UP: कड़ाके की ठंड के साथ मनेगा नए साल का जश्न,बर्फीली हवाओं से नहीं मिलेगी राहत, और बढ़ेगी सर्दी
नए साल का जश्न कड़ाके की ठंड के साथ मनेगा। मौसम विभाग की मानें तो अभी सर्दी से राहत के आसार नहीं है। ऐसे में भारी सर्दी के बीच ही नए साल का उत्सव मनाया जाएगा।
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नए साल का जश्न कड़ाके की ठंड के साथ मनेगा। मौसम विभाग की मानें तो अभी सर्दी से राहत के आसार नहीं है। 29 दिसंबर को बन रहा नया पश्चिमी विक्षोभ से आगामी 5 जनवरी तक ठंड का असर ऐसे ही बना रहेगा। वैज्ञानिकों की मानें तो बर्फीली हवाएं भी परेशान करेंगी।
क्रिसमस पर 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सर्दी लगातार रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रही है। पिछले 1 सप्ताह से लगातार बढ़ती ठंड ने शहरवासियों को घरों में कैद कर दिया है। मंगलवार का दिन भी सुबह से ही सर्दी से भरा रहा। तेज बर्फीली हवाओं के साथ सुबह हल्का कोहरा रहा है। दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 7 से 8 डिग्री नीचे आ गया है।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानी डॉ. यूपी शाही का कहना है की अभी बर्फीली हवाओं का दौर बना रहेगा। सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, जबकि दिन में हवा के चलने से मौसम काफी सर्द रहेगा 29 दिसंबर से फिर नया पश्चिमी विक्षोभ बन रहा है, जिस कारण से 5 जनवरी तक ठंड रहेगी। मैदानी क्षेत्रों में ठंड का असर अभी लगातार बना होने के कारण राहत नहीं मिल रही है।
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गेहूं के लिए वरदान आलू के लिए आफत बना मौसम
इस समय पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच गेहूं के लिए यह सर्दी वरदान साबित होगी साथ ही रात में पड़ रहा पाला और कोहरा आलू और गोभी, टमाटर, बेंगन आदि के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक होगी साथ ही जिन किसानों ने अगेती टमाटर की बुवाई की है, उसमें भी कोहरा और पाला के चलते झुलसा रोग आ सकता है।
सबसे ज्यादा ऐसे मौसम में आलू की फसल को नुकसान होता है। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ सेंगर का कहना है कि गेहूं के अलावा अन्य फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल नहीं है