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गैर कश्मीरी के लश्कर में शामिल होने से उड़े होश, मां घरों में करती है चौका-बर्तन

Tue, 11 Jul 2017 09:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर, कपिल कुमार 
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर, कपिल कुमार  Updated Tue, 11 Jul 2017 09:06 AM IST
सार

लश्कर में कब शामिल हुआ संदीप भनक तक नहीं लगा, सात माह पहले भाई के पास आया था फोन, बोला मुझे मिल गया काम, जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी पुलिस में तालमेल का अभाव, आतंकी की मां और भाभी से पूछताछ कर रही एटीएस, संदीप के भाई से पूछताछ करने के लिए एक टीम हरिद्वार रवाना हुई    

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यहां किराए पर रहता है संदीप का परिवार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

लश्कर-ए- तैयबा में संदीप शर्मा कब शामिल हो गया किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगा। उसके परिवार वालों को भी जानकारी नहीं है। उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। शहर में किराए के एक कमरे में रहकर उसकी मां घरों में चौका-बर्तन कर किसी तरह गुजर-बसर करती है। पुलिस ने आतंकी की मां और भाभी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पहली बार किसी गैर कश्मीरी युवक के लश्कर में शामिल पाए जाने से खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। 

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सात माह पहले भाई के पास किया था फोन

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पुलिस हिरासत में आतंकी की मां और भाभी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

नईमंडी थाने के मुस्तफाबाद-पचेंडा गांव निवासी 24 वर्षीय संदीप शर्मा अपने पिता रामकुमार शर्मा, भाई प्रवीण शर्मा के साथ यहां रहता था। वर्ष 1990 में गांव का मकान बेचकर शहर की आदर्श कॉलोनी में घर बनाया था। बाद में यह मकान भी बेच दिया। संदीप के ताऊ राजकुमार से उसके परिवार के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि संदीप के पिता रामकुमार हिमाचल में अंबा रोलिंग मिल में काम करते थे। पेट में इंफेक्शन होने की वजह से वर्ष 2006 में उनकी मौत हो गई थी। संदीप शर्मा की शहर के मालवीय विद्यामंदिर देवपुरम में कक्षा नौ तक पढ़ाई हुई। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर उसने एक दुकान पर वेल्डिंग का काम सीखा। वर्ष 2011 में संदीप शर्मा मुंबई चला गया। वहां उसने किसी ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम किया। अंतिम बार संदीप को वर्ष 2013 में अपने दादा मायाराम की तेरहवीं में देखा गया था। उसके बाद से वह मुजफ्फरनगर नहीं आया। सात माह पहले संदीप का अपने भाई प्रवीण के पास फोन जरूर आया था। प्रवीण को उसने बताया था कि उसे जम्मू में एक ठेकेदार के यहां 12 हजार रुपये प्रतिमाह की तनख्वाह पर वेल्डिंग का काम मिल गया है। कुछ दिन बाद भाई ने उसी नंबर पर कॉल की, तो वह नंबर उसके मकान मालिक का निकला। बाद में उस मकान को वह छोड़ चुका था।

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संदीप का भाई हरिद्वार में टैक्सी चालक

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संदीप का ताऊ राजकुमार शर्मा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

माना जा रहा है कि मुंबई में जिस ठेकेदार के साथ संदीप ने काम किया, वहीं से आतंकी तंजीमों से उसके तार जुड़ गए। संदीप का भाई हरिद्वार में टैक्सी चालक है। वह भी तीन-चार माह में एक बार मुजफ्फरनगर आता है। उसने न्यू अंकित विहार कॉलोनी में बरनावा के मूल निवासी गजेंद्र त्यागी के मकान में तीसरी मंजिल पर एक कमरा किराए पर लिया हुआ है। संदीप की मां प्रेमवती और प्रवीण की पत्नी रेखा अपने दो बच्चों के साथ इसी कमरे में रहते हैं। घर की माली हालत बेहद खराब है। प्रेमवती आसपास के घरों में चौका-बर्तन और उसकी बहू रेखा लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती है। रेखा के दो बच्चे आर्यन (7) और पीहू (3) भी साथ रहते हैं। बड़ी बेटी 13 वर्षीय मानू अपने मामा के घर खानपुर लक्सर में रहती है। संदीप के लश्कर से जुड़े होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई।  सोमवार दोपहर पुलिस पता खोजते हुए न्यू अंकित विहार पहुंची। पुलिस ने प्रेमवती और उसकी बहू रेखा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने फोन कर उसके भाई को भी हरिद्वार से बुलाया है। पहली बार किसी गैर कश्मीरी के लश्कर में शामिल पाए जाने से खुफिया एजेंसियों के होश उड़े हुए हैं। यह जानकारी जुटाई जा रही है कि संदीप शर्मा को लश्कर तक पहुंचाने वाले कौन हैं। वह कैसे उनके संपर्क में आया। स्थानीय स्तर पर कुछ और युवक उसके संपर्क में हैं या नहीं इन सब तथ्यों की गहनता से प्रारंभिक स्तर पर छानबीन की जा रही है।    

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पुलिस को घर तलाशने में लगे चार घंटे 

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आतंकी से संबंध में जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू-कश्मीर में लश्कर आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई है। पूरे मामले में जम्मू-कश्मीर और यूपी पुलिस में तालमेल की कमी देखी गई। जम्मू में प्रेस कांफ्रेंस होने के बाद ही स्थानीय पुलिस को इस मामले की जानकारी हुई। आतंकी का घर तलाशने में पुलिस को चार घंटे लग गए। गाजियाबाद से आई एटीएस की टीम भी दोनों महिलाओं से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
            

मां और भाभी से गोपनीय स्थान पर हो रही पूछताछ

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आतंकी के घर की सूचना पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सोमवार को जम्मू में आईजी मुनीर खां ने मीडिया को अनंतनाग में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए तैयबा के आतंकवादी संदीप शर्मा उर्फ आदिल को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। एसएसपी अनंत देव ने जम्मू के आईजी से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी ली। जानकारी मिली कि आतंकवादी संदीप शर्मा उर्फ आदिल पुत्र रामकुमार शर्मा मुजफ्फरनगर के सरवट इलाके की गली नंबर नौ का निवासी है। इसी जानकारी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग उसके मकान की तलाश में जुट गया। चार घंटे के बाद पुलिस को कामयाबी मिली। पता चला कि आतंकी संदीप शर्मा मूल रूप से नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मुस्तफाबाद का निवासी है। मुस्तफाबाद गांव पहुंची पुलिस को पता चला कि उनका परिवार तीन दशक पहले गांव से मकान बेचकर शहर चला गया था। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पॉश इलाके गांधी कालोनी के उप कालोनी न्यू अंकित विहार में संदीप शर्मा का मकान मिला। यहां परिजन किराए के मकान में रहते हैं। घर पर संदीप की मां प्रेमवती, भाभी रेखा और दो बच्चे सात साल का भतीजा आर्यन और तीन साल की भतीजी पीहू मिले। इसी बीच गाजियाबाद से यहां पहुंची एटीएस की टीम ने संदीप शर्मा की मां और भाभी को अपनी हिरासत में ले लिया। दोनों से किसी गोपनीय स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है। संदीप के भाई प्रवीण से संदीप के बारे में जानकारी लेने के लिए एक टीम हरिद्वार गई है।

भाई से पूछताछ करने एक पुलिस की एक टीम हरिद्वार रवाना

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आतंकी के बारे में जानकारी देते एसएसपी अनंत देव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर के एसएसपी अनंत देव ने बताया कि कश्मीर में पकड़ा गया आतंकी संदीप शर्मा यहां मुस्तफाबाद का मूल निवासी है। वर्तमान में उसके परिजन अंकित विहार में रहे हैं। पुलिस ने संदीप की मां और भाभी को हिरासत में लिया है, जिनसे संदीप के बारे में पूछताछ की जा रही है। उसके भाई से पूछताछ के लिए एक टीम को हरिद्वार भेजा गया है।

लश्कर में कब शामिल हुआ संदीप भनक तक नहीं लगा, सात माह पहले भाई के पास आया था फोन, बोला मुझे मिल गया काम, जम्मू-कश्मीर पुलिस और यूपी पुलिस में तालमेल का अभाव, आतंकी की मां और भाभी से पूछताछ कर रही एटीएस, संदीप के भाई से पूछताछ करने के लिए एक टीम हरिद्वार रवाना हुई    
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