{"_id":"60d8c8088ebc3ebc8606b05c","slug":"notorious-arrested-with-jewelery-worth-ten-lakh-rupees-meerut-news-mrt544731119","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस लाख रुपये के जेवर के साथ कुख्यात गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस लाख रुपये के जेवर के साथ कुख्यात गिरफ्तार
Mon, 28 Jun 2021 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)। कोतवाली पुलिस ने शनिवार देर रात बावरिया गिरोह के सदस्य एक कुख्यात बदमाश को छपरौली चुंगी से गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इस दौरान बाइक चला रहा उसका एक साथी फरार हो गया। पकड़े गए बदमाश से लगभग दस लाख रुपये के जेवरात, एक तमंचा व चार कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने पकड़े गए बदमाश को रविवार को जेल भिजवा दिया है। पुलिस उसके अन्य साथियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
गिरफ्तार बदमाश मनीष उर्फ याहू पुत्र कैलाश मूलरूप से थाना बिनौली के गांव नगंलाबड़ी का रहने वाला है और वर्तमान में अल्वीनगर थाना लोनी गाजियाबाद में रहता है। उसका फरार साथी सबूज भी लोनी में ही रह रहा है। इंस्पेक्टर बड़ौत ने बताया कि शनिवार रात करीब दो बजे ये दोनों बाइक पर सवार होकर शामली के कस्बा झिंझाना जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर छपरौली चुंगी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाश से दस लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, एक तमंचा, चार कारतूस बरामद किए हैं। कोतवाली पुलिस ने रविवार को पकड़े गए बदमाश को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवा दिया है। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि बदमाश मनीष उर्फ याहू का विवाह अलीगढ़ के रट गांव निवासी चुनिया की पुत्री से हुआ है। चुनिया इस गिरोह का मुखिया है। उस पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसके गिरोह में आठ से दस लोग हैं। चुनिया दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने के दौरान रेकी करता है। रात में गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देते हैं।
डॉ. सुमन त्यागी हत्याकांड को दिया था अंजाम
सीओ ने बताया कि 7 जून 2011 में चुनिया ने अपने भाई ब्रजपाल व भतीजों के साथ मिलकर डॉ. सुमन त्यागी हत्याकांड को अंजाम दिया था। डॉ. सुमन त्यागी किठौर जाने के लिए मेरठ में मेडिकल कॉलेज से जीप में बैठी थीं। रास्ते से उसका अपहरण कर जंगल में ले गए और गहने लूटने के बाद हत्या करके शव मवाना-परीक्षितगढ़ नहर में फेंक दिया था। इस हत्याकांड में चुनिया व उसका भाई ब्रजपाल अभी फरार हैं।
विज्ञापन
फिलहाल मेवात में है गिरोह के सदस्यों का डेरा
बड़ौत। गिरोह के वारदात करने का तरीका भी बहुत जघन्य है। वारदात के दौरान रॉड या किसी भी वस्तु से सिर पर वार कर देते हैं। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाश मनीष उर्फ याहू ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर भरतपुर, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद व लोनी समेत दिल्ली एनसीआर में लूट की वारदात की हैं। इस गिरोह ने अभी तक जनपद बागपत में वारदात नहीं की है। फिलहाल गिरोह ने मेवात के पूनहाना में दो माह से डेरा डाल रखा है। सीओ ने बताया कि बावरिया राजस्थान के भरतपुर जिले की एक जाति है। इसने लूटपाट को ही पेशा बना रखा है। इस जाति में परिवार या व्यक्ति का रुतबा वारदातों के आधार पर तय होता है। ये किसी भी एक जगह स्थायी रूप से नहीं रहते हैं। इनके पास अपनी संपत्ति भी नहीं होती है। संवाद
मूल निवासी होने के दावे पर सवाल
बड़ौत। सीओ व इंस्पेक्टर पकड़े गए बावरिया गैंग के सदस्य को मूलरूप से बिनौली थाना क्षेत्र के गांव नंगलाबड़ी का निवासी बता रहे हैं। वहीं पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अजय त्यागी ने बताया कि यह गांव ग्राम पंचायत दौज्जा गांव का मजरा है। यहां बावरिया का कोई परिवार नहीं रहा है। बरामद जेवर कहां से लूटे गए पुलिस इसकी सही जानकारी नहीं दे पाई है। पुलिस का कहना है कि यह भरतपुर राजस्थान से लूटे गए हो सकते हैं।
ये सामान हुआ बरामद
चांदी के आभूषण
छह कमरबंद/तगड़ी
18 जोडे-पाजेब
1 जोडे कड़े
1 बाजूबंद
7 हथफूल
4 मंगलसूत्र लोकेट समेत
9 जोड़ी चुटकी
1 जोड़ी छुमके
1 जोड़ी कुंडल
4 अंगूठी
1 बच्चों का नजरिया
सोने के जेवरात
2 गले के हार
3 मंगलसूत्र लोकेट समेत
2 जोड़ी छुमकी
1 लोकेट बिना चेन
7 अंगूठी
वारदात का तरीका
सीओ बड़ौत ने बताया कि वारदात करने के लिए बावरिया गिरोह 10 से 12 सदस्य निकलते हैं। ये शहर या गांव की सीमा से लगी बस्तियों को निशाना बनाते हैं। बाहर से ही मकान देखकर हैसियत का अंदाजा लगा लेते हैं। इसके बाद वारदात करते हैं। बावरिया गिरोह लूट के बाद पकड़े जाने या पहचाने जाने के डर से घर के सदस्यों को मौत के घाट उतार देते हैं। गिरोह के सदस्य वारदात के लिए जाते समय रास्ते में पड़ने वाले पेड़ से डंडा ले लेते हैं। हैंडपंप मिलने उसकी हत्थी निकाल लेते हैं। कई बार सरियों का भी इस्तेमाल करते हैं।वारदात करने से पहले गिरोह के सदस्य शरीर पर तेल लगाते हैं।जिससे पकड़े जाने पर फिसलन के चलते बच निकले। यह गिरोह अधिकतर नगदी और गहने लूटता है। पकड़े जाने के बाद ये आसानी से मुंह नहीं खोलते हैं।
गिरोह प्रभावित क्षेत्र
एनसीआर में बावरिया गिरोह फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि क्षेत्र में वारदात को अंजाम देते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं घुमंतु गिरोह के बदमाश
बड़ौत। छपरौली पुलिस ने तीन अगस्त 2019 को तुगाना पुलिया नहर के समीप मुठभेड़ मेें बावरिया गिरोह का पांच हजार इनामी दीपक निवासी अलाउद्दीनपुर थाना झिंझाना शामली को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में दीपक को पैर में गोली लगी थी। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि वह सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन में सुल्तानपुर से मुसाफिरखाना के बीच हुई लाखों की डकैती में बदमाश फरार चल रहा था। उस पर मुरादाबाद जीआरपी से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसी साल16 जनवरी में खेकड़ा पुलिस ने चेंकिग के दौरान पाठशाला पुलिस चौकी के निकट 25 हजारी इनामी बावरिया धर्मेंद्र उर्फ बंटी उर्फ टिंडी, उसकी पत्नी आरती निवासी लोनी को गिरफ्तार किया था। बड़ौत पुलिस ने 4 मार्च 2020 को पूर्वी यमुना नहर पर बावली झाल के समीप मुठभेड में मेरठ जोन के टॉप की फेहरिस्त में शामिल बावरिया गैंग के कुख्यात पवन पुत्र लख्मी निवासी बहरा थाना धौलाना जनपद हापुड़ को गिरफ्तार किया। पवन के खिलाफ हत्या, लूट और डकैती के 35 मुकदमे मेरठ के थानों में दर्ज हैं।
विज्ञापन
गिरफ्तार बदमाश मनीष उर्फ याहू पुत्र कैलाश मूलरूप से थाना बिनौली के गांव नगंलाबड़ी का रहने वाला है और वर्तमान में अल्वीनगर थाना लोनी गाजियाबाद में रहता है। उसका फरार साथी सबूज भी लोनी में ही रह रहा है। इंस्पेक्टर बड़ौत ने बताया कि शनिवार रात करीब दो बजे ये दोनों बाइक पर सवार होकर शामली के कस्बा झिंझाना जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर छपरौली चुंगी से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने पकड़े गए बदमाश से दस लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, एक तमंचा, चार कारतूस बरामद किए हैं। कोतवाली पुलिस ने रविवार को पकड़े गए बदमाश को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवा दिया है। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि बदमाश मनीष उर्फ याहू का विवाह अलीगढ़ के रट गांव निवासी चुनिया की पुत्री से हुआ है। चुनिया इस गिरोह का मुखिया है। उस पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। उसके गिरोह में आठ से दस लोग हैं। चुनिया दिन में फेरी लगाकर कपड़े बेचने के दौरान रेकी करता है। रात में गिरोह के सदस्य वारदात को अंजाम देते हैं।
विज्ञापन
डॉ. सुमन त्यागी हत्याकांड को दिया था अंजाम
सीओ ने बताया कि 7 जून 2011 में चुनिया ने अपने भाई ब्रजपाल व भतीजों के साथ मिलकर डॉ. सुमन त्यागी हत्याकांड को अंजाम दिया था। डॉ. सुमन त्यागी किठौर जाने के लिए मेरठ में मेडिकल कॉलेज से जीप में बैठी थीं। रास्ते से उसका अपहरण कर जंगल में ले गए और गहने लूटने के बाद हत्या करके शव मवाना-परीक्षितगढ़ नहर में फेंक दिया था। इस हत्याकांड में चुनिया व उसका भाई ब्रजपाल अभी फरार हैं।
विज्ञापन
फिलहाल मेवात में है गिरोह के सदस्यों का डेरा
बड़ौत। गिरोह के वारदात करने का तरीका भी बहुत जघन्य है। वारदात के दौरान रॉड या किसी भी वस्तु से सिर पर वार कर देते हैं। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि पकड़े गए बदमाश मनीष उर्फ याहू ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर भरतपुर, मध्य प्रदेश, गाजियाबाद व लोनी समेत दिल्ली एनसीआर में लूट की वारदात की हैं। इस गिरोह ने अभी तक जनपद बागपत में वारदात नहीं की है। फिलहाल गिरोह ने मेवात के पूनहाना में दो माह से डेरा डाल रखा है। सीओ ने बताया कि बावरिया राजस्थान के भरतपुर जिले की एक जाति है। इसने लूटपाट को ही पेशा बना रखा है। इस जाति में परिवार या व्यक्ति का रुतबा वारदातों के आधार पर तय होता है। ये किसी भी एक जगह स्थायी रूप से नहीं रहते हैं। इनके पास अपनी संपत्ति भी नहीं होती है। संवाद
मूल निवासी होने के दावे पर सवाल
बड़ौत। सीओ व इंस्पेक्टर पकड़े गए बावरिया गैंग के सदस्य को मूलरूप से बिनौली थाना क्षेत्र के गांव नंगलाबड़ी का निवासी बता रहे हैं। वहीं पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अजय त्यागी ने बताया कि यह गांव ग्राम पंचायत दौज्जा गांव का मजरा है। यहां बावरिया का कोई परिवार नहीं रहा है। बरामद जेवर कहां से लूटे गए पुलिस इसकी सही जानकारी नहीं दे पाई है। पुलिस का कहना है कि यह भरतपुर राजस्थान से लूटे गए हो सकते हैं।
ये सामान हुआ बरामद
चांदी के आभूषण
छह कमरबंद/तगड़ी
18 जोडे-पाजेब
1 जोडे कड़े
1 बाजूबंद
7 हथफूल
4 मंगलसूत्र लोकेट समेत
9 जोड़ी चुटकी
1 जोड़ी छुमके
1 जोड़ी कुंडल
4 अंगूठी
1 बच्चों का नजरिया
सोने के जेवरात
2 गले के हार
3 मंगलसूत्र लोकेट समेत
2 जोड़ी छुमकी
1 लोकेट बिना चेन
7 अंगूठी
वारदात का तरीका
सीओ बड़ौत ने बताया कि वारदात करने के लिए बावरिया गिरोह 10 से 12 सदस्य निकलते हैं। ये शहर या गांव की सीमा से लगी बस्तियों को निशाना बनाते हैं। बाहर से ही मकान देखकर हैसियत का अंदाजा लगा लेते हैं। इसके बाद वारदात करते हैं। बावरिया गिरोह लूट के बाद पकड़े जाने या पहचाने जाने के डर से घर के सदस्यों को मौत के घाट उतार देते हैं। गिरोह के सदस्य वारदात के लिए जाते समय रास्ते में पड़ने वाले पेड़ से डंडा ले लेते हैं। हैंडपंप मिलने उसकी हत्थी निकाल लेते हैं। कई बार सरियों का भी इस्तेमाल करते हैं।वारदात करने से पहले गिरोह के सदस्य शरीर पर तेल लगाते हैं।जिससे पकड़े जाने पर फिसलन के चलते बच निकले। यह गिरोह अधिकतर नगदी और गहने लूटता है। पकड़े जाने के बाद ये आसानी से मुंह नहीं खोलते हैं।
गिरोह प्रभावित क्षेत्र
एनसीआर में बावरिया गिरोह फरीदाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि क्षेत्र में वारदात को अंजाम देते हैं।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं घुमंतु गिरोह के बदमाश
बड़ौत। छपरौली पुलिस ने तीन अगस्त 2019 को तुगाना पुलिया नहर के समीप मुठभेड़ मेें बावरिया गिरोह का पांच हजार इनामी दीपक निवासी अलाउद्दीनपुर थाना झिंझाना शामली को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में दीपक को पैर में गोली लगी थी। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि वह सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन में सुल्तानपुर से मुसाफिरखाना के बीच हुई लाखों की डकैती में बदमाश फरार चल रहा था। उस पर मुरादाबाद जीआरपी से पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसी साल16 जनवरी में खेकड़ा पुलिस ने चेंकिग के दौरान पाठशाला पुलिस चौकी के निकट 25 हजारी इनामी बावरिया धर्मेंद्र उर्फ बंटी उर्फ टिंडी, उसकी पत्नी आरती निवासी लोनी को गिरफ्तार किया था। बड़ौत पुलिस ने 4 मार्च 2020 को पूर्वी यमुना नहर पर बावली झाल के समीप मुठभेड में मेरठ जोन के टॉप की फेहरिस्त में शामिल बावरिया गैंग के कुख्यात पवन पुत्र लख्मी निवासी बहरा थाना धौलाना जनपद हापुड़ को गिरफ्तार किया। पवन के खिलाफ हत्या, लूट और डकैती के 35 मुकदमे मेरठ के थानों में दर्ज हैं।