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Meerut News: मेडिकल कॉलेज में नवजात का वेंटिलेटर हटाया, हालत गंभीर
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मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में जन्मे एक नवजात को वेंटिलेटर नहीं मिला। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उसकी हालत गंभीर है। परिजनों का आरोप है कि पहले दिन बच्चा वेंटिलेटर पर था। बाद में उसका वेंटिलेटर हटाया गया है। इसका विरोध किया तो उनसे धक्कामुक्की की गई। इसे लेकर परिजनों और व्यापारी नेताओं ने हंगामा किया।
मेडिकल कॉलेज के नजदीक ही कमालपुर गांव निवासी अमृता पत्नी प्रदीप ने शनिवार को एक बेटे को जन्म दिया। प्रदीप ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत थी। पहले दिन तो उसे वेंटिलेटर पर रखा, रविवार को कहा कि बच्चे को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत है, उसे किसी और अस्पताल में ले जाइये। वेंटिलेटर खाली नहीं है और बच्चे को वेंटिलेटर की जरूरत है। परिजनों ने अव्यवस्था का आरोप लगाया। कहा कि बाहर से दवा ला रहे थे तो कोई दिक्कत नहीं थी। जैसे ही यह कहा कि दवा बाहर से नहीं लाएंगे, यहीं से लेंगे, तो बच्चे का वेंटिलेटर हटा दिया। विरोध पर उनसे धक्कामुक्की और अभद्रता की गई।
सूचना पर मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू सिंह नागपाल व्यापारी नेताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मेडिकल के चिकित्सकों से बात की, मगर उनसे भी यही कहा गया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है। इस पर उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद उन्होंने बच्चे के मेडिकल के पास ही सरस अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया है। बच्चे के पिता और व्यापारी नेताओं का कहना था कि यह कैसी स्वास्थ्य व्यवस्था है, जहां सरकारी अस्पताल में नवजात को वेंटिलेटर भी नहीं मिल सकता है। जीतू नागपाल ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। सीएमओ से भी कार्रवाई की मांग की गई है।
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मेडिकल कॉलेज के नजदीक ही कमालपुर गांव निवासी अमृता पत्नी प्रदीप ने शनिवार को एक बेटे को जन्म दिया। प्रदीप ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत थी। पहले दिन तो उसे वेंटिलेटर पर रखा, रविवार को कहा कि बच्चे को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत है, उसे किसी और अस्पताल में ले जाइये। वेंटिलेटर खाली नहीं है और बच्चे को वेंटिलेटर की जरूरत है। परिजनों ने अव्यवस्था का आरोप लगाया। कहा कि बाहर से दवा ला रहे थे तो कोई दिक्कत नहीं थी। जैसे ही यह कहा कि दवा बाहर से नहीं लाएंगे, यहीं से लेंगे, तो बच्चे का वेंटिलेटर हटा दिया। विरोध पर उनसे धक्कामुक्की और अभद्रता की गई।
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सूचना पर मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू सिंह नागपाल व्यापारी नेताओं के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मेडिकल के चिकित्सकों से बात की, मगर उनसे भी यही कहा गया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है। इस पर उन्होंने हंगामा किया। इसके बाद उन्होंने बच्चे के मेडिकल के पास ही सरस अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया है। बच्चे के पिता और व्यापारी नेताओं का कहना था कि यह कैसी स्वास्थ्य व्यवस्था है, जहां सरकारी अस्पताल में नवजात को वेंटिलेटर भी नहीं मिल सकता है। जीतू नागपाल ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। सीएमओ से भी कार्रवाई की मांग की गई है।
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