कोरोना काल वाली व्यवस्था लागू कर दी है। जेल में 18 पीसीओ हैं। अब इनके माध्यम से बंदी परिजनों से बात कर सकेंगे। सप्ताह में पांच बार बंदियों को उनकी ओर से पंजीकृत दो में से एक नंबर पर बात करने का मौका मिलेगा।
संक्रमण को देखते हुए कुछ अन्य बदलाव किए गए हैं। सैनेटाइज के लिए चार मशीनें लगाई गई हैं। इनके अलावा हाइपोक्लोराइड के घोल का छिड़काव करा दिया गया है। हॉट वॉटर डिस्पेंसर से सुबह और शाम बंदियों को गर्म पानी पीना होगा। दोपहर में खाने के बाद काढ़ा देना भी शुरू कर दिया गया है।
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साढ़े चार माह बाद मुलाकात बंद
कोरोनो काल में जिला जेल में 19 मार्च, 2020 से 15 अगस्त, 2021 तक मुलाकात बंद रही। 16 अगस्त से मुलाकात सख्त नियमावली के साथ शुरू कराई गई। यह शनिवार तक चली। अब फिर यह व्यवस्था शुरू हुई है। जरूरी सामान पहुंचाने के लिए भी जेल प्रशासन को उसे 48 घंटे तक सैनेटाइज कर रखना होगा। फिर उसे बंदी तक पहुंचाया जाएगा।
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लखनऊ से होगी निगरानी
जिला कारागार में 34 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यह सभी कैमरे लखनऊ मुख्यालय से पहले ही अटैच हैं। इनका ही प्रयोग बंदियों की निगरानी के लिए होगा। कोविड मानकों के अनुपालन की स्थिति की लखनऊ से ही निगरानी की जाएगी।
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-- वर्जन --
बंदियों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत बंदी पीसीओ के माध्यम से मुलाकात कर सकेंगे। - राजेंद्र सिंह, जेलर, जिला कारागार।
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मेरठ। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जेल में बंदियों से मुलाकात पर रोक लगाने के बाद जिला जेल में पीसीओ की व्यवस्था बहाल कर दी गई है। अंदर मौजूद बंदी अब केवल फोन से ही परिजनों को अपना हालचाल बयां कर पाएंगे।
अभी तक चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में प्रतिदिन करीब 300 लोग बंदियों से मुलाकात करने आते थे। ऐटा जेल में संक्रमण का मामला सामने आने के बाद फिर से मुलाकात व्यवस्था को बंद किय गया है। अब जेल में बंदी से मुलाकात नहीं होगी। शासन से निर्देश मिलते ही जेल प्रशासन ने कोरोना काल वाली व्यवस्था लागू कर दी है। जेल में 18 पीसीओ हैं। अब इनके माध्यम से बंदी परिजनों से बात कर सकेंगे। सप्ताह में पांच बार बंदियों को उनकी ओर से पंजीकृत दो में से एक नंबर पर बात करने का मौका मिलेगा।
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संक्रमण को देखते हुए कुछ अन्य बदलाव किए गए हैं। सैनेटाइज के लिए चार मशीनें लगाई गई हैं। इनके अलावा हाइपोक्लोराइड के घोल का छिड़काव करा दिया गया है। हॉट वॉटर डिस्पेंसर से सुबह और शाम बंदियों को गर्म पानी पीना होगा। दोपहर में खाने के बाद काढ़ा देना भी शुरू कर दिया गया है।
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साढ़े चार माह बाद मुलाकात बंद
कोरोनो काल में जिला जेल में 19 मार्च, 2020 से 15 अगस्त, 2021 तक मुलाकात बंद रही। 16 अगस्त से मुलाकात सख्त नियमावली के साथ शुरू कराई गई। यह शनिवार तक चली। अब फिर यह व्यवस्था शुरू हुई है। जरूरी सामान पहुंचाने के लिए भी जेल प्रशासन को उसे 48 घंटे तक सैनेटाइज कर रखना होगा। फिर उसे बंदी तक पहुंचाया जाएगा।
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लखनऊ से होगी निगरानी
जिला कारागार में 34 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यह सभी कैमरे लखनऊ मुख्यालय से पहले ही अटैच हैं। इनका ही प्रयोग बंदियों की निगरानी के लिए होगा। कोविड मानकों के अनुपालन की स्थिति की लखनऊ से ही निगरानी की जाएगी।
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-- वर्जन --
बंदियों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है। पुरानी व्यवस्था के तहत बंदी पीसीओ के माध्यम से मुलाकात कर सकेंगे। - राजेंद्र सिंह, जेलर, जिला कारागार।
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