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उदारीकरण ने पत्रकारिता का स्वरूप बदला
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 16 Mar 2016 02:34 AM IST
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सेमिनार में मौजूद छात्र और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने मंगलवार को बृहस्पति भवन में समकालीन पत्रकारिता की प्रवृत्ति एवं भारत विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। मुख्य अतिथि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विवि भोपाल के कुलपति प्रो. बीके कुठियाला रहे। उन्होंने कहा कि उदारीकरण ने पत्रकारिता का स्वरूप बदल दिया है।
विदेशी निवेश से सिर्फ पूंजी का ही निवेश नहीं होता, बल्कि संस्कृति और विचारधाराओं का भी समावेश होता है। मिशन से प्रोफेशन और बिजनेस से लाभ में बदलती पत्रकारिता में पेड न्यूज का चलन बढ़ा है। समाचार माध्यमों कारपोरेट जगत का नियंत्रण बढ़ रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बलदेव शर्मा ने कहा पत्रकारिता को मातृभूमि के लिए लोक जागरण करना चाहिए।
पत्रकारिता में सनसनी को तरजीह दी जा रही है। यह ध्यान रखना होगा कि खबरों के माध्यम से सही विश्लेषण हो और मीडिया का भारतीय स्वरूप बने। बदलाव के साथ मीडिया की जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है। सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा मीडिया का सामाजिक उत्तरदायित्व है कि वह समाज और राष्ट्रहित की चीजों का प्रसार करे।
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आज के दौर के हिसाब से मीडिया को अधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है। वह समाज का आइना है, जो समाज की दशा और दिशा तय करता है। समापन के मौके पर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक एनवायरमेंट एंड मीडिया का विमोचन किया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि डीडी न्यूज के सीनियर कंसलटेंट एडिटर केजी सुरेश ने कहा मीडिया अपनी जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति भूमिका से भली भांति परिचित है। जब से पूंजीपतियों ने पत्रकारिता को एक व्यवसाय के रूप में लिया है तब से गिरावट आई है।
उन्होंने कहा हताश और निराश होने की आवश्यकता नहीं है, जब हम ईमानदारी और इच्छाशक्ति से काम करेंगे तो नतीजे अच्छे आएंगे। प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, प्रो. वीके मल्होत्रा ने भी संबोधित किया। डॉ. प्रशांत कुमार संचालन और धन्यवाद ज्ञापित किया। सेमिनार में प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. पीके मिश्रा, प्रो. अर्चना शर्मा, प्रो. अतवीर सिंह मौजूद रहे।
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विदेशी निवेश से सिर्फ पूंजी का ही निवेश नहीं होता, बल्कि संस्कृति और विचारधाराओं का भी समावेश होता है। मिशन से प्रोफेशन और बिजनेस से लाभ में बदलती पत्रकारिता में पेड न्यूज का चलन बढ़ा है। समाचार माध्यमों कारपोरेट जगत का नियंत्रण बढ़ रहा है।
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नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बलदेव शर्मा ने कहा पत्रकारिता को मातृभूमि के लिए लोक जागरण करना चाहिए।
पत्रकारिता में सनसनी को तरजीह दी जा रही है। यह ध्यान रखना होगा कि खबरों के माध्यम से सही विश्लेषण हो और मीडिया का भारतीय स्वरूप बने। बदलाव के साथ मीडिया की जिम्मेदारी भी बढ़ती जा रही है। सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा मीडिया का सामाजिक उत्तरदायित्व है कि वह समाज और राष्ट्रहित की चीजों का प्रसार करे।
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आज के दौर के हिसाब से मीडिया को अधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है। वह समाज का आइना है, जो समाज की दशा और दिशा तय करता है। समापन के मौके पर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक एनवायरमेंट एंड मीडिया का विमोचन किया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि डीडी न्यूज के सीनियर कंसलटेंट एडिटर केजी सुरेश ने कहा मीडिया अपनी जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति भूमिका से भली भांति परिचित है। जब से पूंजीपतियों ने पत्रकारिता को एक व्यवसाय के रूप में लिया है तब से गिरावट आई है।
उन्होंने कहा हताश और निराश होने की आवश्यकता नहीं है, जब हम ईमानदारी और इच्छाशक्ति से काम करेंगे तो नतीजे अच्छे आएंगे। प्रतिकुलपति प्रो. एचएस सिंह, प्रो. वीके मल्होत्रा ने भी संबोधित किया। डॉ. प्रशांत कुमार संचालन और धन्यवाद ज्ञापित किया। सेमिनार में प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. पीके मिश्रा, प्रो. अर्चना शर्मा, प्रो. अतवीर सिंह मौजूद रहे।