मन में उमंग, निशाने में लगा रहे दम, शहजर ने हाल ही में जीता गोल्ड
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शहजर रिजवी, रवि कुमार और शपथ से प्रेरणा लेकर शहर में शूटरों की नयी पौध तैयार हो रही है। इन खिलाड़ियों में खेल के प्रति गजब का जज्बा है। जब इन्हें कैलाश प्रकाश स्टेडियम में स्थित मेरठ जिला रायफल एसोसिएशन की रेंज में अभ्यास से रोका गया तो खिलाड़ियों ने खुद की रेंज बना ली। अपने खर्च से ये होनहार लगातार एयर पिस्टल शूटिंग का अभ्यास कर रहे हैं। इनका सपना देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में इस समय 15 से 20 खिलाड़ी शूटिंग का अभ्यास कर रहे हैं। इन्होंने बताया कि शूटिंग रेंज तो मात्र औपचारिक तौर पर चल रही है। खिलाड़ियों ने खुद मेहनत कर शूटिंग रेंज को तैयार किया है। कोच संदीप नागर भी रेंज में नहीं आ रहे हैं। खेलों का नया सत्र शुरू होने के बाद ही कोच रेंज में आएंगे। खिलाड़ियों ने कहा कुछ शूटरों ने पिस्टल खरीद रखी है। जिससे सभी अभ्यास करते हैं। बता दें कि शहजर ने हाल में ही आईएसएसएफ विश्वकप में गोल्ड जीता। रवि कुमार ने ब्रांज जीतकर मेरठ का मान बढ़ाया। मेरठ के शपथ भारद्वाज ने जूनियर होने के बावजूद सीनियर शूटिंग प्रतिस्पर्धाओं के लिए क्वालीफाई किया।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होती हैं डिजिटल सुविधाएं
स्टेडियम में खिलाड़ी मैनुअल तरीके से शूटिंग अभ्यास कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल तरीके से शूटिंग स्पर्धाओं का आयोजन होता हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को बड़ी स्पर्धाओं में असुविधा होने का खतरा रहता है। इसका खिलाड़ियों को खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।
नयी रेंज तैयार कराई गई
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने बताया कि स्टेडियम में मेरठ जिला रायफल एसोसिएशन की रेंज है। पहले बच्चे वहां अभ्यास कर लेते थे, लेकिन कुछ समय से स्टेडियम के खिलाड़ियों को रेंज में जाने से रोक दिया गया। ऐसे में स्टेडियम में रेंज तैयार कराई गई है। जिसमें खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ियों को शूटिंग अभ्यास में हो रही असुविधाओं का जल्द समाधान किया जाएगा।
परिवार का मिल रहा सहयोग
ईव्ज चौराहा निवासी भारत वर्मा ने बताया वो एक साल से स्टेडियम में शूटिंग का अभ्यास कर रहे हैं। खुद के पैसों से ही पैलेट्स खरीदकर अभ्यास कर रहे हैं। मेरा सपना कामनवेल्थ और ओलंपिक गेम्स में पदक दिलाना है। परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
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अधिकारी कर रहे पूरा सपोर्ट
बागपत रोड निवासी अभिनव चौहान ने कहा स्टेडियम में असुविधाओं के बीच अभ्यास करना पड़ रहा है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी पूरा सहयोग कर रहे हैं। एमडीआरए की शूटिंग रेंज में अभ्यास नहीं करने दिया जाता है। तो अलग शूटिंग रेंज बनाकर अभ्यास शुरू किया है।
कोच नहीं आए
औरंगाबाद निवासी अब्दुल हक ने कहा शूटिंग रेंज को खुद तैयार कर अभ्यास शुरू किया है। अभी कोच भी नहीं आये हैं। नये सत्र के बाद कोच आएंगे। लेकिन सभी खिलाड़ी शूटिंग के अभ्यास को छोड़ना नहीं चाहते हैं।
पढ़ाई के साथ शूटिंग पसंद
परतापुर निवासी अंकित चौधरी ने बताया वो गगन नारंग के बहुत बड़े प्रशंसक हैं। नारंग को अपना आईडल मानकर शूटिंग रेंज में अभ्यास करने आ रहे हैं। हालांकि सुविधाओं को लेकर अभी बहुत कुछ रेंज में होना है। पढ़ाई के साथ एयर पिस्टल शूटिंग बहुत पसंद है।
बिंद्रा से मिली प्रेरणा
मवाना निवासी दानिश गनी ने कहा अभिनव बिंद्रा के बहुत बड़े फैन हैं। मेरे क्षेत्र मवाना के कई शूटर आज देश और दुनिया में नाम कमा रहे हैं। मेरा भी सपना है कि जल्द शूटिंग में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नया मुकाम हासिल करूं।
नहीं रुकना चाहिए अभ्यास
जागृति विहार निवासी आकाश गोस्वामी ने बताया स्टेडियम में शूटिंग रेंज की व्यवस्था नहीं थी। फिलहाल अस्थायी शूटिंग रेंज में अभ्यास शुरू किया है। शूटिंग में अभ्यास नहीं रुकना चाहिए। जिसके लिए सभी खिलाड़ी मेहनत कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलना सपना
गढ़ रोड़ स्थित मऊ खास निवासी अंकित तोमर के अनुसार शूटिंग को अपना जीवन मानते हैं। गांव में शूटिंग रेंज की सुविधा नहीं है। जिसके बाद स्टेडियम आकर अभ्यास शुरू किया है। मेरा सपना देश की टीम शूटिंग टीम में स्थान बनाकर सोना दिलाने का है।
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