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अब शुरू होंगे जिला अस्पताल और मेडिकल के प्राइवेट वार्ड, अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा

Wed, 10 Apr 2019 11:00 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Wed, 10 Apr 2019 11:00 PM IST
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Now private ward of Meerut District Hospital and Medical will start
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय और एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में प्राइवेट वार्ड शुरू कराए जाएंगे। अभी तक यह वार्ड बंद पड़े थे। अब इनकी ओर ध्यान दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में वार्ड के नवीनीकरण का कार्य जारी है, जबकि जिला अस्पताल में दो दिन पहले ही नवीनीकरण (रिनोवेशन) का कार्य शुरू किया गया है।

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पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय
करीब 12 साल से बंद पड़े जिला अस्पताल के 10 प्राइवेट वार्डों की अब सुध ली गई है। कई बार इनके नवीनीकरण में शासन ने करोड़ों रुपये खर्च किए, इसके बावजूद बरसों से यहां ताले लटके हुए थे, जो अब खुलने जा रहे हैं। पांच प्राइवेट वार्ड ब्लड बैंक के बराबर में है, जबकि पांच पुराने जिला मलेरिया विभाग के पीछे। अमर उजाला ने भी यह मुद्दा उठाया था। अब इस ओर ध्यान दिया गया है। यहां टाइल्स लगी हैं और अब बिजली के पंखे व पानी की व्यवस्था की जा रही है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीकेबंसल ने बताया कि पहले यहां असामाजिक तत्व घुस जाते थे और एक हत्या भी हो गई थी। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं होने केकारण इन्हें शुरू नहीं किया गया था, मगर अब इन्हें चालू करने की तैयारी है, ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि अभी भी स्टाफ की किल्लत है।

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एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेज के बंद पड़े खस्ताहाल प्राइवेट वार्ड 28 साल बाद अब फिर से शुरू होने वाले हैं। इनके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। यहां प्राइवेट 50 रूम हैं, जिनमें पहले फेज में 20 शुरू करने की तैयारी है। यह रूम वर्ष 1978 के करीब बने थे। मेडिकल कॉलेज का स्टाफ चाहता था कि उनकी जगह यहां अलग से स्टाफ उपलब्ध कराया जाए। स्टाफ की ड्यूटी में आनाकानी की वजह से धीरे-धीरे यहां अव्यवस्था फैलती गई और साल 1992 में ये वार्ड पूरी तरह से बंद हो गए। मेडिकल प्रशासन भी चाहता था कि इसके लिए अलग से स्टाफ की व्यवस्था की जाए। इसके लिए कोशिशें भी की गईं, मगर ऐसा नहीं हो सका। न तो वार्ड के लिए अलग से स्टाफ मिला और न ही इसके लिए शासन से अलग से बजट आया। 

प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में आए अनुरक्षण बजट में से कुछ पैसा इन्हें दुरुस्त करने में लगाया जा रहा है। 20 वार्ड तैयार कराए जा रहे हैं, जो जल्द ही शुरू करा दिए जाएंगे।

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